भोपाल-इंदौर हाईवे पर 23 से 25 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्ट, कुबेरेश्वर धाम कांवड़ यात्रा के चलते बदला रूट
यात्रा से पहले जान लें नया ट्रैफिक प्लान; छोटे वाहनों को करीब 9 किमी और भारी वाहनों को करीब 80 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा
भोपाल/सीहोर। भोपाल से इंदौर या सीहोर के कुबेरेश्वर धाम की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। सावन के दौरान निकाली जाने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए भोपाल-इंदौर हाईवे पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 23 अगस्त से 25 अगस्त तक विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं।
यातायात डायवर्जन 23 अगस्त की सुबह 6 बजे से लागू होगा और 25 अगस्त की रात 12 बजे तक प्रभावी रहने की जानकारी है। इस दौरान भोपाल-इंदौर मार्ग से यात्रा करने वाले वाहन चालकों को सामान्य दिनों की तुलना में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। भारी वाहनों के लिए लंबा वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है, जबकि कार, बस और अन्य छोटे वाहनों को सीहोर के आसपास से डायवर्ट किया जाएगा।
सीवन तट से कुबेरेश्वर धाम तक निकलेगी कांवड़ यात्रा
जानकारी के अनुसार कांवड़ यात्रा सीहोर के सीवन तट से प्रारंभ होकर कुबेरेश्वर धाम तक जाएगी। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कांवड़ियों की सुरक्षा और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।
कांवड़ यात्रा के दौरान भोपाल-इंदौर हाईवे के कुछ हिस्सों पर सामान्य यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी लेने की अपील की है।
23 अगस्त सुबह 6 बजे से लागू होगा डायवर्जन
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव 23 अगस्त को सुबह 6 बजे से शुरू होगा। यह व्यवस्था लगातार तीन दिनों तक यानी 25 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी।
इस अवधि में भोपाल से इंदौर और इंदौर से भोपाल के बीच यात्रा करने वालों को बदले हुए मार्ग से गुजरना होगा। खास तौर पर भारी मालवाहक वाहनों के लिए मुख्य मार्ग पर प्रतिबंध के कारण काफी लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ सकता है।
भारी वाहनों को करना पड़ेगा करीब 80 किमी अतिरिक्त सफर
भोपाल-इंदौर हाईवे पर भारी वाहनों के आवागमन के लिए अलग डायवर्जन प्लान बनाया गया है। भोपाल की ओर से इंदौर दिशा में जाने वाले भारी वाहनों को मुबारकपुर जोड़ और तुमड़ा जोड़ से डायवर्ट किया जाएगा।
इन वाहनों को श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा, शाजापुर और मक्सी होते हुए आगे भेजा जाएगा। इंदौर की ओर से भोपाल आने वाले भारी वाहनों के लिए भी इसी वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस डायवर्जन के कारण भारी वाहन चालकों को सामान्य मार्ग की तुलना में करीब 80 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। ऐसे में ट्रक और अन्य मालवाहक वाहनों के चालकों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय और ईंधन का ध्यान रखना होगा।
कन्नौद-खातेगांव से आने वाले वाहनों के लिए अलग रास्ता
कन्नौद और खातेगांव की दिशा से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। इन वाहनों को आष्टा, शुजालपुर, पचोर और ब्यावरा की ओर से निकाला जाएगा।
यातायात व्यवस्था में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य कुबेरेश्वर धाम जाने वाली कांवड़ यात्रा के मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव कम करना है। इससे श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
छोटे वाहनों के लिए यह रहेगा नया रूट
भोपाल से आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर की ओर जाने वाले कार, बस और अन्य छोटे वाहनों को भारी वाहनों जितना लंबा चक्कर नहीं लगाना होगा। इनके लिए सीहोर के आसपास वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है।
भोपाल की ओर से आने वाले छोटे वाहन सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा होते हुए आष्टा-इंदौर मार्ग पर पहुंचेंगे। इस वैकल्पिक रास्ते के कारण छोटे वाहन चालकों को सामान्य मार्ग की तुलना में करीब 9 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
इंदौर से भोपाल आने वाले वाहन ऐसे पहुंचेंगे
इंदौर, देवास और उज्जैन की ओर से भोपाल आने वाले छोटे वाहनों के लिए भी मार्ग परिवर्तित रहेगा। ऐसे वाहनों को आष्टा से अमलाहा-भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए न्यू क्रिसेंट चौराहा की ओर भेजा जाएगा। यहां से वाहन भोपाल की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
इसलिए 23 से 25 अगस्त के बीच इंदौर, देवास, उज्जैन, आष्टा और सीहोर से भोपाल की ओर यात्रा करने वाले लोगों को अपने निर्धारित समय से पहले निकलना बेहतर रहेगा।
यात्रा में लग सकता है अतिरिक्त समय
डायवर्जन के कारण वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय जाम या धीमे यातायात की स्थिति बन सकती है। भोपाल से इंदौर और इंदौर से भोपाल के बीच यात्रा करने वाले लोगों को इसे ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
बसों और कारों को करीब 9 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ सकता है, जबकि भारी वाहनों को लगभग 80 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे यात्रा के समय में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
कुबेरेश्वर धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ेगी संख्या
सावन के दौरान सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा के चलते 23 से 25 अगस्त के बीच क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ ही भोपाल-इंदौर जैसे व्यस्त मार्ग पर यातायात सुचारु रखना प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहेगी। डायवर्जन प्लान के जरिए कांवड़ यात्रा के मार्ग पर भारी और सामान्य यातायात का दबाव कम करने का प्रयास किया गया है।
निकलने से पहले जान लें रूट
अगर आप 23, 24 या 25 अगस्त को भोपाल से इंदौर, देवास, उज्जैन या आष्टा की यात्रा करने वाले हैं अथवा इन शहरों से भोपाल लौटने की योजना है, तो वैकल्पिक मार्ग को ध्यान में रखकर ही निकलें। भारी वाहन चालकों को विशेष रूप से निर्धारित डायवर्जन का पालन करना होगा।
यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि वे यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें और मार्ग में तैनात यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। स्थानीय परिस्थितियों और श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर यातायात व्यवस्था में मौके पर भी आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
