Bhopal News: विकास बैठक में BJP-कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस, मास्टर प्लान के मुद्दे पर हुआ हंगामा
Bhopal । राजधानी भोपाल में विकास कार्यों को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को राजनीतिक विवाद का अखाड़ा बन गई। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर बहस हुई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
विवाद की शुरुआत भोपाल के बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान को लेकर हुई। कांग्रेस विधायकों ने बैठक में मास्टर प्लान लागू नहीं होने का मुद्दा उठाया, जिस पर चर्चा के दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत और कांग्रेस नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई।
मास्टर प्लान को लेकर उठे सवाल
दरअसल, शुक्रवार 10 जुलाई को भोपाल कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी।
बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और विधायक आतिफ अकील ने भोपाल मास्टर प्लान को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मास्टर प्लान को लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं होगा, तब तक विकास योजनाओं को सही दिशा नहीं मिल पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिना मास्टर प्लान के शहर का सुनियोजित विकास संभव नहीं है।
जनपद अध्यक्ष के हस्तक्षेप से बढ़ा विवाद
बैठक में जब कांग्रेस विधायक मास्टर प्लान को लेकर अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और उनकी समस्याओं को भी बैठक में शामिल करने की बात कही।
इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान जनपद अध्यक्ष ने कहा, “राजपूत हूं, निपट लूंगा।”
इस बयान के बाद माहौल और गर्म हो गया। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने पलटवार करते हुए कहा कि बैठक में विकास के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या वे बैठक में बदमाशी करने आए हैं या विकास कार्यों पर चर्चा करने।
कांग्रेस ने जताई नाराजगी
पूरे विवाद के बाद कांग्रेस नेताओं ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर की। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसे विधायकों के विशेषाधिकार का मामला बताते हुए शिकायत करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि विकास से जुड़े मुद्दों को उठाना जनप्रतिनिधियों का अधिकार है और इस दौरान किसी भी तरह का दबाव या धमकी भरा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बैठक में जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय विवाद की स्थिति पैदा हो गई।
जनपद अध्यक्ष ने दी सफाई
विवाद के बाद फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी से विवाद करना नहीं था, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों को सामने रखना था।
उन्होंने कहा कि भोपाल जिला विकास समिति में केवल शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक केवल अपने क्षेत्रों के विकास की बात कर रहे थे, जबकि पूरे भोपाल जिले के विकास को ध्यान में रखना जरूरी है।
प्रमोद राजपूत ने कहा कि वह भी जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याएं रखने का अधिकार है।
बैठक में विकास के मुद्दे रहे पीछे
Bhopal विकास से जुड़ी इस महत्वपूर्ण बैठक में मास्टर प्लान, सड़क, बुनियादी सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी। लेकिन राजनीतिक बहस के कारण बैठक का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
दोनों दलों के नेताओं के बीच हुई इस बहस ने राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां बीजेपी नेता ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर के विकास और मास्टर प्लान को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी
Bhopal जैसे बड़े शहर के विकास से जुड़ी बैठक में हुए इस विवाद के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से इस विवाद को लेकर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। हालांकि बैठक में मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए चर्चा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
Bhopal मास्टर प्लान को लेकर पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है। अब विकास समिति की बैठक में हुए इस विवाद ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।
