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Bhopal AIIMS के सामने निर्माणाधीन छज्जा गिरने से हड़कंप, मलबे में दबे 4 लोग; एक महिला की हालत गंभीर

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Published On: 27 March 2026
bhopal

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Bhopal AIIMS के सामने निर्माणाधीन छज्जा गिरने से हड़कंप, चार घायल; एक महिला की हालत गंभीर

घटना का विवरण

भोपाल। राजधानी Bhopal AIIMS अस्पताल के ठीक सामने शुक्रवार दोपहर को एक बड़ा हादसा हुआ। सदन मेडिकल स्टोर के निर्माणाधीन छज्जे का एक हिस्सा अचानक भरभरा कर नीचे गिर गया। इस हादसे के दौरान चार लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद लोगों की तत्काल प्रतिक्रिया से घायलों को तुरंत बचाया गया। घायलों में एक महिला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल तत्काल उपचार के लिए एम्स अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।

हादसे की वजह और शुरुआती जानकारी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छज्जा निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री और संरचना की मजबूती का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। अचानक भारी वजन के कारण यह छज्जा गिर गया। आसपास के लोग कहते हैं कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की कमी स्पष्ट थी। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्स अस्पताल की आपातकालीन टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बताया कि छज्जा गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई। कुछ लोग तुरंत मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। हादसे के समय आसपास काफी लोग मौजूद थे, लेकिन कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई, यह एक तरह की राहत की बात रही।

घायलों की स्थिति

हादसे में कुल चार लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की हालत गंभीर है और उन्हें विशेष देखरेख में रखा गया है। अन्य तीन लोगों की चोटें सामान्य हैं, और उनका उपचार चल रहा है। एम्स अस्पताल की डॉक्टरों की टीम घायलों की लगातार निगरानी कर रही है।

डॉक्टरों ने बताया कि महिला की गंभीर स्थिति के कारण उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया है। उनकी चोटें काफी गंभीर हैं, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि समय रहते इलाज शुरू करने से उनकी जान को खतरा कम हुआ है। अन्य घायलों को सामान्य वार्ड में रखा गया है और उनकी स्थिति स्थिर है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया

हादसे की सूचना मिलते ही भोपाल पुलिस और एम्स अस्पताल की आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने निर्माण स्थल को सुरक्षित कर दिया और आसपास के लोगों को हटा दिया। हादसे के कारण आसपास का क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद रहा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण सामग्री और संरचना में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं। निर्माण कंपनी के जिम्मेदारों से भी पूछताछ की जा रही है।

नागरिकों और राहगीरों की प्रतिक्रिया

स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि यह हादसा किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अवहेलना होती है और यह किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। कई लोगों ने कहा कि एम्स अस्पताल के सामने जैसे व्यस्त क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हादसे के कारण उनके कामकाज में भी बाधा आई। आसपास के दुकानें और कार्यालय कुछ समय के लिए बंद रह गए। कुछ लोगों ने बताया कि यदि समय पर मदद नहीं पहुंचती, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

हादसे के बाद राहत कार्य

हादसे के तुरंत बाद एम्स अस्पताल की आपातकालीन टीम और स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए क्रेन और अन्य उपकरणों का प्रयोग किया गया। आसपास के लोग भी मदद के लिए आगे आए और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में सहायता की।

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की और गंभीर घायल महिला को तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया। पुलिस ने भी निर्माण स्थल को सील कर दिया और आगे किसी और दुर्घटना से बचने के लिए सुरक्षा उपाय किए।

निर्माण कंपनी और जिम्मेदारों की प्रतिक्रिया

सदान मेडिकल स्टोर के निर्माण परियोजना में कार्यरत इंजीनियर और ठेकेदार ने बताया कि छज्जा का निर्माण मानकों के अनुसार किया जा रहा था, लेकिन अचानक गिरने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रशासन के साथ मिलकर घटना की जांच करेगी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण कंपनी ने कहा कि हादसे में घायल हुए लोगों के उपचार की जिम्मेदारी पूरी तरह से कंपनी की होगी। उन्होंने हादसे के बाद घायलों और उनके परिवारों से मिलने का आश्वासन भी दिया।

हादसे से सीख और भविष्य की सुरक्षा

विशेषज्ञों का कहना है कि इस हादसे से यह स्पष्ट होता है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। खासकर अस्पताल या व्यस्त क्षेत्रों के आसपास ऐसे निर्माण स्थलों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।

सुरक्षा विशेषज्ञों ने सलाह दी कि सभी निर्माण स्थलों पर समय-समय पर स्ट्रक्चरल जांच और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा, आसपास के लोगों को भी समय रहते चेताया जाए ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।

निष्कर्ष

Bhopal AIIMS के सामने निर्माणाधीन छज्जा गिरने की घटना से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा मानकों की अवहेलना कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि, इस बार बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना सभी के लिए चेतावनी है। स्थानीय प्रशासन, निर्माण कंपनी और नागरिकों को मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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