Bhinmal में रावणा राजपूत महासभा के चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, सोमेश्वर सिंह लगातार चौथी बार तहसील अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित
समाज की सहमति से संपन्न हुए चुनाव
Bhinmal (मुकेश सोलंकी): जालोर जिले के भीनमाल में रविवार को रावणा राजपूत महासभा एवं युवा महासभा की तहसील एवं नगर शाखा के चुनाव शांतिपूर्ण और आपसी सहमति के वातावरण में संपन्न हुए। यह चुनाव स्थानीय रावणा राजपूत समाज छात्रावास में आयोजित किए गए, जहां समाज के सभी वर्गों की उपस्थिति रही।
चुनाव प्रक्रिया की सबसे विशेष बात यह रही कि सभी प्रमुख पदों पर आपसी सहमति के आधार पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। समाज हित और एकता को सर्वोपरि रखते हुए किसी भी पद पर मतदान की स्थिति नहीं बनी, जिससे पूरे आयोजन को सौहार्दपूर्ण और अनुशासित वातावरण में सम्पन्न कराया गया।
चुनाव प्रक्रिया का संचालन और पर्यवेक्षण
चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया का संचालन जिला मुख्य चुनाव अधिकारी एडवोकेट श्रवण सिंह सिसोदिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष महासभा राजू सिंह राजपुरा तथा भोपाजी रामसिंह पुनासा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चुनाव अधिकारियों की देखरेख में नामांकन प्रक्रिया से लेकर अंतिम घोषणा तक सभी चरण पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किए गए। समाज के वरिष्ठजनों की मौजूदगी में सभी निर्णय आपसी सहमति और विचार-विमर्श के आधार पर लिए गए।
नामांकन प्रक्रिया में दिखी सक्रिय भागीदारी
चुनाव के दौरान विभिन्न पदों के लिए समाज के कई सदस्यों ने अपने नामांकन प्रस्तुत किए। तहसील अध्यक्ष (महासभा) पद के लिए सोमेश्वर सिंह परिहार ने नामांकन दाखिल किया।
वहीं युवा महासभा तहसील अध्यक्ष पद के लिए बलवंत सिंह सोलंकी और सुरेश सिंह नोहरा ने दावेदारी पेश की। नगर अध्यक्ष (महासभा) पद के लिए सुरेंद्र सिंह परमार और सोहन सिंह चौहान ने नामांकन किया, जबकि युवा नगर अध्यक्ष पद के लिए महेंद्र सिंह डाबी ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान समाज में लोकतांत्रिक उत्साह देखने को मिला और सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने स्तर पर समर्थन भी जुटाया।
आपसी सहमति से लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
चुनाव प्रक्रिया के दौरान समाज के वरिष्ठजनों की मौजूदगी में आपसी समझाइश और चर्चा का दौर चला। समाज हित को सर्वोपरि मानते हुए कुछ उम्मीदवारों ने अपने नामांकन स्वेच्छा से वापस ले लिए।
इस क्रम में बलवंत सिंह सोलंकी और सुरेंद्र सिंह परमार ने समाज की एकता और सामंजस्य को ध्यान में रखते हुए अपने नामांकन वापस ले लिए। उनके इस निर्णय की समाज के सभी वर्गों ने सराहना की।
इस सहमति के बाद सभी प्रमुख पदों पर निर्विरोध निर्वाचन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

नई कार्यकारिणी की निर्विरोध घोषणा
नामांकन वापसी के बाद चुनाव अधिकारी द्वारा नई कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा की गई। इसमें सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
तहसील अध्यक्ष (महासभा) पद पर सोमेश्वर सिंह परिहार को लगातार चौथी बार निर्वाचित घोषित किया गया। यह उनकी समाज में मजबूत पकड़ और लंबे समय से किए जा रहे कार्यों का परिणाम माना जा रहा है।
युवा महासभा तहसील अध्यक्ष पद पर सुरेश सिंह नोहरा को निर्वाचित किया गया। नगर अध्यक्ष (महासभा) पद पर सोहन सिंह चौहान तथा युवा नगर अध्यक्ष पद पर महेंद्र सिंह डाबी को निर्विरोध चुना गया।
इसके बाद सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।
समाज में उत्साह और एकता का संदेश
निर्विरोध निर्वाचन की इस पूरी प्रक्रिया ने समाज में एकता, सहयोग और आपसी विश्वास का मजबूत संदेश दिया है। समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि इस प्रकार के निर्णय समाज को विभाजन से बचाते हैं और सामूहिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी समाज के हित में कार्य करेगी।
दासपां समाज ने संभाली व्यवस्थाएं
चुनाव के दौरान भीनमाल छात्रावास में उपस्थित सभी समाज बंधुओं के लिए चाय, पानी और भोजन प्रसादी की संपूर्ण व्यवस्था रावणा राजपूत समाज दासपां द्वारा की गई।
उनकी इस सेवा भावना और व्यवस्थापन की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित रहीं, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
समाज के प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण चुनावी आयोजन में समाज के अनेक प्रबुद्धजन, बुजुर्ग और युवा साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित प्रमुख लोगों में नारायण सिंह गहलोत, भवानी सिंह सिसोदिया, विक्रम सिंह सांखला, जगदीश सिंह सोलंकी, पदम सिंह गहलोत (दासपां), ओट सिंह कोटकास्ता, छैल सिंह भाटी, जबर सिंह भागलभीम, छोटू सिंह, नरपत सिंह, जितेंद्र सिंह नाथावत, दलपत सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह चौहान, दिनेश सिंह, सावल सिंह परिहार, श्रवण सिंह गहलोत, प्रवीण सिंह भाटी, मनोहर सिंह सोलंकी, शंकर सिंह परमार सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
निष्कर्ष: समाज एकता का उदाहरण बना चुनाव
भीनमाल में संपन्न यह चुनाव केवल पदाधिकारियों के चयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज में आपसी सहयोग, एकता और सौहार्द का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।
सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन ने यह साबित किया कि जब समाज एकजुट होकर निर्णय लेता है, तो बिना किसी विवाद के नेतृत्व चयन संभव है। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से समाज के विकास, संगठनात्मक मजबूती और युवाओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
