मध्यप्रदेश: राज्य के लाखों सोयाबीन उत्पादक किसानों को आज एक बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर जिले के देपालपुर में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भावांतर भुगतान योजना के तहत 1.52 लाख किसानों के खातों में 253 करोड़ रुपये का ऑनलाइन हस्तांतरण करेंगे। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
कार्यक्रम देपालपुर विधानसभा क्षेत्र के गौतमपुरा में दोपहर 2 बजे शुरू होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री किसानों से संवाद भी करेंगे। अनुमान है कि कार्यक्रम में लगभग 10,000 से अधिक किसान शामिल होंगे, विशेष रूप से मालवांचल क्षेत्र के किसानों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले सीएम मोहन यादव एक रोड शो भी करेंगे और स्थानीय लोगों का अभिवादन स्वीकार करेंगे।

भावांतर भुगतान योजना क्या है?
इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि उपज के बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से बचाना है। इसके तहत सरकार कृषि उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और मंडी में किसानों को मिले औसत बिक्री मूल्य (मॉडल रेट) के बीच के अंतर की राशि सीधे किसानों को भुगतान करती है। इससे किसानों को अपनी फसल का निश्चित मूल्य और आर्थिक सुरक्षा मिलती है।

इस साल सोयाबीन के मॉडल रेट 7 नवंबर से 24 नवंबर के बीच तय किए गए। इस अवधि में 4020 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 4282 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
यह दूसरा मौका है जब मोहन यादव सरकार किसानों को भावांतर राशि दे रही है। इससे पहले 13 नवंबर को देवास में 1.33 लाख किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर कृषि से जुड़े आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, ताकि किसान नई तकनीकों और मशीनरी से अवगत हो सकें।
