Bhopal में हर्बल विरासत का उत्सव: मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे 11वें अंतरराष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ
Bhopal में हर्बल विरासत का शानदार उत्सव शुरू होने जा रहा है। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित 11वां अंतरराष्ट्रीय हर्बल वन मेला 17 से 23 दिसंबर 2025 तक चलेगा। यह मेला ‘समृद्ध वन–खुशहाल जन’ थीम पर आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ‘लघु वनोपज हमारी शान’ गीत का विमोचन करेंगे, एमएफपी पार्क का लोगो अनावरण करेंगे और एमएफपी पार्क द्वारा विकसित वेलनेस किट का लोकार्पण भी करेंगे।
इस कार्यक्रम में शामिल होंगे खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.एन. अंबाडे और प्रबंध संचालक डॉ. समीता राजौरा।
सात दिनों तक सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों की बहार
मेला पूरे सात दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों से जीवंत रहेगा। इसमें आम जनता और पर्यटक पारंपरिक एवं आधुनिक प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।
मुख्य आकर्षण में शामिल हैं:
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पारंपरिक और लोक नृत्य – मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
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एकल और समूह गायन – ध्रुपद, कबीर वाणी और लोक गीतों का प्रदर्शन।
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योग प्रदर्शन – स्वास्थ्य और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए योगा सत्र।
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नाटक और अभिनय कार्यशाला – नुक्कड़ नाटक, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और सोलो एक्टिंग।
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वाद्य संगीत और ऑर्केस्ट्रा – लाइव संगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रदर्शन।
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हर्बल और आयुर्वेदिक कार्यशालाएं – औषधीय पौधों और वन उत्पादों के प्रयोग की जानकारी।
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फ्लैश मॉब और इंटरैक्टिव कार्यक्रम – आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए।
मेला लघु वनोपज (MFP) के महत्व, सतत उपयोग और समुदाय आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करेगा।
लघु वनोपज और वेलनेस पर ध्यान
इस मेले का एक मुख्य आकर्षण लघु वनोपज और स्वास्थ्य वेलनेस पर केंद्रित रहेगा। एमएफपी पार्क द्वारा तैयार की गई वेलनेस किट का उद्घाटन समारोह में किया जाएगा। इस किट में वन आधारित हर्बल उत्पाद शामिल हैं, जो स्वास्थ्य और प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा देंगे।
मेला स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और वन संसाधनों का सतत उपयोग बढ़ाने का भी प्रयास करता है। एमएफपी पार्क के लोगो का अनावरण इस पहल को व्यापक पहचान और प्रचार देगा।
समुदाय की भागीदारी और सरकारी सहयोग
मेला न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह सरकारी विभागों, स्थानीय उद्यमियों और समुदाय के लोगों को अपने कार्य को प्रदर्शित करने का अवसर भी देता है। इसमें हर्बल उत्पाद, पारंपरिक हस्तशिल्प और शैक्षणिक प्रदर्शनी शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति इस बात को दर्शाती है कि मध्य प्रदेश सरकार वन संरक्षण, समुदाय विकास और हर्बल संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति प्रतिबद्ध है।

पर्यटन और शिक्षा के लिए लाभ
अंतरराष्ट्रीय हर्बल वन मेला Bhopal और आसपास के क्षेत्रों के पर्यटन को बढ़ावा देगा। यह आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा।
शैक्षणिक संस्थान भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे, जिससे छात्रों को वन, हर्बल चिकित्सा और संरक्षण के विषय में जानकारी मिलेगी। मेला युवाओं को सतत जीवनशैली अपनाने और हर्बल उद्योग में करियर विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करेगा।
कार्यक्रम का समय-सारणी
मेला 17 से 23 दिसंबर तक दिनभर आयोजित किया जाएगा। प्रमुख गतिविधियां:
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सुबह के सत्र: योग और वेलनेस कार्यशालाएं।
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दोपहर: हर्बल उत्पादों और पारंपरिक ज्ञान पर कार्यशालाएं।
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शाम: सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जैसे लोक नृत्य, गायन और नाटक।
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विशेष सत्र: हर्बल विशेषज्ञों और वन अधिकारियों के साथ इंटरैक्टिव चर्चाएं।
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समापन समारोह: 23 दिसंबर को पुरस्कार वितरण और अंतिम नृत्य प्रस्तुतियां।
मेला आम जनता को सीखने, अनुभव करने और आनंद लेने का अवसर देगा।
हर्बल वन मेले के पीछे का उद्देश्य
इस मेले का उद्देश्य लोगों को वनों से जोड़ना, प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग और समुदाय की भलाई बढ़ाना है। शिक्षा, संस्कृति और व्यवसाय को जोड़कर यह मेला स्थानीय समुदाय, पर्यटक और नीति निर्माताओं के लिए लाभकारी मंच बनता है।
वेलनेस किट और MFP ब्रांडिंग जैसी पहलों के माध्यम से यह मेला आधुनिक जीवन में पारंपरिक ज्ञान की उपयोगिता को उजागर करता है। हर्बल और वन आधारित उत्पादों की संभावनाओं को दिखाकर यह मेला इको-टूरिज्म और सतत व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है।

सुरक्षा और सततता
आयोजकों ने मेले में पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं का पालन सुनिश्चित किया है। कचरे को कम करना, पुन: उपयोग सामग्री का प्रयोग और सतत पर्यटन को बढ़ावा देना इसकी प्रमुख रणनीतियां हैं। यह कदम ग्रीन टूरिज्म और जिम्मेदार पर्यावरणीय व्यवहार को प्रोत्साहित करता है।
निष्कर्ष
Bhopal में आयोजित 11वां अंतरराष्ट्रीय हर्बल वन मेला हर्बल विरासत, सांस्कृतिक विविधता और समुदाय सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उत्सव है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के उद्घाटन के साथ और सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सीखने, अनुभव करने और आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
लोक नृत्य, गायन, योग सत्र, हर्बल कार्यशालाएं और वेलनेस किट लॉन्च जैसी गतिविधियां इस मेले को शिक्षा, मनोरंजन और पर्यावरण जागरूकता का पूर्ण मिश्रण बनाती हैं।
मेला न केवल मध्य प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है, बल्कि यह सतत पर्यटन, सामुदायिक भागीदारी और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए एक आदर्श मंच है।
यदि आप प्रकृति प्रेमी, वेलनेस उत्साही, छात्र या सांस्कृतिक प्रेमी हैं, तो यह मेला आपके लिए जरूर देखने और भाग लेने योग्य है।
