—Advertisement—

Bhopal के कई इलाकों में भूजल जहरीला चार सैंपल फेल ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि से मचा हड़कंप

Author Picture
Published On: 8 January 2026
Bhopal में पानी बना जानलेवा
— Bhopal के खानूगांव सहित कई इलाकों में दूषित पानी की पुष्टि, जांच में 4 सैंपल फेल

—Advertisement—

Bhopal के कई इलाकों में भूजल जहरीला चार सैंपल फेल ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि से मचा हड़कंप

Bhopal मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में पीने के पानी को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति सामने आई है। शहर के खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर सहित कई इलाकों में भूजल दूषित पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम द्वारा कराई गई जांच में पानी के चार सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इन सैंपल्स में ई-कोलाई (E-Coli) बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

यह वही ई-कोलाई बैक्टीरिया है, जिसने हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में कहर बरपाया था। वहां दूषित पानी के सेवन से अब तक करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इंदौर की घटना के बाद पूरे प्रदेश में जल गुणवत्ता को लेकर अलर्ट जारी किया गया था और इसी क्रम में भोपाल के विभिन्न इलाकों से पानी के नमूने लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट अब सामने आई है।

चार पानी के सैंपल जांच में फेल

जांच एजेंसियों द्वारा लिए गए पानी के चार सैंपल निर्धारित मानकों पर फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन नमूनों में बैक्टीरियल कंटैमिनेशन पाया गया है, जिसमें विशेष रूप से ई-कोलाई बैक्टीरिया मौजूद है। ई-कोलाई आमतौर पर गंदे पानी, सीवेज या मानव व पशु मल से फैलता है और इसके सेवन से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, ई-कोलाई से डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, बुखार, डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होती हैं और गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए।

नगर निगम ने भूजल उपयोग पर लगाई रोक

पानी के सैंपल फेल होने की जानकारी मिलते ही भोपाल नगर निगम हरकत में आया। नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में भूजल के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी है। लोगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हैंडपंप, कुएं और बोरवेल का पानी पीने या घरेलू उपयोग में न लाएं।

हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि खानूगांव जैसे इलाकों में अब भी सैकड़ों परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक जल व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और टैंकरों से मिलने वाला पानी उनकी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है।

Bhopal  में पानी बना जानलेवा,
Bhopal में पानी के नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने के बाद इलाके में अलर्ट

खानूगांव में हालात सबसे गंभीर

खानूगांव क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां करीब दो हजार लोग अब भी दूषित भूजल पर निर्भर हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और प्रशासन को पानी की समस्या से अवगत कराया, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कई लोग पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतों से परेशान हैं। हालांकि, अभी तक किसी बड़े प्रकोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन लोगों में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है।

कुएं में जा रहा था सीवेज का पानी, वीडियो आया सामने

दो दिन पहले क्षेत्र के विधायक आतिफ अकील और पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद जहीर खानूगांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इस दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। निरीक्षण के समय कुएं में सीवेज का पानी जाता हुआ देखा गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

यह वीडियो पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद जहीर ने खुद रिकॉर्ड किया और इसे अधिकारियों के सामने रखा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह गंदा नाला कुएं से जुड़ा हुआ है, जिससे सीवेज का पानी सीधे भूजल स्रोत में मिल रहा है। इसी कारण इलाके का पानी दूषित होने की आशंका जताई जा रही है।

विधायक ने निगम अधिकारियों को लगाई फटकार

मौके पर मौजूद विधायक आतिफ अकील ने नगर निगम के इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समय रहते यदि नालों और सीवेज व्यवस्था की मरम्मत की जाती, तो आज लोगों को इस गंभीर संकट का सामना नहीं करना पड़ता।

विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उच्च स्तर पर इस मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लोगों की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वार्ड पार्षद का भी नाम आया सामने

खानूगांव जिस वार्ड में आता है, वहां की पार्षद रेहाना सुल्तान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पार्षद कार्यालय में भी कई बार पानी की शिकायत दर्ज कराई थी। अब जब मामला गंभीर हो गया है, तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।

प्रशासन ने दिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही दूषित जल स्रोतों को सील करने और सीवेज लाइन की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे उबला हुआ पानी ही पीएं और किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

इंदौर की घटना के बाद बढ़ी चिंता

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में ई-कोलाई संक्रमण से हुई मौतों के बाद पूरे प्रदेश में जल गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते भूजल और सीवेज सिस्टम की निगरानी नहीं की गई, तो Bhopal जैसे बड़े शहर में भी स्थिति भयावह हो सकती है।

निष्कर्ष

Bhopal में सामने आई यह घटना एक बार फिर शहरी बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर करती है। साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। यदि प्रशासन ने जल्द और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो यह समस्या एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके और किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp