बाबा रामदेव के भक्तों के लिए भीनमाल से सेवा का संकल्प, आसकरण की ढाणी में सजेगा विशाल ‘राम रसोड़ा’
भादवा मेले में पैदल यात्रियों की सेवा के लिए रामदेव सेवा संस्थान की अनूठी पहल
Bhinmal (मुकेश सोलंकी)। लोकदेवता बाबा रामदेवजी के जन्मोत्सव और भादवा मेले के अवसर पर रामदेवरा की पदयात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से भीनमाल का रामदेव सेवा संस्थान एक बार फिर सेवा का संकल्प लेकर मैदान में उतर रहा है। संस्थान की ओर से इस वर्ष भी आसकरण की ढाणी (साई सांबर, शेरगढ़) में विशाल ‘राम रसोड़ा’ संचालित किया जाएगा, जहां पदयात्रियों को नि:शुल्क भोजन, पेयजल, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस सेवा अभियान को लेकर शहर के रेलवे स्टेशन स्थित प्रसिद्ध हनुमान कुटिया में संस्थान की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में लिया गया सर्वसम्मत निर्णय
रामदेव सेवा संस्थान की बैठक अध्यक्ष मोहनलाल घांची की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी सेवा कार्य पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ संचालित किया जाएगा।
संस्थान ने तय किया कि आसकरण की ढाणी में स्थापित होने वाला विशाल राम रसोड़ा हजारों पदयात्रियों के लिए राहत का केंद्र बनेगा। यहां यात्रियों को शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन, पीने का स्वच्छ पानी, विश्राम की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लंबी पैदल यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
18 अगस्त को रवाना होगा सेवा वाहन
बैठक में यह भी तय किया गया कि 18 अगस्त को सुबह 10 बजे हनुमान कुटिया परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सेवा अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी।
इस अवसर पर सेवा सामग्री से भरे वाहन को पूज्य कपीलगिरी जी महाराज भगवा ध्वज दिखाकर रवाना करेंगे। धार्मिक वातावरण में होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और संस्थान के कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
सेवा सामग्री के साथ पहुंचेगी पूरी टीम
संस्थान की ओर से भोजन बनाने के लिए आवश्यक राशन, रसोई उपकरण, गैस सिलेंडर, बर्तन, पेयजल व्यवस्था और अन्य जरूरी सामग्री पहले ही सेवा स्थल पर पहुंचाई जाएगी।
इसके साथ ही स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमों का गठन किया जाएगा, जो भोजन निर्माण, वितरण, सफाई, चिकित्सा सहायता, जल सेवा और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगी। संस्थान का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक सेवा उपलब्ध कराई जाए।
लाखों पदयात्रियों को मिलेगा लाभ
हर वर्ष राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए पैदल रामदेवरा पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पैदल पूरी करते हैं।
ऐसे में रास्ते में संचालित होने वाले सेवा शिविर यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। रामदेव सेवा संस्थान का राम रसोड़ा भी वर्षों से श्रद्धालुओं की सेवा का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री भोजन और विश्राम का लाभ उठाते हैं।
वर्षों से निभाई जा रही सेवा परंपरा
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि राम रसोड़ा केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और मानवता की भावना का प्रतीक है।
हर वर्ष सैकड़ों स्वयंसेवक अपने निजी कार्यों से समय निकालकर इस सेवा अभियान में भाग लेते हैं। कई लोग आर्थिक सहयोग देते हैं तो कई स्वयं श्रमदान कर इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी निभाते हैं।
संस्थान का मानना है कि बाबा रामदेवजी की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम उनके भक्तों की सेवा करना है। इसी भावना के साथ वर्षों से यह परंपरा निरंतर जारी है।
व्यवस्थाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान भोजन सामग्री की सूची, राशन की उपलब्धता, पानी की व्यवस्था, रसोई संचालन, विश्राम स्थल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता और स्वयंसेवकों की ड्यूटी सहित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
सभी जिम्मेदारियों का स्पष्ट रूप से विभाजन किया गया ताकि सेवा कार्य के दौरान किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो। पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों से समय पर अपनी जिम्मेदारियां निभाने और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
अधिकाधिक लोगों से जुड़ने की अपील
संस्थान के अध्यक्ष मोहनलाल घांची ने भीनमाल शहर और आसपास के क्षेत्रों के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, समाजसेवियों और संस्थान के सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में इस सेवा अभियान से जुड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सेवा का यह कार्य केवल संस्थान का नहीं बल्कि पूरे समाज का अभियान है। जितने अधिक लोग इसमें सहयोग करेंगे, उतनी ही बेहतर सुविधाएं पदयात्रियों को उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उन्होंने श्रद्धालुओं से 18 अगस्त को हनुमान कुटिया में आयोजित सेवा वाहन रवाना कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहने का आग्रह किया।
अनेक कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में संस्थान के सचिव दिनेश भाटी, कोषाध्यक्ष पारसमल माली, बाबूलाल, जसराज, ईश्वरलाल प्रजापत, मुलाराम, सुजाराम, दूरखाराम, महेशदत्त ओझा, आसूराम, सालुराम देवासी तथा पारस परमार सहित संस्थान के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
सभी ने सेवा अभियान को सफल बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर सहयोग का भरोसा दिलाया और आवश्यक तैयारियों को समय पर पूरा करने का संकल्प लिया।
सेवा ही सबसे बड़ी साधना
रामदेव सेवा संस्थान का यह प्रयास केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
भादवा मेले के दौरान हजारों पदयात्रियों के लिए भोजन, पानी और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना न केवल उनकी यात्रा को सुगम बनाता है, बल्कि भारतीय संस्कृति की ‘अतिथि देवो भव:’ और ‘सेवा परमो धर्म:’ की परंपरा को भी सशक्त करता है।
संस्थान को उम्मीद है कि इस वर्ष भी समाज के सहयोग और स्वयंसेवकों के समर्पण से राम रसोड़ा सफलतापूर्वक संचालित होगा और रामदेवरा जाने वाले हजारों श्रद्धालु इसका लाभ उठाएंगे।
