Bhopal बाणगंगा चौराहे पर बड़ा हादसा टला, ब्रेक फेल होने से 16 चक्के का ट्रक पीछे लुढ़का
गनीमत रही कि हादसा देर रात हुआ, जब चौराहे पर यातायात अपेक्षाकृत कम था। इसी वजह से ट्रक की चपेट में कोई अन्य वाहन या राहगीर नहीं आया और बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, दुर्घटना में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक घायल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में ब्रेक फेल होना हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है। घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की फिटनेस और ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच की जरूरत को सामने ला दिया है।
चढ़ाई पर अचानक फेल हुए ब्रेक
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार 4 सितंबर की देर रात एक 16 चक्के का ट्रक बाणगंगा चौराहे की चढ़ाई पर जा रहा था। इसी दौरान अचानक वाहन के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने ट्रक को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भारी वाहन पीछे की ओर तेजी से बढ़ने लगा।
ट्रक को इस तरह पीछे की ओर आते देख आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। चौराहा राजधानी के व्यस्त इलाकों में शामिल है, इसलिए कुछ ही समय में वहां मौजूद लोगों को पुराने हादसे की याद भी आ गई।
देर रात होने से टली जनहानि
हादसा देर रात हुआ, जिससे उस समय बाणगंगा चौराहे पर वाहनों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। यही वजह रही कि ट्रक किसी बड़े वाहन या राहगीर से नहीं टकराया और जनहानि होने से बच गई।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने स्थिति को संभाला और घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में ट्रक को नुकसान पहुंचा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन के ब्रेक अचानक किस वजह से फेल हुए।
2025 के स्कूल बस हादसे की यादें हुईं ताजा
बाणगंगा चौराहे पर हुई इस घटना ने 12 मई 2025 को हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे की यादें ताजा कर दीं। उस हादसे में स्कूल बस के ब्रेक फेल होने के बाद दुर्घटना हुई थी। हादसे में स्कूटी सवार डॉक्टर आयशा की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए थे।
करीब एक साल बाद उसी क्षेत्र में भारी वाहन के ब्रेक फेल होने की घटना सामने आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बाणगंगा चौराहे जैसे व्यस्त स्थान पर भारी वाहनों की तकनीकी जांच और यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
भारी वाहनों की फिटनेस पर सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर भारी वाहनों की फिटनेस और ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चढ़ाई और ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारी वाहनों को सड़क पर उतारने से पहले ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सों की जांच जरूरी है। खासतौर पर शहर के व्यस्त मार्गों पर चलने वाले भारी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच दुर्घटनाओं की संभावना को कम कर सकती है।
फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। राहत की बात यह है कि इस बार दुर्घटना में किसी राहगीर या अन्य वाहन सवार की जान नहीं गई। लेकिन बाणगंगा चौराहे पर हुई यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तकनीकी फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
