भोपाल विजय मेवाड़ा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 हजार के इनामी आरोपी आसिफ बम को शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़ा है। जानें पूरी घटना और बुलडोजर एक्शन की ताजा अपडेट।
भोपाल विजय मेवाड़ा हत्याकांड: तीसरे आरोपी ‘आसिफ बम’ का शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में होटल संचालक विजय मेवाड़ा हत्याकांड ने एक नया और नाटकीय मोड़ ले लिया है। इस सनसनीखेज मामले के तीसरे और मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ ‘आसिफ बम’ का पुलिस के साथ शॉर्ट एनकाउंटर हुआ। यह एनकाउंटर तब हुआ जब पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी।
कैसे हुआ शॉर्ट एनकाउंटर? पुलिस से छीनी पिस्टल, फिर चली गोली
विजय मेवाड़ा हत्याकांड में फरार चल रहे 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी आसिफ बम को पुलिस ने बुधवार देर रात रातीबड़ इलाके से गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम उसे लेकर थाने की ओर रवाना हुई ही थी कि आसिफ ने मौका पाकर एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल झपट ली।
आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस मुठभेड़ में एक गोली आसिफ के पैर में लगी। घायल अवस्था में उसे तुरंत कड़ी सुरक्षा के बीच हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि यह पूरी घटना नियमों के तहत हुई है और आरोपी के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं।
विजय मेवाड़ा हत्याकांड: ऐसे हुई थी निर्मम हत्या
इस पूरे मामले की शुरुआत अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के प्रभात पेट्रोल पंप के पास एक मामूली विवाद से हुई थी। होटल संचालक विजय मेवाड़ा के साथ आरोपियों ने कहासुनी के बाद इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि उन पर धारदार गुप्ती से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में विजय के पेट और छाती पर गहरे घाव हो गए थे। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही पूरे भोपाल में तनाव का माहौल है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पहले ही दो आरोपियों, फरमान और इमरान को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि आसिफ बम फरार था, जिसका अब एनकाउंटर हुआ है।
प्रशासन का एक्शन मोड: मंत्री विश्वास सारंग का बुलडोजर अल्टीमेटम
विजय मेवाड़ा हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक और मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मृतक के परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री सारंग ने मौके से ही कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को फोन कर सख्त निर्देश दिए कि “अपराधियों के अवैध ठिकानों पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाए।” उन्होंने कहा, “पुलिस अपराधियों की सूची बनाकर घर-घर सर्वे करे और हर बदमाश को जेल भेजे। ऐसी कार्रवाई होगी कि अपराधियों की पीढ़ियां याद रखेंगी।” इस बयान के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया है और नगर निगम की टीमों को अवैध निर्माणों को चिन्हित करने के लिए लगा दिया गया है।
हिंदू समाज का आक्रोश: सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
इस हत्याकांड के बाद हिंदू समाज और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने बुधवार को राजधानी की सड़कों पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च करने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने पॉलिटेक्निक चौराहे पर उन्हें रोक दिया। इस दौरान नारेबाजी और हंगामा हुआ।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि विजय मेवाड़ा हत्याकांड के सभी आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, उनके अवैध निर्माणों पर तत्काल ‘बुलडोजर एक्शन’ लिया जाए। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
ताजा स्थिति: हाई अलर्ट और अवैध निर्माणों पर शिकंजा
विजय मेवाड़ा हत्याकांड में एनकाउंटर के बाद राजधानी भोपाल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित करने में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक, आसिफ बम के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं और उसके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
घटना के बाद से ही पूरे अशोका गार्डन और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है। पुलिस कमिश्नर ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की है। मंत्री सारंग के निर्देशों के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी बुलडोजर एक्शन करता है।
निष्कर्ष
विजय मेवाड़ा हत्याकांड ने भोपाल की सियासत और कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और शॉर्ट एनकाउंटर ने यह संदेश दिया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन के उस ‘बुलडोजर एक्शन’ पर टिकी हैं, जिसकी घोषणा मंत्री विश्वास सारंग ने की है। फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

