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भीनमाल के डॉ. प्रवीण कुमार माली को पीएचडी की उपाधि, मनरेगा पर शोध से बढ़ाया जालोर जिले का गौरव

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Published On: 20 July 2026
Dr. Praveen Kumar Mali receives his PhD from Rajasthan University for research on MGNREGA and poverty alleviation
— Dr. Praveen Kumar Mali receives his PhD from Rajasthan University for research on MGNREGA and poverty alleviation

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भीनमाल के डॉ. प्रवीण कुमार माली को पीएचडी की उपाधि, मनरेगा पर शोध से बढ़ाया जालोर जिले का गौरव

रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी
स्थान: भीनमाल, जालोर (राजस्थान)

राजस्थान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त, क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल

भीनमाल (जालोर)। राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल शहर के निवासी डॉ. प्रवीण कुमार माली ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे भीनमाल, जालोर जिले और माली समाज में हर्ष और गर्व का वातावरण है।

डॉ. प्रवीण कुमार माली वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय साबरमती, अहमदाबाद में अर्थशास्त्र के व्याख्याता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्षों की मेहनत, अध्ययन और शोध के बाद उन्हें यह प्रतिष्ठित उपाधि प्रदान की गई, जिसे शिक्षा जगत में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मनरेगा की भूमिका पर किया महत्वपूर्ण शोध

डॉ. प्रवीण कुमार माली ने अपना शोध कार्य राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के अर्थशास्त्र विभाग में पूर्ण किया। उनका शोध विषय था—

“राजस्थान के जयपुर जिले में गरीबी उन्मूलन में मनरेगा की भूमिकाः एक आलोचनात्मक विश्लेषण।”

यह शोध अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. जी. एल. मीणा के निर्देशन में संपन्न हुआ।

शोध के माध्यम से उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की प्रभावशीलता, ग्रामीण रोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन तथा योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया।

अर्थशास्त्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का शोध नीति निर्माण, ग्रामीण विकास और रोजगार योजनाओं के मूल्यांकन में उपयोगी साबित हो सकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट योगदान

डॉ. प्रवीण कुमार माली लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय विद्यालय संगठन के अंतर्गत अर्थशास्त्र के व्याख्याता के रूप में विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

अपने शिक्षण कार्य के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर शोध, विश्लेषण और समसामयिक आर्थिक विषयों के प्रति भी प्रेरित किया है।

उनकी पहचान एक समर्पित शिक्षक, शोधकर्ता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्ध अकादमिक व्यक्तित्व के रूप में बनी है।

देश के विभिन्न राज्यों में दे चुके हैं सेवाएं

डॉ. प्रवीण कुमार माली का शैक्षणिक अनुभव देश के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ है।

उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत सहित देश के अनेक राज्यों में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक परिवेश में कार्य करने के अनुभव ने उनके व्यक्तित्व और शिक्षण दृष्टिकोण को और अधिक व्यापक बनाया।

वर्तमान में वे गुजरात के अहमदाबाद स्थित केंद्रीय विद्यालय साबरमती में कार्यरत हैं, जहां वे विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय शिक्षक माने जाते हैं।

भीनमाल के भगवती नगर से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर

डॉ. प्रवीण कुमार माली जालोर जिले के भीनमाल शहर के भगवती नगर निवासी हैं।

वे भीमाराम माली सुंदेशा एवं शांति देवी के सुपुत्र हैं। एक साधारण परिवार से निकलकर उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में यह उपलब्धि हासिल करना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डॉ. प्रवीण की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

सामाजिक और साहित्यिक गतिविधियों में भी सक्रिय

शिक्षा के साथ-साथ डॉ. प्रवीण कुमार माली सामाजिक और साहित्यिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

वे प्रतिष्ठित सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था ‘श्री महाकवि माघ विकास संस्थान’ के सक्रिय सदस्य हैं और समय-समय पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक तथा साहित्यिक कार्यक्रमों में सहभागिता करते रहते हैं।

समाज के विकास में शिक्षा की भूमिका को लेकर उनका विशेष दृष्टिकोण रहा है और वे युवाओं को उच्च शिक्षा तथा शोध के लिए प्रेरित करते हैं।

गुरुजनों ने बताया जिले के लिए गर्व का विषय

पीएचडी की उपाधि प्राप्त होने पर उनके गुरु डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने उनका नागरिक अभिनंदन किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. प्रवीण कुमार माली की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे जालोर जिले के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. प्रवीण भविष्य में भी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते रहेंगे तथा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।

माली समाज और विभिन्न संगठनों ने दी शुभकामनाएं

डॉ. प्रवीण कुमार माली की इस उपलब्धि पर माली समाज सहित विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी।

क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां पूरे समाज का सम्मान बढ़ाती हैं।

कई लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि शिक्षा और शोध के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

ग्रामीण विकास और शोध का महत्वपूर्ण विषय बना मनरेगा

विशेषज्ञों के अनुसार, मनरेगा ग्रामीण भारत की सबसे महत्वपूर्ण रोजगार योजनाओं में से एक है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाता है।

डॉ. प्रवीण कुमार माली द्वारा इस विषय पर किया गया आलोचनात्मक शोध योजना के व्यावहारिक पक्ष, प्रभाव, चुनौतियों और संभावित सुधारों को समझने में उपयोगी माना जा सकता है।

ऐसे शोध भविष्य में नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों तथा शिक्षा जगत के लिए संदर्भ सामग्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी सफलता

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डॉ. प्रवीण कुमार माली की सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर अध्ययन, शोध के प्रति समर्पण और कठिन परिश्रम से कोई भी विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

भीनमाल जैसे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक पहचान बनाना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी स्थान की मोहताज नहीं होती।

क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनके जीवन से प्रेरणा लेकर उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे।

डॉ. प्रवीण कुमार माली की पीएचडी उपाधि केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे भीनमाल, जालोर जिले, माली समाज और शिक्षा जगत के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

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