Bhopal News Mining Mafia: मध्यप्रदेश में अवैध खनिज परिवहन रोकने के लिए सरकार 40 AI आधारित ई-चेकपोस्ट लगा रही है। नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर कैमरों को चकमा देने वाले डंपरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
Bhopal News Mining Mafia: AI निगरानी से अवैध खनिज परिवहन पर लगेगी लगाम
मध्यप्रदेश में अवैध खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग की समस्या लंबे समय से सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। खासतौर पर राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में खनिज माफिया लगातार नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं।
अब सरकार इस पर सख्ती करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था के तहत प्रदेश में 40 ई-चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं और 25 जिलों में कमांड सेंटर तैयार किए जा चुके हैं। विधि विभाग की मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की बैठक में अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद अवैध खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की पहचान करना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।
मध्यप्रदेश में अवैध खनिज परिवहन की समस्या
मध्यप्रदेश खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां रेत, गिट्टी, पत्थर और अन्य खनिजों का बड़े पैमाने पर खनन होता है। लेकिन इसके साथ ही अवैध खनन और अवैध परिवहन की समस्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर खनिज माफिया नियमों को दरकिनार कर ओवरलोडिंग करते हैं और बिना अनुमति के खनिज का परिवहन करते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और सड़कों को भी भारी क्षति पहुंचती है।इसी समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है।
Bhopal News Mining Mafia: 40 AI ई-चेकपोस्ट की तैयारी
खनिज विभाग ने राजधानी भोपाल सहित कई प्रमुख मार्गों पर ई-चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। इनमें प्रमुख स्थान हैं:
- ओबेदुल्लागंज
- ईंटखेड़ी
- बंगरसिया
- इंदौर का सानावदिया-नायता मुंडला बायपास
इन ई-चेकपोस्ट पर लगाए गए कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और लगभग 200 मीटर दूरी से भी वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ सकते हैं।यह पूरी प्रणाली एक केंद्रीकृत कमांड सेंटर से जुड़ी होगी, जहां से सभी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।
AI तकनीक की मदद से यह सिस्टम स्वतः पहचान करेगा कि कौन-सा वाहन खनिज परिवहन कर रहा है और उसके पास वैध अनुमति है या नहीं।
कैमरों को चकमा देने के नए तरीके
खनिज विभाग की जांच में यह सामने आया है कि अवैध खनिज परिवहन में लगे कई वाहन चालक कैमरों से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।
सबसे ज्यादा सामने आए तरीके:
1 नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाना
कुछ वाहन चालक नंबर प्लेट पर ग्रीस या मिट्टी लगा देते हैं जिससे कैमरा नंबर पढ़ नहीं पाता।
2 अधूरे नंबर लिखना
कुछ वाहनों की नंबर प्लेट पर जानबूझकर अधूरे या गलत नंबर लिखे होते हैं।
3 नंबर प्लेट पर पट्टी चिपकाना
कई मामलों में नंबर प्लेट पर टेप या पट्टी चिपका दी जाती है।
4 एक नंबर प्लेट कई वाहनों में
कुछ खनिज माफिया एक ही नंबर प्लेट का उपयोग कई डंपरों में कर रहे हैं।इन सभी मामलों का डेटा खनिज विभाग अलग से तैयार कर रहा है ताकि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
मोबाइल पर सीधे पहुंचेगा चालान
नई डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद अवैध खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह तकनीकी आधार पर होगी।
प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
- कैमरा वाहन का नंबर रिकॉर्ड करेगा
- डेटा सीधे नियंत्रण कक्ष में पहुंचेगा
- वहां ई-ट्रांजिट पास से मिलान किया जाएगा
- गड़बड़ी मिलने पर तुरंत चालान जारी होगा
इसके बाद वाहन मालिक के मोबाइल पर ऑनलाइन चालान और सूचना भेज दी जाएगी।
वाहन मालिक को चालान जमा करने के लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा। समय सीमा के बाद अतिरिक्त दंड के साथ कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल चिप से होगी वाहनों की पहचान
सरकार खनिज परिवहन करने वाले वाहनों को फास्टटैग की तरह डिजिटल चिप देने की भी तैयारी कर रही है।
इस चिप में निम्न जानकारी दर्ज होगी:
- वाहन नंबर
- भार क्षमता
- चेसिस नंबर
- वाहन मालिक की जानकारी
यदि किसी कारण से कैमरा नंबर प्लेट पढ़ने में असफल रहता है तो चिप के माध्यम से वाहन की पहचान तुरंत की जा सकेगी।यह तकनीक अवैध परिवहन को रोकने में बेहद प्रभावी साबित हो सकती है।
अन्य विभागों को भी मिलेगा फायदा
ई-चेकपोस्ट पर लगाए गए कैमरों का उपयोग केवल खनिज विभाग ही नहीं बल्कि अन्य विभाग भी कर सकेंगे।
इनमें शामिल हैं:
- पुलिस विभाग
- वन विभाग
- परिवहन विभाग
इन कैमरों की मदद से निम्न गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी:
- अपराधियों की पहचान
- अवैध शराब तस्करी
- तेज रफ्तार वाहन
- अवैध लकड़ी परिवहन
इस तरह यह प्रणाली कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डिजिटल निगरानी से भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक
खनिज विभाग का मानना है कि डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद अधिकारियों पर लगने वाले “पैसे लेकर वाहन छोड़ने” जैसे आरोपों में भी कमी आएगी।क्योंकि:
- चालान कैमरों के आधार पर स्वतः जारी होगा
- मानवीय हस्तक्षेप कम होगा
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जा रही AI आधारित ई-चेकपोस्ट प्रणाली अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।अगर यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो:
- खनिज माफियाओं पर लगाम लगेगी
- सरकारी राजस्व बढ़ेगा
- सड़कों को नुकसान कम होगा
- निगरानी प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी
भोपाल सहित पूरे प्रदेश में यह डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद खनिज परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
