Bhopal ट्विशा शर्मा सुसाइड केस: दहेज हत्या मामले में रिटायर्ड जज को अग्रिम जमानत, बेटे की याचिका पर 18 मई को सुनवाई
Bhopal में चर्चित ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में दहेज हत्या के आरोपों का सामना कर रही आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। वहीं, उनके बेटे और मृतका के पति समर्थ सिंह की जमानत याचिका पर अभी फैसला नहीं हो सका है। कोर्ट ने उनकी याचिका को सुरक्षित रखते हुए 18 मई 2026 को अगली सुनवाई तय की है।
यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और इसमें नए खुलासे तथा कानूनी कार्रवाई ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
रिटायर्ड जज को अग्रिम जमानत क्यों मिली?
कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह उम्रदराज हैं और न्यायपालिका में लंबे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं। उनके खिलाफ पहले किसी तरह का आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं रहा है। इसके अलावा, अदालत ने यह भी माना कि उनके फरार होने या जांच से बचने की संभावना कम है।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। इस फैसले के बाद मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील रूप ले लिया है।
पति समर्थ सिंह पर गंभीर आरोप
एफआईआर में मृतका ट्विशा शर्मा के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार शादी के बाद से ही ट्विशा को लगातार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि समर्थ सिंह अक्सर यह कहता था कि शादी में किए गए खर्च उसके “स्टैंडर्ड” के अनुरूप नहीं हैं।
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि शादी के बाद ट्विशा को घर के खर्च के लिए पर्याप्त पैसे नहीं दिए जाते थे, जिसके कारण उनके माता-पिता को ऑनलाइन आर्थिक सहायता भेजनी पड़ती थी।
घटना वाली रात क्या हुआ था?
परिवार के अनुसार, घटना 12 मई की रात की है। उस समय ट्विशा अपनी मां से फोन पर बातचीत कर रही थीं। कॉल के दौरान अचानक समर्थ सिंह कमरे में आए और गुस्से में पूछा कि वह किससे बात कर रही हैं। इसके तुरंत बाद फोन कॉल कट गया और ट्विशा का मोबाइल भी बंद हो गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्होंने लगातार करीब 20 मिनट तक समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में रात करीब 10:35 बजे गिरिबाला सिंह ने कॉल उठाया और कहा कि “She is no more”, इसके बाद फोन काट दिया गया।
इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया और उन्होंने इसे संदिग्ध परिस्थितियों में मौत बताते हुए जांच की मांग की।
परिवार का गंभीर आरोप और न्याय की मांग
मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से बड़ी संख्या में वकील मौजूद थे, जिससे माहौल दबावपूर्ण लग रहा था।
परिवार ने यह भी दावा किया कि सुनवाई के दौरान परिस्थितियां उनके खिलाफ दिखाई दीं, जिससे उन्हें न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाने पड़े हैं।
कोर्ट में तनावपूर्ण माहौल
15 मई को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में तनाव की स्थिति देखने को मिली। आरोप है कि आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की ओर से कई वकील मौजूद थे। स्थिति को देखते हुए मृतका के भाई ने सेना के 3 ईएमई सेंटर के जवानों को कोर्ट परिसर में बुलाया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई।
यह मामला अब केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय भी बन गया है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल अदालत ने समर्थ सिंह की जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा है और 18 मई 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की है। इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह तय करेगी कि आरोपी को राहत मिलती है या नहीं।
वहीं, जांच एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
निष्कर्ष
Bhopal ट्विशा शर्मा सुसाइड केस अब लगातार नए मोड़ ले रहा है। एक ओर अदालत ने रिटायर्ड जज को अग्रिम जमानत दे दी है, वहीं दूसरी ओर पति की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हैं। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है। आने वाली सुनवाई इस केस में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
