भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों पर नगर निगम का सर्वे शुरू
Bhopal। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद राजधानी भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम ने व्यापक सर्वे शुरू कर दिया है। नगर निगम द्वारा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अब तक करीब 1 लाख ऐसी प्रॉपर्टी सर्वे के दायरे में आ चुकी हैं, जहां आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है।
नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन आवासीय संपत्तियों का उपयोग निर्धारित नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अरेरा कॉलोनी से शुरू हुआ सर्वे
नगर निगम ने सर्वे की शुरुआत पहले चरण में अरेरा कॉलोनी से की। इसके बाद बावड़ियाकलां और रोहित नगर सहित अन्य क्षेत्रों में भी व्यावसायिक उपयोग वाली संपत्तियों की जांच की गई।
पहले चरण में अरेरा कॉलोनी, बावड़ियाकलां और रोहित नगर क्षेत्र की 429 व्यावसायिक प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी किए गए हैं। इन संपत्तियों में आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की जांच के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
दूसरे चरण में 1,250 से अधिक नोटिस
सर्वे के दूसरे चरण में बैरागढ़, कोलार, चुनाभट्टी, इंद्रपुरी, अशोका गार्डन और कोहेफिजा सहित शहर के कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में 1,250 से अधिक नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नगर निगम द्वारा अब पूरे भोपाल में चरणबद्ध तरीके से सर्वे और जांच की कार्रवाई जारी रखने की तैयारी की गई है। निगम का फोकस उन संपत्तियों पर है जहां आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
करीब एक लाख संपत्तियां जांच के दायरे में
प्रारंभिक आकलन के अनुसार भोपाल शहर में करीब 1 लाख ऐसी संपत्तियां हो सकती हैं, जहां आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। हालांकि वास्तविक संख्या का पता विस्तृत सर्वे और रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा।
नगर निगम सर्वे के दौरान संपत्तियों के उपयोग की स्थिति का परीक्षण करेगा। यदि किसी भवन में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधि संचालित होती पाई जाती है, तो संबंधित संपत्ति मालिक को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
नियमों का उल्लंघन मिलने पर हो सकती है सीलिंग
नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सर्वे के बाद नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। कार्रवाई की प्रकृति मामले की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।
नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है। गंभीर या लगातार उल्लंघन की स्थिति में संपत्ति को सील किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
101 दुकानों और शोरूम पर फिलहाल रोक
इस बीच अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां में पहले सील किए गए 101 शोरूम और दुकानों को दोबारा खोल दिए जाने के मामले में फिलहाल तत्काल दोबारा सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नगर निगम का कहना है कि पहले पूरे शहर की वास्तविक स्थिति का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। सर्वे और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इससे नगर निगम अब अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करने के बजाय पूरे शहर की स्थिति का व्यापक आकलन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
21 जोन में बांटकर बनाई गई सर्वे टीम
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भोपाल नगर निगम ने सर्वे को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए शहर को 21 जोन में बांटा है। प्रत्येक जोन में विशेष सर्वे दल गठित किए गए हैं।
ये दल शहर की गलियों, मोहल्लों, कॉलोनियों और प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में जाकर भवनों के उपयोग की स्थिति की जांच करेंगे। सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित भवनों में कहीं नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां तो संचालित नहीं हो रही हैं।
सर्वे में छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े शोरूम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है।
वाटर बॉडी और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों पर भी नजर
नगर निगम के सर्वे का दायरा केवल सामान्य आवासीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के वाटर बॉडी और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में भी स्थिति की जांच की जाएगी।
इन क्षेत्रों में भूमि उपयोग और निर्माण संबंधी नियमों का विशेष महत्व होता है। इसलिए निगम द्वारा संबंधित रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड से होगा मिलान
सर्वे के दौरान नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड, भवन के स्वीकृत उपयोग और मौके पर हो रही गतिविधियों का मिलान किया जाएगा।
इसके साथ ही सड़क की चौड़ाई और भवन के उपयोग जैसी जानकारियों का भी परीक्षण किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी और मौके पर वास्तविक स्थिति के बीच अंतर की पहचान करना है।
यदि किसी संपत्ति का उपयोग रिकॉर्ड में आवासीय दर्ज है, लेकिन मौके पर व्यावसायिक गतिविधि संचालित होती मिलती है, तो संबंधित मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
15 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने की तैयारी
जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मध्य प्रदेश सरकार को आदेशों के पालन की स्थिति से अवगत कराना है। इसके तहत नगर निगम को की गई कार्रवाई और सर्वे से संबंधित रिपोर्ट तैयार करनी है।
15 सितंबर तक सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी है। इसके चलते नगर निगम द्वारा सर्वे प्रक्रिया को गति दी जा रही है और अलग-अलग जोन में टीमें लगाकर जानकारी एकत्र की जा रही है।
पूरे शहर में बढ़ेगी निगरानी
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर शुरू हुआ यह सर्वे आने वाले दिनों में शहर के कई इलाकों तक विस्तारित होगा। नगर निगम का उद्देश्य केवल नोटिस जारी करना नहीं, बल्कि भवनों के वास्तविक उपयोग और स्वीकृत नियमों के बीच स्थिति स्पष्ट करना है।
विस्तृत सर्वे के बाद यह तस्वीर सामने आएगी कि शहर में कितनी संपत्तियां वास्तव में नियमों के विपरीत व्यावसायिक उपयोग में हैं और किन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है।
नगर निगम की इस कार्रवाई से आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर शहर में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर 15 सितंबर को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।
