भीनमाल 175वां यज्ञ के तहत सनातन संस्कृति जागरण संघ ने घर-घर यज्ञ अभियान में 175वें यज्ञ का आयोजन किया। कई लोगों ने शराब, गुटखा, बीड़ी और मांसाहार छोड़ने का संकल्प लिया। पढ़ें पूरी खबर।
भीनमाल 175वां यज्ञ: सनातन संस्कृति जागरण संघ के अभियान में कई लोगों ने लिया नशा व मांसाहार छोड़ने का प्रेरणादायक संकल्प
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | भीनमाल
भीनमाल 175वां यज्ञ बना सामाजिक जागरूकता का केंद्र
भीनमाल 175वां यज्ञ रविवार शाम दासपां रोड स्थित बस्ती में सनातन संस्कृति जागरण संघ के तत्वावधान में वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। संघ द्वारा संचालित ‘घर-घर यज्ञ अभियान’ के तहत यह 175वां आयोजन था, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
यज्ञ का वैदिक संपादन राव विक्रम सिंह आर्य द्वारा कराया गया, जबकि अशोक बंजारा अपने परिवार सहित मुख्य यजमान रहे। पूरे आयोजन में धार्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष अनुभव देखने को मिला।
कई लोगों ने लिया नशा और मांसाहार छोड़ने का संकल्प
यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से शराब, बीड़ी, गुटखा तथा मांसाहार जैसी बुरी आदतों को त्यागने का संकल्प लिया।
सनातन संस्कृति जागरण संघ के वरिष्ठ सदस्य वालाराम मौर्य एवं मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि संगठन का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। घर-घर यज्ञ अभियान के माध्यम से समाज को नशामुक्त, संस्कारित और संगठित बनाने का प्रयास लगातार जारी है।
युवाओं को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास
यज्ञ के बाद आयोजित विचार गोष्ठी में शंकरलाल सोलंकी, दीपाराम गहलोत एवं संपतलाल सोनी ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि युवा भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ेंगे तो समाज स्वतः स्वस्थ और सशक्त बनेगा।
उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास करें।
समाज में समरसता लाने का अभियान
सनातन संस्कृति जागरण संघ का घर-घर यज्ञ अभियान केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जागरण का भी माध्यम बन चुका है।
संघ के अनुसार इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य—
- जातिगत भेदभाव समाप्त करना
- सामाजिक समरसता बढ़ाना
- युवाओं को नशामुक्त बनाना
- परिवारों में धार्मिक वातावरण तैयार करना
- वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना
- भारतीय संस्कृति के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करना
संगठन प्रत्येक रविवार अलग-अलग बस्तियों में यज्ञ आयोजित कर समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहा है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे श्रद्धालु
इस अवसर पर बस्ती के अनेक लोगों सहित
सोमाराम बंजारा, बगदारम बंजारा, दशरथ बंजारा, मोहनलाल माली, चंदन बंजारा, संपतलाल सोनी, शंकरलाल सोलंकी, छोगाराम गहलोत, ओटाराम मेघवाल, वालाराम मौर्य, दीपाराम गहलोत, तारचंद फुलवरिया, ताराराम पाउआ, सुखराज माली, सोमताराम माली, रमेश माली, राजेश टी. सोनी, अजमल दर्जी, दिलीप चौहान, रमेश राणा, आर्य राहुल बंजारा, आर्य रोहित मेघवाल, गौरव बंजारा, नीरज वैष्णव, आर्य अक्षय बंजारा, हेमंत जीनगर, शिवम आर्य, रतन बंजारा, महेंद्र जीनगर, करण बंजारा, राहुल जीनगर, जीवन बंजारा सहित संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यज्ञ का सफल संचालन एवं वैदिक संपादन राव विक्रम सिंह आर्य द्वारा किया गया।
समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल
भीनमाल 175वां यज्ञ इस बात का प्रमाण है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में जागरूकता, नशामुक्ति और सामाजिक एकता का संदेश प्रभावी ढंग से फैलाया जा सकता है। सनातन संस्कृति जागरण संघ का यह अभियान लगातार लोगों को संस्कार, अध्यात्म और राष्ट्रहित की भावना से जोड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का कार्य भी कर रहे हैं। यदि इस प्रकार के अभियान निरंतर चलते रहे तो युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।

