दादा गुरुदेव की जन्म द्विशताब्दी महोत्सव का संदेश लेकर नागदा पहुंचा भरतपुर तीर्थ का प्रतिनिधिमंडल
श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ ने ट्रस्टीगण का किया आत्मीय बहुमान, 8 से 16 जनवरी 2027 तक भरतपुर महातीर्थ में होगा भव्य अष्टाह्निका महोत्सव
नागदा। दादा गुरुदेव परम पूज्य श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी महाराज साहब की जन्म द्विशताब्दी के अवसर पर राजस्थान की पावन तीर्थभूमि श्री भरतपुर महातीर्थ में आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक महोत्सव का संदेश लेकर श्री राजेन्द्रसूरि जैन कीर्ति मंदिर तीर्थ, भरतपुर का प्रतिनिधिमंडल नागदा पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने नागदा के जैन समाज को महोत्सव में शामिल होने के लिए भावपूर्ण अग्रिम निमंत्रण दिया। इस दौरान नागदा श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ की ओर से भरतपुर तीर्थ के ट्रस्टीगण का आत्मीय बहुमान किया गया।
दादा गुरुदेव की जन्म द्विशताब्दी को ऐतिहासिक और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से भरतपुर तीर्थ ट्रस्ट मंडल द्वारा देशभर के विभिन्न जैन श्रीसंघों तक महोत्सव का संदेश और आमंत्रण पहुंचाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ट्रस्ट के पदाधिकारी नागदा पहुंचे और यहां समाजजनों से मुलाकात कर उन्हें आयोजन की विस्तृत जानकारी दी।
साध्वी अर्हमव्रता श्रीजी के किए दर्शन-वंदन
नागदा पहुंचने के बाद भरतपुर तीर्थ के प्रतिनिधिमंडल ने सर्वप्रथम नगर में चातुर्मास हेतु विराजमान पूज्य साध्वी श्री अर्हमव्रता श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-4 के दर्शन-वंदन किए। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने साध्वीश्री से मांगलिक श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की जन्म द्विशताब्दी के उपलक्ष्य में भरतपुर महातीर्थ में होने वाले आयोजन की जानकारी भी साझा की। इसके साथ ही नागदा श्रीसंघ को इस भव्य धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए अग्रिम निमंत्रण प्रदान किया गया।
महोत्सव को लेकर समाजजनों में भी उत्साह दिखाई दिया। उपस्थित समाजजनों ने दादा गुरुदेव के जीवन, उनके उपदेशों और जैन समाज के लिए उनके योगदान को स्मरण करते हुए आगामी आयोजन को ऐतिहासिक अवसर बताया।
भरतपुर तीर्थ से पहुंचे ट्रस्ट के पदाधिकारी
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि श्री भरतपुर महातीर्थ से आए प्रतिनिधिमंडल में तीर्थ ट्रस्ट के कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल में तीर्थ ट्रस्ट अध्यक्ष बाबूलालजी लालचंदजी कटारिया संघवी (धानसा-दिल्ली), महामंत्री विमलकुमारजी नैनमलजी वेदमूथा (भूति-सूरत), उपाध्यक्ष शेषमलजी बाबूलालजी क्षत्रीय वोरा (सुराणा-दिल्ली), कोषाध्यक्ष कान्तीलालजी मगराजजी संघवी (आकोली-अहमदाबाद), सहकोषाध्यक्ष राजेन्द्रकुमारजी शंकरलालजी दंगवाड़ा (बड़नगर) तथा सहमहामंत्री मुकेशकुमारजी सोमतमलजी दोशी (भीनमाल-मुंबई) शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने स्थानीय समाजजनों से संवाद करते हुए जन्म द्विशताब्दी महोत्सव के आयोजन, उसकी रूपरेखा और देशभर के श्रीसंघों को जोड़ने के लिए चलाए जा रहे आमंत्रण अभियान के बारे में जानकारी दी।
नागदा श्रीसंघ ने किया ट्रस्टीगण का बहुमान
भरतपुर तीर्थ से आए प्रतिनिधिमंडल के नागदा पहुंचने पर श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ ने उनका स्वागत किया। श्रीसंघ अध्यक्ष मनीष ओरा के नेतृत्व में पदाधिकारियों और समाजजनों ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी ट्रस्टीगण का आत्मीय बहुमान किया।
इस दौरान श्रीसंघ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र कांकरिया, चातुर्मास समिति अध्यक्ष शरद आंचलिया, ट्रस्टी अभय चोपड़ा, श्री राजेन्द्र सूरि जैन ज्ञान मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष ब्रजेश बोहरा, ट्रस्टी सुभाष गेलड़ा तथा सुरेश ओरा सहित समाज के अन्य सदस्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
समाजजनों ने कहा कि दादा गुरुदेव की जन्म द्विशताब्दी का अवसर पूरे समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भरतपुर महातीर्थ में होने वाला आयोजन गुरु भक्ति के साथ नई पीढ़ी को दादा गुरुदेव के जीवन, विचारों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग से परिचित कराने का भी महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।
8 से 16 जनवरी तक होगा अष्टाह्निका महोत्सव
दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की जन्म द्विशताब्दी के उपलक्ष्य में 8 जनवरी से 16 जनवरी 2027 तक श्री भरतपुर महातीर्थ में भव्यातिभव्य अष्टाह्निका महोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजन के दौरान गुरु भक्ति से जुड़े विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण मुख्य गुरुपर्वोत्सव और गुरु सप्तमी का आयोजन रहेगा। पोष सुदी सातम, शुक्रवार 15 जनवरी 2027 को मुख्य गुरुपर्वोत्सव श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में गुरु भक्तों और श्रीसंघों के भरतपुर पहुंचने की संभावना है।
देशभर के श्रीसंघों तक पहुंचाया जा रहा निमंत्रण
भरतपुर तीर्थ ट्रस्ट मंडल ने जन्म द्विशताब्दी महोत्सव के इस ऐतिहासिक अवसर से अधिक से अधिक गुरु भक्तों और जैन श्रीसंघों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में प्रतिनिधिमंडल पहुंचकर स्थानीय श्रीसंघों को आयोजन का अग्रिम निमंत्रण दे रहा है।
इसी क्रम में नागदा पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय श्रीसंघ के पदाधिकारियों, समाजजनों और गुरु भक्तों को भरतपुर महातीर्थ में आयोजित होने वाले जन्म द्विशताब्दी महोत्सव में सहभागिता का भावपूर्ण आमंत्रण दिया।
नागदा में हुए स्वागत और बहुमान के दौरान गुरु भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। समाजजनों ने भी जनवरी 2027 में होने वाले महोत्सव को लेकर उत्साह व्यक्त किया। भरतपुर तीर्थ ट्रस्ट की ओर से चलाया जा रहा यह आमंत्रण अभियान आने वाले दिनों में देश के अन्य क्षेत्रों और श्रीसंघों तक भी पहुंचेगा, ताकि दादा गुरुदेव की जन्म द्विशताब्दी का यह आयोजन व्यापक सहभागिता के साथ ऐतिहासिक स्वरूप प्राप्त कर सके।
