ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ Bhinmal मेडिकल स्टोर बंद रहे। केमिस्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंध की मांग की।
ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ Bhinmal मेडिकल स्टोर बंद
राजस्थान के जालौर जिले के Bhinmal में ई-फार्मेसी यानी ऑनलाइन दवाओं की बिक्री और नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। भीनमाल कैमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर क्षेत्र के सभी मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे।
इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर देशभर में ऑनलाइन फार्मेसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। मेडिकल व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिना नियंत्रण के दवाओं की बिक्री हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ भीनमाल में बड़ा विरोध
Bhinmal Chemist Association के अध्यक्ष रमेश दवे और सचिव मूलसिंह राव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में केमिस्ट तहसील कार्यालय पहुंचे।
मीडिया प्रभारी कृष्ण मोदी ने बताया कि कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी वैध प्रिस्क्रिप्शन के नशीली और भारी मात्रा में एंटीबायोटिक दवाएं बेची जा रही हैं। इससे युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है और लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार आम जनता और देश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर तुरंत सख्त कार्रवाई करे।
बिना डॉक्टर के पर्चे बिक रही नशीली और एंटीबायोटिक दवाएं
केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन माध्यमों से बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाइयों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।
विशेष रूप से एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं का गलत उपयोग युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है। इससे दवा प्रतिरोधक क्षमता (Antibiotic Resistance) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
केमिस्टों का कहना है कि ऑफलाइन मेडिकल स्टोर पर जहां नियमों का पालन कराया जाता है, वहीं ऑनलाइन फार्मेसी में पर्याप्त निगरानी नहीं होने से स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है।
नकली दवाओं के कारोबार पर लगे लगाम
प्रदर्शन के दौरान केमिस्ट संजीव माथुर ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए नकली और अवैध दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था इन गतिविधियों को रोकने में विफल साबित हो रही है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि ऑनलाइन फार्मेसी पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया और नकली दवा बेचने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान भीनमाल कैमिस्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, नकली दवाओं के कारोबार पर नियंत्रण करने और बिना डॉक्टर के पर्चे दवा बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाती है तो दवा व्यवसाय और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
प्रदर्शन में सैकड़ों केमिस्ट रहे मौजूद
इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में भीनमाल के सभी छोटे-बड़े मेडिकल स्टोर बंद रहे। इससे मरीजों को दवाइयों के लिए थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन मेडिकल व्यापारियों ने एकजुटता दिखाकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई।
इस अवसर पर कैमिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मुकेश बाफना, गुमान सिंह राव, कमल शर्मा, धुखाराम चौधरी, चेनराज परमार, परखाराम चौधरी, सह-सचिव हीरालाल घांची, उपाध्यक्ष वचनाराम पुरोहित, गेमाराम चौधरी, अमीन खान, नरेंद्र सिंह गोहिल, मदेश चौधरी, प्रदीप जाट, जावेद खान, पहलवान खान, मदन माली सहित सैकड़ों स्थानीय केमिस्ट और दवा व्यवसायी उपस्थित रहे।
ऑनलाइन फार्मेसी को लेकर बढ़ती चिंता
देशभर में ऑनलाइन फार्मेसी को लेकर लगातार बहस जारी है। एक ओर लोग घर बैठे दवाइयों की सुविधा को बेहतर मानते हैं, वहीं दूसरी ओर दवा व्यवसायियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना उचित नियंत्रण के ऑनलाइन दवा बिक्री गंभीर खतरा बन सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की अनियंत्रित बिक्री भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। ऐसे में सरकार के सामने संतुलित और सुरक्षित नीति बनाने की चुनौती है।
निष्कर्ष
Bhinmal में ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ मेडिकल स्टोर बंद कर केमिस्ट एसोसिएशन ने सरकार को स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है।व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम और निगरानी जरूरी है ताकि नकली दवाओं के कारोबार पर रोक लग सके और आम जनता का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

