Bhopal मास्टर प्लान-2047 अंतिम चरण में, बदलेंगे विकास और निर्माण के नियम
Bhopal । राजधानी भोपाल के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा मास्टर प्लान-2047 अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारी पिछले करीब डेढ़ महीने से मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। योजना के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास और निर्माण के नए मानक तय किए जाने की तैयारी है।
मास्टर प्लान में भवन निर्माण, भूमि विकास, व्यावसायिक गतिविधियों, पार्किंग और जोनिंग से जुड़े कई प्रावधानों पर विस्तार से विचार किया जा रहा है। अधिकारियों की बैठक में इन नियमों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है।
अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा प्लानिंग एरिया
प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत भोपाल के पूरे प्लानिंग एरिया को अलग-अलग जोन में विभाजित करने की तैयारी है। इसमें मुख्य रूप से रिहायशी, व्यावसायिक, औद्योगिक और ग्रीन जोन शामिल होंगे। प्रत्येक जोन के लिए उसकी प्रकृति और उपयोग के अनुरूप अलग-अलग विकास एवं निर्माण नियम निर्धारित किए जा सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को व्यवस्थित करना है। पुराने शहर और मास्टर प्लान में नए शामिल किए गए क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग प्रावधान किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नए नियम
मास्टर प्लान में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति को लेकर भी कई विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए प्लॉट का आकार, सड़क की चौड़ाई, पार्किंग व्यवस्था और संबंधित क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे मानकों को आधार बनाया जा सकता है।
इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार के आवासीय क्षेत्र में किस स्तर की व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। अधिकारियों द्वारा इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
14 साल पुराने भूमि विकास नियमों में बदलाव की तैयारी
मास्टर प्लान के साथ करीब 14 साल पुराने भूमि विकास नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। नए प्रावधानों में बड़े शहरों की तर्ज पर ऊंची इमारतों के निर्माण को लेकर नियम शामिल किए जा सकते हैं।
ऊंची इमारतों के निर्माण के लिए मार्जिनल ओपन स्पेस सहित अन्य जरूरी मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। इन मानकों के आधार पर अधिक निर्माण की अनुमति देने से जुड़े प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है।
ग्रीन टीडीआर समेत कई नए प्रावधान
मास्टर प्लान-2047 में ग्रीन टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) जैसे प्रावधान भी शामिल किए जाने की तैयारी है। इसके अलावा शहर के सुनियोजित विकास, भूमि उपयोग और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अन्य प्रावधानों को भी ड्राफ्ट में जगह दी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार मास्टर प्लान का ड्राफ्ट करीब 200 पेज का तैयार किया गया है। इसमें शहर के दीर्घकालीन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।
अंतिम रूप देने के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने के बाद इसे आगे की निर्धारित प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। वर्तमान में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के स्तर पर नियमों और प्रस्तावित प्रावधानों की समीक्षा की जा रही है।
मास्टर प्लान-2047 के जरिए भोपाल में आने वाले वर्षों में भूमि उपयोग, आवासीय विस्तार, व्यावसायिक गतिविधियों, औद्योगिक क्षेत्रों और हरित क्षेत्रों के विकास को व्यवस्थित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए नियम लागू होने के बाद शहर के विकास और निर्माण गतिविधियों के लिए एक दीर्घकालीन नियोजन ढांचा तैयार होने की उम्मीद है।
