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Bhopal में टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल, किराया बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन

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Published On: 19 August 2026
Bhopal में टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल, किराया बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन

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भोपाल में टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल, किराया बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन

बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास टैक्सियां खड़ी कर ड्राइवरों ने जताया विरोध, परिवहन मंत्री से मुलाकात के बाद तय होगा अगला कदम

Bhopal। किराया बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल में बुधवार को टैक्सी ड्राइवरों ने हड़ताल शुरू कर दी। बड़ी संख्या में टैक्सी चालकों ने बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास वाहन खड़े कर विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते शहर में टैक्सी सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति बनी है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, शहरव्यापी वॉकआउट के कारण ऐप आधारित कैब सेवाएं भी काफी हद तक प्रभावित हुईं और यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

किराया बढ़ाने की प्रमुख मांग

टैक्सी ड्राइवर संगठनों का कहना है कि मौजूदा किराया व्यवस्था में वाहन चलाना और परिवार का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। ड्राइवरों ने सरकार और संबंधित विभाग से किराया बढ़ाने की मांग की है।

ड्राइवरों का कहना है कि ईंधन, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी के बावजूद उनकी आय के अनुरूप किराया तय नहीं किया गया है। ऐसे में वर्तमान किराया व्यवस्था में काम करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

भोपाल में टैक्सी किराए को लेकर पहले भी ड्राइवर संगठनों की ओर से मांगें उठती रही हैं। जून में प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी टैक्सी यूनियनों द्वारा ईंधन लागत और मौजूदा किराया ढांचे को लेकर चिंता जताई गई थी।

एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी पर रोक की मांग

टैक्सी ड्राइवरों ने केवल किराया बढ़ाने की मांग ही नहीं की है, बल्कि एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी पर रोक लगाने की भी मांग उठाई है।

ड्राइवर संगठनों का आरोप है कि ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं में ड्राइवरों को मिलने वाली राशि और कंपनियों की नीतियों को लेकर कई तरह की समस्याएं हैं। उनका कहना है कि ड्राइवरों की मेहनत और खर्च को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे उन्हें उचित आमदनी मिल सके।

ड्राइवरों ने अपनी मांगों को लेकर संगठित तरीके से प्रशासन के सामने आवाज उठाने का निर्णय लिया है।

प्राइवेट वाहनों के इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारी टैक्सी चालकों ने प्राइवेट वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग भी की है।

उनका कहना है कि यदि निजी वाहनों का इस्तेमाल व्यावसायिक यात्रियों को ढोने के लिए किया जा रहा है, तो इससे वैध परमिट और नियमों के तहत चलने वाले टैक्सी ऑपरेटरों पर असर पड़ता है। इसलिए परिवहन विभाग को ऐसे मामलों में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

ड्राइवर संगठनों का कहना है कि व्यावसायिक परिवहन के लिए समान नियम लागू होने चाहिए और नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए।

मंगलवार को हुई बैठक रही बेनतीजा

हड़ताल से पहले मंगलवार को परिवहन अधिकारियों और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। हालांकि, बैठक में मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी।

बैठक के सफल नहीं होने के बाद टैक्सी संगठनों ने बुधवार को हड़ताल पर जाने का फैसला किया। इसके बाद राजधानी में टैक्सी चालकों ने एकजुट होकर प्रदर्शन शुरू किया।

अब इस विवाद को समाप्त करने के लिए प्रशासन और टैक्सी संगठनों के बीच आगे की बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

परिवहन मंत्री से मिलेंगे टैक्सी संगठन

बुधवार को टैक्सी यूनियन और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात करेंगे।

इस बैठक में टैक्सी चालकों की प्रमुख मांगों को मंत्री के सामने रखा जाएगा। किराया बढ़ाने, एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े मुद्दों और प्राइवेट वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई सहित अन्य विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

मंत्री के साथ होने वाली बैठक के बाद टैक्सी ड्राइवर संगठन आगे की रणनीति तय करेंगे।

यात्रियों पर पड़ सकता है असर

टैक्सी सेवाओं के बंद रहने से भोपाल में रोजाना टैक्सी और ऐप आधारित कैब का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। खासतौर पर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट और शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों तक आने-जाने वाले यात्रियों पर इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है।

शहरव्यापी हड़ताल के कारण ऐप आधारित कैब सेवाओं में भी बड़ी बाधा आने की रिपोर्ट सामने आई है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

अब बातचीत पर टिकी नजर

टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल के बीच अब सभी की नजर परिवहन मंत्री के साथ होने वाली बैठक पर है। यदि सरकार और टैक्सी संगठनों के बीच मांगों को लेकर सहमति बनती है तो हड़ताल समाप्त हो सकती है।

वहीं, यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता है तो टैक्सी संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने पर फैसला ले सकते हैं।

फिलहाल टैक्सी चालकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और सरकार के सामने किराया संशोधन समेत कई मुद्दे रखे हैं। आने वाले घंटों में परिवहन विभाग और टैक्सी यूनियनों के बीच होने वाली बातचीत से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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