Bhopal में व्यापारी आंदोलन: 7 सितंबर को होशंगाबाद रोड बाजार बंद, सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ निकलेगी रैली
आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने जताया आक्रोश
Bhopal । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में होशंगाबाद रोड व्यापारी संघ ने 7 सितंबर को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है। व्यापारी नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर रैली भी निकालेंगे।
व्यापारियों के अनुसार, 7 सितंबर को सुबह 11 बजे वृंदावन ढाबा पर व्यापारी एकत्र होंगे। इसके बाद सभी व्यापारी बागसेवनिया थाने तक रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
होशंगाबाद रोड से समरधा तक बाजार बंद रखने की तैयारी
होशंगाबाद रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजवीर सिंह के अनुसार, 7 सितंबर को होशंगाबाद रोड से लेकर दानिश नगर और 11 मील से समरधा क्षेत्र तक बड़ी संख्या में दुकानें बंद रखी जाएंगी।
व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई से कारोबारियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। उनका आरोप है कि लंबे समय से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर अचानक कार्रवाई किए जाने से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
व्यापारी संघ की ओर से मांग की जाएगी कि सीलिंग कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और कारोबारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाए।
व्यापारी महासंघ ने भी दिया समर्थन
व्यापारियों के प्रस्तावित बाजार बंद और रैली को भोपाल व्यापारी महासंघ का भी समर्थन मिला है। महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने व्यापारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े रहने की बात कही है।
महासंघ के समर्थन के बाद आंदोलन को व्यापक रूप मिलने की संभावना है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी कार्रवाई के खिलाफ व्यक्तिगत विरोध नहीं, बल्कि कारोबारियों की समस्याओं और उनके व्यवसाय से जुड़े अधिकारों को लेकर है।
12 दिन से सीलिंग कार्रवाई पर लगा ब्रेक
इधर, नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई फिलहाल धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पिछले 12 दिनों से नए नोटिस जारी नहीं किए गए हैं।
इसके अलावा पिछले चार दिनों से सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि दो दिनों से पंचनामा बनाने की प्रक्रिया भी रुकी हुई बताई जा रही है।
ऐसे में अब व्यापारियों की नजर नगर निगम की अगली कार्रवाई पर है। वहीं 7 सितंबर के प्रस्तावित बंद और रैली के बाद प्रशासन का रुख भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
62,500 व्यावसायिक संपत्तियों पर कार्रवाई का लक्ष्य
नगर निगम ने करीब 62,500 व्यावसायिक संपत्तियों में कार्रवाई के लिए 20 दिनों का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसी अभियान के तहत आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नोटिस और अन्य कार्रवाई की जा रही है।
अब तक नगर निगम की ओर से 8,084 नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 275 कारोबारियों को अंतिम नोटिस दिया गया है।
इसके अलावा 190 संस्थानों की व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराई जा चुकी हैं।
कार्रवाई को लेकर आमने-सामने व्यापारी और निगम
नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर नियंत्रण करना बताया जा रहा है। दूसरी ओर व्यापारी संगठनों का कहना है कि कार्रवाई से पहले कारोबारियों की व्यावहारिक समस्याओं और लंबे समय से संचालित प्रतिष्ठानों की स्थिति पर भी विचार किया जाना चाहिए।
व्यापारियों का कहना है कि अचानक सीलिंग किए जाने से न केवल दुकानदार बल्कि उनके यहां काम करने वाले कर्मचारी और कारोबार से जुड़े अन्य लोग भी प्रभावित होते हैं।
7 सितंबर को प्रदर्शन पर रहेगी नजर
अब 7 सितंबर को होने वाला बाजार बंद और रैली इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। सुबह 11 बजे वृंदावन ढाबा से शुरू होने वाली रैली के जरिए व्यापारी बागसेवनिया थाने तक पहुंचकर अपनी मांगों को सामने रखेंगे।
व्यापारियों की प्रमुख मांग नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर रोक लगाने और संबंधित मामलों में समाधान निकालने की है।
फिलहाल नगर निगम की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में 7 सितंबर के आंदोलन के बाद प्रशासन और व्यापारियों के बीच बातचीत होती है या कार्रवाई का सिलसिला फिर तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
