मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज करेंगे किसानों के खातों में भावांतर योजना का पहला भुगतान
📍 भोपाल | मध्यप्रदेश कृषि समाचार
📅 गुरुवार, 13 नवंबर 2025
किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवास से करेंगे शुभारंभ
मध्यप्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज देवास से भावांतर भुगतान योजना (Bhavantar Yojana) के तहत किसानों के खातों में पहली किस्त ट्रांसफर करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य किसानों को सोयाबीन फसल का उचित भाव और समर्थन मूल्य का अंतर प्रदान करना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे। इस राज्य स्तरीय आयोजन में कृषि विभाग, मंडी बोर्ड और स्थानीय किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
भावांतर योजना क्या है और क्यों है किसानों के लिए जरूरी?
भावांतर भुगतान योजना राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत किसानों को उनकी फसल के मॉडल रेट (Model Rate) और समर्थन मूल्य (MSP) के बीच के अंतर की भरपाई की जाती है।
इस योजना का उद्देश्य है — किसान को बाजार में फसल की गिरती कीमतों से सुरक्षा देना और उसके मेहनत के उचित मूल्य की गारंटी सुनिश्चित करना।
इस साल खरीफ सीजन की प्रमुख फसल सोयाबीन (Soybean) के लिए यह योजना लागू की गई है। प्रदेश में लगभग 45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती होती है, जिससे लाखों किसान जुड़े हैं।
किसानों को मिलेगा प्रति क्विंटल 800 रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान
राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना में किसानों को प्रति क्विंटल 800 रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान केंद्र सरकार से मिलेगा। शेष राशि की व्यवस्था मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर कर रही है।
इस योजना के तहत:
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केंद्र सरकार देगी ₹800 प्रति क्विंटल
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शेष राशि का वहन राज्य सरकार करेगी
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मंडी बोर्ड (Mandi Board) सरकार की गारंटी पर ₹1,500 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर किसानों के भुगतान की व्यवस्था कर रहा है
क्यों जरूरी हुआ भावांतर?
इस बार प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण सोयाबीन उत्पादन प्रभावित हुआ है। नतीजतन, किसानों को मंडियों में केवल ₹4,000 से ₹4,500 प्रति क्विंटल तक का ही भाव मिल पा रहा है।
जबकि केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य (MSP) ₹5,328 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
ऐसे में किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने भावांतर योजना लागू करने का निर्णय लिया है।
भावांतर योजना की मुख्य बातें
| घटक | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | भावांतर भुगतान योजना (Bhavantar Yojana) |
| लागू राज्य | मध्यप्रदेश |
| मुख्य फसल | सोयाबीन |
| मॉडल रेट | ₹4,036 प्रति क्विंटल |
| समर्थन मूल्य (MSP) | ₹5,328 प्रति क्विंटल |
| भुगतान का माध्यम | सिंगल क्लिक ट्रांसफर |
| लाभार्थी किसान | 9 लाख से अधिक पंजीकृत किसान |
| पहले चरण में भुगतान | 1,36,000 किसान |
| वित्तीय व्यवस्था | मंडी बोर्ड द्वारा ₹1,500 करोड़ का कर्ज |
| कार्यक्रम स्थल | देवास |
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल — किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह योजना किसानों की मेहनत का सम्मान है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर पात्र किसान को भावांतर योजना का पूरा लाभ मिले।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केवल योजनाएं बना नहीं रही, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू भी कर रही है ताकि किसान को सीधे फायदा मिले।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों के लिए समर्थन मूल्य और बाजार भाव के अंतर को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उनके अनुसार, “किसान खुशहाल होगा तो प्रदेश समृद्ध होगा।”
मंडी बोर्ड करेगा वित्तीय प्रबंधन
राज्य सरकार ने मंडी बोर्ड को भुगतान के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी है। मंडी बोर्ड सरकार की गारंटी पर ₹1,500 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है, जिससे किसानों के भुगतान में कोई देरी न हो।
इस बीच, मंडियों में प्रतिदिन मॉडल रेट (Model Rate) तय किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को पारदर्शी और उचित भाव मिल सके।
किसानों में उत्साह — “मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद”
देवास और आसपास के जिलों के किसानों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल वाकई राहत देने वाली है।
किसान संघों ने भी इस योजना की सराहना की है, क्योंकि यह प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।
निष्कर्ष — मध्यप्रदेश सरकार का किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय
भावांतर योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के जीवन में स्थायित्व और आत्मनिर्भरता लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
देवास से होने वाले इस कार्यक्रम के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में अन्य फसलों के लिए भी इसी तरह की योजनाएं लागू होंगी।


