भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए शहरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने तीन चरणों के निरीक्षण के बाद भोपाल मेट्रो के कमर्शियल संचालन को मंजूरी दे दी है। इससे सुभाष नगर से एम्स तक के प्राथमिकता कॉरिडोर पर दिसंबर से मेट्रो सेवा शुरू होने की उम्मीद मजबूत हो गई है।
प्राथमिकता कॉरिडोर का विवरण :
- लंबाई: 6.22 किलोमीटर
- कुल स्टेशन: 8
- रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई है और नई दिल्ली से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संचालन शुरू किया जाएगा।
- चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो का लोकार्पण कर सकते हैं और संभव है कि वे पहले यात्री भी बनें। वर्चुअल उद्घाटन की संभावना भी बनी हुई है।

टिकटिंग और प्रारंभिक व्यवस्था
शुरुआती दिनों में यात्रियों को मैन्युअल तरीके से टिकट मिलेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि टिकटिंग सिस्टम संभालने वाली तुर्की की कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया गया है। नई एजेंसी के चयन तक यही अस्थायी व्यवस्था जारी रहेगी, जैसा कि फिलहाल इंदौर मेट्रो में लागू है।
सुरक्षा और निरीक्षण
CMRS ने 12 से 15 नवंबर के बीच डिपो, ट्रैक, ट्रेन, स्टेशन और सुरक्षा मानकों का विस्तृत निरीक्षण किया। इसमें शामिल थे:
- ट्रेन कंट्रोल सिस्टम
- फायर सेफ्टी
- लिफ्ट-एस्केलेटर
- पब्लिक एड्रेस सिस्टम
- पैसेंजर सुविधाएं
अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक मानक पूरे कर लिए गए हैं और स्टेशन पर बचे मामूली कार्य संचालन में बाधा नहीं बनेंगे।

परियोजना का इतिहास और आगे की योजना
भोपाल मेट्रो परियोजना की शुरुआत 2018 में हुई थी। पहले चरण के पूरा होने के बाद करोंद तक विस्तार कार्य तेज़ी से आगे बढ़ेगा। अब राजधानी के लोग जल्द ही आधुनिक और तेज़ परिवहन व्यवस्था Bhopal Metro का आनंद ले सकेंगे।
