Bhopal Twisha Sharma Death Case Update: ट्विशा शर्मा मौत मामला CBI को सौंपा गया, भोपाल में FIR दर्ज
Bhopal में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। CBI की टीम भोपाल पहुंच चुकी है और स्थानीय पुलिस से केस की फाइल अपने कब्जे में लेकर आधिकारिक FIR दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, CBI इस मामले की विस्तृत जांच 26 मई 2026, मंगलवार से औपचारिक रूप से शुरू करेगी।
CBI जांच शुरू, भोपाल में दर्ज हुई FIR
CBI द्वारा दर्ज की गई FIR में इस मामले से जुड़े कई गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। FIR के अनुसार, ट्विशा शर्मा की शादी समर्थ सिंह के साथ 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के बाद से ही उस पर दहेज को लेकर दबाव और मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
CBI की टीम अब इस बात की जांच करेगी कि किन परिस्थितियों में ट्विशा की मौत हुई और क्या यह मामला दहेज प्रताड़ना से जुड़ा हुआ है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी शामिल हैं।
FIR में पति और सास पर गंभीर आरोप
CBI FIR में मृतका के पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को लगातार दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था और उसके साथ मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना की गई।
परिवार के आरोपों के आधार पर यह भी कहा गया है कि उसे लगातार दबाव में रखा जाता था और कई बार प्रताड़ना की घटनाएं सामने आई थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि
मामले में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा शर्मा की मौत फांसी लगाने से हुई है। पुलिस और मेडिकल जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसकी मृत्यु आत्महत्या के कारण हुई, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान भी पाए गए हैं।
FIR में उल्लेख किया गया है कि मृतका के शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोटों के निशान मिले हैं, जो कथित तौर पर मारपीट और किसी भारी वस्तु से चोट लगने का संकेत देते हैं।
मौत से पहले की जानकारी और घटनाक्रम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ट्विशा शर्मा की मौत की जानकारी 12 मई 2026 की रात लगभग 10 बजकर 20 मिनट पर सामने आई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच शुरू की गई थी।
इसके बाद मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें फांसी से मौत की पुष्टि हुई। हालांकि, चोटों और पारिवारिक आरोपों ने मामले को संदिग्ध बना दिया, जिसके चलते अब जांच CBI को सौंप दी गई है।
दहेज प्रताड़ना के आरोप भी शामिल
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया है कि शादी के बाद से ही लगातार दहेज की मांग की जा रही थी। इसी कारण ट्विशा पर मानसिक दबाव बढ़ता गया और उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
FIR में यह भी कहा गया है कि परिवार ने कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण अंततः इसे उच्च स्तर पर जांच के लिए भेजा गया।
मध्यप्रदेश सरकार ने CBI को सौंपा केस
मध्यप्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम (DSPE Act) की धारा 6 के तहत केस CBI को ट्रांसफर कर दिया है। सरकार की मंजूरी के बाद अब CBI इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करेगी।
CBI अब यह पता लगाएगी कि यह मामला आत्महत्या है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश या हत्या की संभावना जुड़ी हुई है।
आगे की जांच पर नजर
CBI की टीम अब गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। इसके साथ ही आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करने की कोशिश करेगी कि आखिर ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे असली वजह क्या थी।
निष्कर्ष
Bhopal ट्विशा शर्मा मौत मामला अब राज्य पुलिस से निकलकर CBI के हाथ में पहुंच चुका है, जिससे जांच और अधिक गहराई और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
