Bhavantar Yojana 2025: सोयाबीन का मॉडल रेट 4209 रुपए, एमएसपी 5328 रुपए, जनवरी तक चलेगी खरीदी
मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए राज्य सरकार की तरफ से बड़ी खबर है। Bhavantar Yojana 2025 के तहत किसानों के लिए सोयाबीन का मॉडल रेट लगातार अपडेट किया जा रहा है। 23 दिसंबर, 2025 को जारी मॉडल रेट 4209 रुपए प्रति क्विंटल है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए लागू है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडियों में बेचने के लिए जमा की है।
Bhavantar Yojana क्या है?
Bhavantar Yojana का उद्देश्य किसानों को उनके फसल मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के बीच अंतर की भरपाई करना है। MSP के अनुसार सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल है। यदि बाजार में सोयाबीन का भाव MSP से कम रहता है, तो राज्य सरकार उस अंतर को किसानों को देगी, ताकि किसानों को कोई आर्थिक नुकसान न हो।
मॉडल रेट पिछले चौदह दिनों के सोयाबीन बाजार के औसत मूल्य पर आधारित होता है। इस आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाती है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भावांतर की राशि किसानों के खाते में सीधे जमा की जाएगी।

मॉडल रेट का विवरण
सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर, 2025 को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसके बाद प्रतिदिन बाजार भाव के अनुसार रेट अपडेट किए गए।
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नवंबर का रेट:
7 नवंबर – 4020 रुपए, 8 नवंबर – 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर – 4036 रुपए, 11 नवंबर – 4056 रुपए, 12 नवंबर – 4077 रुपए, 13 नवंबर – 4130 रुपए, 14 नवंबर – 4184 रुपए, 15 नवंबर – 4225 रुपए, 16 नवंबर – 4234 रुपए, 17 नवंबर – 4236 रुपए, 18 नवंबर – 4255 रुपए, 19 नवंबर – 4263 रुपए, 20 नवंबर – 4267 रुपए, 21 नवंबर – 4271 रुपए, 22 नवंबर – 4285 रुपए, 23-24 नवंबर – 4282 रुपए, 25 नवंबर – 4277 रुपए, 26 नवंबर – 4265 रुपए, 27 नवंबर – 4252 रुपए, 28 नवंबर – 4260 रुपए, 29 नवंबर – 4240 रुपए, 30 नवंबर – 4237 रुपए। -
दिसंबर का रेट (1-22 दिसंबर):
1 दिसंबर – 4239 रुपए, 2 दिसंबर – 4235 रुपए, 3 दिसंबर – 4240 रुपए, 4 दिसंबर – 4235 रुपए, 5 दिसंबर – 4230 रुपए, 6 दिसंबर – 4217 रुपए, 7 दिसंबर – 4222 रुपए, 8 दिसंबर – 4219 रुपए, 9 दिसंबर – 4217 रुपए, 10 दिसंबर – 4210 रुपए, 11 दिसंबर – 4207 रुपए, 12 दिसंबर – 4202 रुपए, 13 दिसंबर – 4204 रुपए, 14 दिसंबर – 4208 रुपए, 15 दिसंबर – 4208 रुपए, 16 दिसंबर – 4209 रुपए, 17 दिसंबर – 4205 रुपए, 18 दिसंबर – 4195 रुपए, 19 दिसंबर – 4201 रुपए, 20 दिसंबर – 4191 रुपए, 21 दिसंबर – 4193 रुपए, 22 दिसंबर – 4194 रुपए।
खरीदी अवधि और रजिस्ट्रेशन
सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए Bhavantar Yojana के तहत 3 से 17 अक्टूबर, 2025 तक पंजीकरण की प्रक्रिया चली, जिसमें 9.36 लाख किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। मध्य प्रदेश में सोयाबीन की बिक्री 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक चलेगी।
इस दौरान अगर सोयाबीन MSP से कम कीमत पर बिकती है, तो राज्य सरकार भावांतर योजना के तहत किसानों को नुकसान की भरपाई करेगी। राज्य सरकार ने किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर – 0755-2704555 भी जारी किया है, जो प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक कार्य करेगी।

MSP और लाभ
पिछले वर्ष सोयाबीन का भाव 4800 रुपए प्रति क्विंटल था। इस साल किसानों को MSP के अनुसार लगभग 5328 रुपए की दर से खरीदा जाएगा। इसका मतलब यह है कि किसानों को पिछले साल की तुलना में 500 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
Bhavantar Yojana का महत्व
Bhavantar Yojana किसानों की आर्थिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन है। इससे किसानों को बाजार में गिरते हुए भाव के कारण होने वाले नुकसान से बचाया जाता है। योजना के तहत सरकारी हस्तक्षेप से किसान सुनिश्चित कर सकते हैं कि उन्हें उनकी फसल का न्यूनतम मूल्य अवश्य मिलेगा।
कैसे काम करता है मॉडल रेट
मॉडल रेट पिछले 14 दिनों के बाजार भाव का औसत होता है। इस मॉडल रेट और MSP के अंतर की राशि राज्य सरकार किसानों के खाते में सीधे जमा करती है। इस तरह किसान को किसी भी परिस्थिति में नुकसान नहीं उठाना पड़ता।
किसानों के लिए सुझाव
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मॉडल रेट और MSP की जानकारी नियमित रूप से देखें।
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मंडियों में अपनी फसल बेचने से पहले भावांतर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें।
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हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करें अगर किसी प्रकार की समस्या आती है।
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बिक्री के समय फसल की गुणवत्ता और वजन सही तरीके से दर्ज करें।
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योजना के तहत प्राप्त राशि का रिकॉर्ड रखें।
🔗 Madhya Pradesh State Agricultural Marketing (Mandi Board) – भावांतर योजना पेज
https://mpmandiboard.in/index.php/bhavantara-yojana
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश की Bhavantar Yojana 2025 सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह योजना न केवल आर्थिक सुरक्षा देती है, बल्कि किसानों को MSP के अनुसार लाभ सुनिश्चित करती है। 15 जनवरी, 2026 तक सोयाबीन की बिक्री के दौरान किसानों को उनके नुकसान की भरपाई राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इस योजना से किसानों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपने उत्पादन के लिए उचित मूल्य प्राप्त होता है।
किसान योजना के तहत अपने रजिस्ट्रेशन, मॉडल रेट और भावांतर की जानकारी समय-समय पर Nodal अधिकारियों और मंडियों से प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उनके उत्पादन का सही मूल्य मिले और खेती लाभकारी बनी रहे।
