भैंसवा माता पैदल यात्रा में टिकोद सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने 35 किलोमीटर पैदल चलकर मां बिजासन के दर्शन किए। 12 वर्षों से जारी इस धार्मिक परंपरा में चुनरी चढ़ाई गई, भंडारे का आयोजन हुआ और अच्छी बारिश व सुख-समृद्धि की कामना की गई। पढ़ें पूरी खबर।
भैंसवा माता पैदल यात्रा: 35 किलोमीटर की पदयात्रा कर सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे मां बिजासन धाम
रिपोर्टर: पड़ाना प्रतिनिधि
भैंसवा माता पैदल यात्रा
पड़ाना। प्रसिद्ध शक्तिपीठ भैंसवा माता पैदल यात्रा के तहत मंगलवार को क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। प्रसिद्ध शक्तिपीठ भैंसवा ग्राम स्थित मां बिजासन मंदिर में इन दिनों पैदल श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों का लगातार तांता लगा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, क्षेत्र में सुख-समृद्धि तथा अच्छी बारिश की कामना लेकर भैंसवा माता पैदल यात्रा में शामिल हो रहे हैं।मंगलवार सुबह भी सैकड़ों श्रद्धालुओं का जत्था नगर से भैंसवा माता धाम के लिए रवाना हुआ। सुबह लगभग 8 बजे पास के गांव टिकोद से महिलाओं एवं पुरुषों ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ अपनी पदयात्रा प्रारंभ की।
35 किलोमीटर की कठिन लेकिन श्रद्धा से भरपूर यात्रा
श्रद्धालुओं ने करीब 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर मां बिजासन के दरबार में पहुंचकर दर्शन किए। ग्रामीणों ने बताया कि यह यात्रा पिछले 12 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है। हर वर्ष श्रद्धालु इसी समय पैदल यात्रा निकालकर माता रानी के दरबार में पहुंचते हैं और क्षेत्र में खुशहाली, अच्छी वर्षा तथा परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।इस पदयात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
यात्रा में शामिल प्रमुख श्रद्धालु
इस धार्मिक यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में अनीता परमार, बबीता परमार, मंकुवर परमार, गायत्री परमार, लक्ष्मी परमार, सीमा परमार, राम सभा परमार, पुष्पा परमार, विक्रम परमार, हुर्जनसिंह परमार, लखन परमार, रघु परमार, देवकरण कारीगर, रोहित परमार, दीपक परमार, घनश्याम परमार, बृजमोहन परमार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल रहे।
रास्ते में हुआ श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत
भैंसवा माता पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का जगह-जगह स्वागत किया गया। ग्राम सरपंच गोपाल परमार द्वारा करौंदी जोड़, गुलावता जोड़ तथा पड़ाना स्थित बैरागी होटल पर श्रद्धालुओं के लिए फल, फ्रूट, चाय एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने इस आत्मीय स्वागत के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
मां बिजासन के दरबार में चुनरी चढ़ाकर की पूजा-अर्चना
दोपहर में सभी श्रद्धालु भैंसवा माता धाम पहुंचे, जहां मां बिजासन के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।श्रद्धालुओं ने माता रानी को चुनरी अर्पित कर परिवार, समाज एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद सभी भक्तों के लिए भोजन भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
शाजापुर जिले से भी पहुंचे पैदल श्रद्धालु
इस वर्ष की भैंसवा माता पैदल यात्रा की विशेष बात यह रही कि शाजापुर जिले के बेदार नगर एवं कुचलाना गांव की महिलाओं का दल भी लगभग 35 किलोमीटर पैदल चलकर मां बिजासन धाम पहुंचा।महिलाओं ने बताया कि वे कई वर्षों से लगातार इस पदयात्रा में शामिल होकर माता रानी के दर्शन करती आ रही हैं।
12 वर्षों से लगातार निभाई जा रही आस्था
ग्राम सरपंच गोपाल परमार ने बताया कि गांव के सैकड़ों ग्रामीण पिछले लगभग 12 वर्षों से लगातार पैदल यात्रा निकालते आ रहे हैं।उन्होंने कहा कि
“ग्रामीण पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ मां बिजासन के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। माता रानी की कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा होती है।”
यात्रा में ये लोग भी रहे मौजूद
इस दौरान सतीश गोस्वामी, नेमीचंद, राम बैरागी, राजू बैरागी, राठौर राम बैरागी, पत्रकार रामबाबू सेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धार्मिक आस्था का बना प्रेरणादायक उदाहरण
भैंसवा माता पैदल यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि ग्रामीण एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष सैकड़ों श्रद्धालु कठिन पदयात्रा कर मां बिजासन के दर्शन करते हैं और समाज में भाईचारे का संदेश देते हैं।
