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नींद की कमी से बिगड़ सकती है सेहत: AIIMS भोपाल ने जारी किया हाई अलर्ट

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Published On: 19 January 2026
AIIMS
— Night जागना पड़ सकता है भारी: भोपाल AIIMS की स्टडी में बड़ा अलर्ट

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Bhopal AIIMS Research: नींद की कमी से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा, भोपाल एम्स की रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

बदलती जीवनशैली, देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, नाइट शिफ्ट का दबाव और अनियमित दिनचर्या अब सिर्फ थकान या तनाव तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती है। भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की एक अहम रिसर्च में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जो लोग लंबे समय तक रात में जागते हैं और पर्याप्त नींद नहीं लेते, उनमें आगे चलकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। भोपाल AIIMS की यह रिसर्च उन लोगों पर केंद्रित रही है, जिनकी नींद का पैटर्न लगातार बिगड़ा हुआ है। रिसर्च के नतीजों ने न सिर्फ चिकित्सा जगत को चौंकाया है, बल्कि आम लोगों के लिए भी यह एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आई है। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया, तो इसके परिणाम भविष्य में बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

मोबाइल और स्क्रीन टाइम बना बड़ी वजह

AIIMS की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि आज के दौर में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की नीली रोशनी (ब्लू लाइट) लोगों की नींद पर सबसे ज्यादा असर डाल रही है। देर रात तक स्क्रीन देखने से शरीर की जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) गड़बड़ा जाती है, जिससे नींद आने में देरी होती है और नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार नींद की कमी से शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है। यह असंतुलन धीरे-धीरे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिससे शरीर कैंसर जैसी बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है। रिसर्च में यह भी पाया गया कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में यह जोखिम अपेक्षाकृत ज्यादा देखा गया है।

भोपाल AIIMS की रिसर्च में बड़ा खुलासा

भोपाल AIIMS लंबे समय से उन व्यक्तियों पर अध्ययन कर रहा था, जो समय पर नहीं सोते और जिनकी दिनचर्या पूरी तरह से अव्यवस्थित है। इस रिसर्च में यह सामने आया कि नींद की कमी सिर्फ थकावट और चिड़चिड़ापन ही नहीं बढ़ाती, बल्कि लंबे समय में यह शरीर में गंभीर बदलाव ला सकती है। रिसर्च के अनुसार, जो लोग रात भर जागते रहते हैं या रोजाना 6 घंटे से कम नींद लेते हैं, उनमें कोशिकाओं की मरम्मत की प्रक्रिया प्रभावित होती है। यही प्रक्रिया अगर लंबे समय तक बाधित रहती है, तो कैंसर जैसी बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह खतरा धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

डॉक्टर अशोक कुमार की चेतावनी

भोपाल AIIMS की रिसर्च टीम से जुड़े डॉक्टर अशोक कुमार ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि उनकी टीम लंबे समय से कैंसर और जीवनशैली से जुड़े कारणों पर रिसर्च कर रही थी। उन्होंने बताया कि इस अध्ययन में यह साफ तौर पर सामने आया है कि अनियमित नींद और देर रात तक जागने की आदत भविष्य में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है। डॉक्टर अशोक कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे समय पर सोने की आदत डालें और अपनी दिनचर्या को संतुलित करें। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग नींद को सबसे ज्यादा नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि अच्छी सेहत के लिए नींद उतनी ही जरूरी है जितना सही भोजन और व्यायाम।

समय पर सोने की दी सलाह

रिसर्च के नतीजों के बाद भोपाल AIIMS के डॉक्टरों ने आम लोगों को खास सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि रात के समय मोबाइल और लैपटॉप जैसी स्क्रीनों से दूरी बनानी चाहिए। सोने से कम से कम एक घंटे पहले डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल बंद कर देना बेहतर होता है, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से नींद के लिए तैयार हो सके। इसके अलावा, रोजाना एक तय समय पर सोने और जागने की आदत डालने, हल्का भोजन करने और सोने से पहले तनाव से दूर रहने की भी सलाह दी गई है। डॉक्टरों का मानना है कि अगर लोग अभी से अपनी दिनचर्या सुधार लें, तो कैंसर जैसी घातक बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

AIIMS में लगातार जारी है कैंसर पर रिसर्च

डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि भोपाल AIIMS के रिसर्च सेंटर में विभिन्न प्रकार के कैंसर को लेकर लगातार अध्ययन किए जा रहे हैं। इन रिसर्च का उद्देश्य सिर्फ बीमारी का इलाज ढूंढना नहीं है, बल्कि उन कारणों को भी पहचानना है, जिनकी वजह से कैंसर का खतरा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि नींद, खानपान और जीवनशैली से जुड़ी आदतें कैंसर के जोखिम में अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर खुद को बड़ी बीमारियों से बचाएं।

चेतावनी और संदेश

भोपाल AIIMS की यह रिसर्च एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। यह साफ संकेत देती है कि आधुनिक जीवनशैली की कीमत अगर सेहत से चुकानी पड़े, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। डॉक्टरों की अपील है कि लोग समय रहते जागरूक हों, पर्याप्त नींद लें और डिजिटल दुनिया से थोड़ी दूरी बनाकर अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। कुल मिलाकर, भोपाल AIIMS की इस रिसर्च ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अच्छी नींद सिर्फ आराम का साधन नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की कुंजी भी है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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