भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण पर प्रशासन का सख्त एक्शन। 10 साल में बढ़े अवैध निर्माण चिन्हित, बैरागढ़ और खानूगांव में बुलडोजर कार्रवाई जल्द।
भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का प्रसिद्ध बड़ा तालाब लगातार अवैध कब्जों की जद में रहा है। बीते 10 वर्षों में तालाब के कैचमेंट एरिया और एफटीएल (फुट टैंक लेवल) के आसपास तेजी से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग हुई है।अब जिला प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों की टास्क फोर्स मैदान में उतर चुकी है और एक से दो दिनों में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने जा रही है।
टास्क फोर्स ने चिन्हित किए अवैध निर्माण
भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है।
खानूगांव, लालघाटी, बैरागढ़, करबला और टीटीनगर क्षेत्र में अवैध निर्माण, प्लॉटिंग और मकानों पर यलो मार्किंग की जा रही है।
नगर निगम अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ के अनुसार सीमाओं के चिन्हांकन के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
50 मीटर दायरे में निर्माण पर कड़ी निगरानी
बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया और फुट लैंप लेवल के 50 मीटर दायरे में निर्माण गतिविधियाँ बढ़ी हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
- 50 मीटर के भीतर आने वाले मकानों को चिन्हित किया गया है
- अवैध प्लॉटिंग को रिकॉर्ड में लिया गया है
- शासकीय और निजी भूमि का अलग-अलग फॉर्मेट तैयार किया गया है
भदभदा क्षेत्र में कार्रवाई शुरू हो चुकी है और जल्द ही बैरागढ़ व खानूगांव में बुलडोजर चलेगा।
कलेक्ट्रेट में हुई अहम बैठक
भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण को लेकर कलेक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।बैठक में SDM, टीएंडसीपी अधिकारी और पर्यावरणविद शामिल हुए।
ADM अंकुर मेश्राम ने बताया कि:
- 16 मार्च 2022 से पहले और बाद के निर्माणों का अलग रिकॉर्ड तैयार किया गया है
- बैरागढ़ के 4 गांवों में मार्किंग पूरी हो चुकी है
- 8 गांवों में चिन्हांकन जारी है
- TT नगर क्षेत्र के 8-10 गांवों में कार्रवाई होगी
एक सप्ताह में पूरी मार्किंग प्रक्रिया समाप्त कर दी जाएगी।
10 साल में क्यों बढ़ा अतिक्रमण?
भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण बीते एक दशक में तेजी से बढ़ा है।कई बार सर्वे हुआ, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। सांसद आलोक शर्मा ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।तालाब के आसपास रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आई, जिससे अवैध प्लॉटिंग और निर्माण बढ़े।
बड़ा तालाब का ऐतिहासिक महत्व

भोपाल का बड़ा तालाब, जिसे Upper Lake भी कहा जाता है, का निर्माण राजा भोज ने करवाया था।यह तालाब न केवल ऐतिहासिक धरोहर है बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
- यह भोपाल की लगभग 40% आबादी को पेयजल उपलब्ध कराता है
- इसे रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है
- इसे “भोपाल की लाइफलाइन” कहा जाता है
आगे क्या होगी कार्रवाई?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
- चिन्हांकन के बाद सीधे बुलडोजर कार्रवाई होगी
- शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे पहले हटाए जाएंगे
- निजी भूमि के मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे
भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई अगर सफल होती है तो यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम होगा।
निष्कर्ष
भोपाल बड़ा तालाब अतिक्रमण केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि पर्यावरण और शहर की जीवनरेखा को बचाने का प्रयास है।अब देखना यह है कि क्या इस बार प्रशासन तालाब को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर पाता है या फिर यह अभियान भी पूर्व की तरह अधूरा रह जाएगा।
