Bhinmal में आस्था की राह हुई आसान: क्षेमंकरी माता मंदिर में 65 फीट ऊंची लिफ्ट निर्माण का शुभारंभ, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
संवाददाता : मुकेश सोलंकी
भीनमाल के धार्मिक इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय
जालोर जिले के Bhinmal स्थित प्रसिद्ध क्षेमंकरी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की गई है। सोमवार को मंदिर परिसर में 65 फीट ऊंची आधुनिक लिफ्ट निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन एवं शुभारंभ किया गया। यह परियोजना न केवल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक साबित होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
क्षेमंकरी माता मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि नवरात्रि, विशेष धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान हजारों भक्त माता के दरबार में माथा टेकने आते हैं। पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए अब तक श्रद्धालुओं को सीढ़ियों और चढ़ाई का सहारा लेना पड़ता था, जिससे विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, बीमार व्यक्तियों तथा छोटे बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
अब इस आधुनिक लिफ्ट परियोजना के शुरू होने के बाद मंदिर तक पहुंचना कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।
65 फीट ऊंची आधुनिक लिफ्ट बनेगी श्रद्धालुओं की सुविधा का माध्यम
मंदिर ट्रस्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रस्तावित लिफ्ट की कुल ऊंचाई लगभग 65 फीट होगी। इसे आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस लिफ्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी क्षमता होगी। एक बार में लगभग 15 श्रद्धालु इस लिफ्ट के माध्यम से मंदिर तक पहुंच सकेंगे। इससे दर्शनार्थियों को सीढ़ियां चढ़ने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी जो स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सीढ़ियां नहीं चढ़ पाते हैं। इसके अलावा गर्मी के मौसम में तेज धूप और कठिन चढ़ाई से होने वाली परेशानी भी समाप्त हो जाएगी।
बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए राहत का बड़ा कदम
धार्मिक स्थलों पर पहुंचने में सबसे अधिक कठिनाई वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को होती है। कई बार श्रद्धालु केवल कठिन चढ़ाई के कारण मंदिर तक पहुंचने में असमर्थ रहते हैं या फिर उन्हें दूसरों की सहायता लेनी पड़ती है।
क्षेमंकरी माता मंदिर में बनने वाली यह लिफ्ट ऐसे सभी श्रद्धालुओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनेगी। अब वे बिना किसी शारीरिक परेशानी के माता के दर्शन कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर के धार्मिक स्थलों पर सुगम और समावेशी सुविधाओं का विकास समय की आवश्यकता है। भीनमाल का यह कदम अन्य धार्मिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण साबित हो सकता है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
भीनमाल ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नगर माना जाता है। यहां स्थित क्षेमंकरी माता मंदिर दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।
लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधा उपलब्ध होने से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। इससे न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद भीनमाल धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान बना सकेगा।
मंदिर ट्रस्ट की दूरदर्शी सोच का परिणाम
क्षेमंकरी माता मंदिर ट्रस्ट लंबे समय से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास करता रहा है। मंदिर परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, विश्राम व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर लगातार ध्यान दिया जाता रहा है।
लिफ्ट निर्माण परियोजना भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधियों का संचालन करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर और सहज अनुभव प्रदान करना भी है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार भविष्य में भी मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जाएगा।
भामाशाह परिवार का अनुकरणीय योगदान
इस महत्वपूर्ण जनहितकारी परियोजना को साकार करने में हुआदेवी-मलाराम गहलोत परिवार का विशेष योगदान रहा है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष कोलचंद सोनी ने बताया कि भामाशाह परिवार ने समाज और धर्म के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस परियोजना में सहयोग प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे दानदाताओं और भामाशाहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जो सार्वजनिक हित और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए आगे आते हैं। उनके सहयोग से ऐसे कार्य संभव हो पाते हैं जिनका लाभ वर्षों तक हजारों लोग उठाते हैं।
विशेष रूप से अमर गहलोत के प्रयासों की सराहना करते हुए ट्रस्ट अध्यक्ष ने कहा कि उनके सहयोग और समर्पण से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी जा सकी है।
अध्यक्ष कोलचंद सोनी ने जताया आभार
मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष कोलचंद सोनी ने शुभारंभ समारोह के दौरान सभी सहयोगकर्ताओं, भामाशाह परिवार और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि लिफ्ट निर्माण के बाद मंदिर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधा मिलेगी और माता के दर्शन पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना मंदिर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट का लक्ष्य श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को समझते हुए निरंतर नई सुविधाएं विकसित करना है ताकि धार्मिक अनुभव और अधिक सुखद बनाया जा सके।

विधि-विधान से हुआ भूमि पूजन
लिफ्ट निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने माता रानी की पूजा-अर्चना कर परियोजना की सफलता और सुचारू निर्माण की कामना की। धार्मिक वातावरण और उत्साह के बीच इस ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत ने उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह पैदा किया।
शहर के गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी
शुभारंभ समारोह में शहर और क्षेत्र के अनेक सामाजिक, धार्मिक तथा सार्वजनिक जीवन से जुड़े गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भामाशाह परिवार के सदस्यों के साथ मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, समाजसेवी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर हुआ देवी गहलोत, कोलचंद सोनी, प्रेम भारती, मदन सिंह राव, जेठाराम माली, शेखर व्यास, भंवरलाल माली, हरिसिंह सोलंकी, महेश व्यास, सुंदरलाल गहलोत, विजय सिंह राव, जोरावर सिंह राव, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष जयरूपाराम माली, भारताराम सुंदेशा, बाबूलाल होंडा, किशोर सांखला, महेंद्र सोलंकी, मोतीलाल सोलंकी, ओमप्रकाश माली, पारस मोदी, भगवानाराम घांची, मेघराज परमार, दानाराम गहलोत, अमृत गहलोत, लखमाराम गहलोत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
निर्माण कार्य का दायित्व संभाल रहे ठेकेदार शकूर खान और फिरोज खान भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
लिफ्ट निर्माण की घोषणा और शुभारंभ के बाद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने इसे समय की मांग बताते हुए मंदिर प्रशासन और सहयोगकर्ताओं की सराहना की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से ऐसी सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। इससे आने वाले वर्षों में मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा।
भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना
विशेषज्ञों के अनुसार धार्मिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विकास केवल सुविधा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास से भी जुड़ा होता है।
क्षेमंकरी माता मंदिर में बनने वाली यह लिफ्ट भविष्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है। यह परियोजना मंदिर को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए परंपरा और तकनीक के सुंदर समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
निष्कर्ष
भीनमाल के प्रसिद्ध क्षेमंकरी माता मंदिर में 65 फीट ऊंची आधुनिक लिफ्ट निर्माण कार्य का शुभारंभ क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी।
भामाशाह परिवार के सहयोग, मंदिर ट्रस्ट की दूरदर्शिता और समाज के सामूहिक प्रयासों से शुरू हुई यह परियोजना आने वाले समय में हजारों श्रद्धालुओं को लाभ पहुंचाएगी। साथ ही यह भीनमाल को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आस्था, सेवा और आधुनिक सुविधा का यह संगम निश्चित रूप से क्षेमंकरी माता मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित तथा आकर्षक धार्मिक स्थल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगा।
