भोपाल भार्गव समाज ने 14 जिलों के लगभग 265 बच्चों को धार्मिक सामग्री प्रदान कर किया सम्मानित
राम का आधार–रामायण प्रतिभा सम्मान समारोह में बच्चों को मिली रुद्राक्ष की माला, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा; 13 बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
दैनिक स्वराज वाणी
भोपाल। श्री भृगु भार्गव ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश एवं परशुराम कल्याण बोर्ड, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘राम का आधार–रामायण प्रतिभा सम्मान समारोह’ में 14 जिलों से आए लगभग 265 प्रतिभाशाली बच्चों को धार्मिक एवं संस्कारमय सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया।
संत-महात्माओं और गणमान्यजनों की रही उपस्थिति
समारोह में भोपाल के सांसद, विधायक, महापौर, परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री सहित जगतगुरु, महामंडलेश्वर, वेदमूर्ति, ज्योतिषाचार्य, कथाकार, भागवताचार्य, प्रशासनिक अधिकारी एवं समाज के प्रदेश, संभाग, जिला पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।संत-महात्माओं एवं अतिथियों के आशीर्वचन और मार्गदर्शन से समारोह का वातावरण आध्यात्मिक एवं संस्कारमय बना रहा।
बच्चों को रुद्राक्ष की माला, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा प्रदान की
इस अवसर पर बच्चों को रुद्राक्ष की माला, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा सहित विभिन्न धार्मिक एवं संस्कारमय सामग्री प्रदान की गई।आयोजन का उद्देश्य प्रतिभाशाली बच्चों का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को श्रीराम, रामायण, सनातन संस्कृति एवं भारतीय संस्कारों से जोड़ना है।
13 बच्चों ने नृत्य, गायन एवं वादन से मोहा मन
समारोह में 13 बच्चों ने नृत्य, गायन एवं वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया।
बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों से पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और संस्कारों का रंग भर गया तथा समारोह अत्यंत मनमोहक एवं यादगार बन गया।
उपस्थितजनों ने बच्चों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
जल्द होगी ‘राम का आधार–रामायण’ एवं ‘शिव महापुराण’ पर प्रतियोगिता
प्रदेश महासचिव डॉ. अनिल भार्गव (वायु) ने बताया कि समाज द्वारा बहुत शीघ्र ही ‘राम का आधार–रामायण’ एवं ‘शिव महापुराण’ पर आधारित पांच प्रश्नों की प्रतियोगिता सकल समाज एवं सनातन धर्म प्रेमियों के बच्चों के लिए आयोजित की जाएगी।
इसका उद्देश्य बच्चों में धार्मिक ग्रंथों के प्रति रुचि, ज्ञान एवं संस्कारों का विकास करना है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही धार्मिक भजनों पर आधारित नृत्य, गायन एवं वादन समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
“प्रतिभा को सम्मान मिले और प्रतिभा के साथ संस्कार भी जुड़े”
बच्चन आचार्य, संजीव दुबे, अमित चतुर्वेदी एवं अमित भार्गव ने कहा कि—
“हमारा प्रयास है कि प्रतिभा को सम्मान मिले और प्रतिभा के साथ संस्कार भी जुड़े। श्रीराम, रामायण एवं शिव महापुराण के ज्ञान से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा एवं सनातन संस्कारों से जोड़ना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।”




