प्रेस नोट
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा सिहोरा में जागरूकता एवं प्रवेश उत्सव कार्यक्रम संपन्न
जबलपुर/सिहोरा – भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने सिहोरा तहसील में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक अत्यंत सराहनीय पहल की। शासकीय स्कूल धरमपुरा, गोसलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच मानव अधिकारों, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष श्रीमती राखी तिवारी द्वारा किया गया, जबकि शाला प्रधानाचार्य श्रीमती सुधा दुबे ने मार्गदर्शन करते हुए कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित की।
इस तीन घंटे के कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, शिक्षा और स्वास्थ्य को एक मंच पर लाया गया। उपस्थित लोग इस आयोजन से अत्यंत प्रभावित दिखे और उन्होंने कार्यक्रम के सभी पहलुओं की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत और स्वागत समारोह
कार्यक्रम का शुभारंभ तहसील अध्यक्ष श्रीमती राखी तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों, शिक्षकगण, अभिभावकों और विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया। तत्पश्चात, श्रीमती सुधा दुबे को संगठन की ओर से नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिससे उनकी भूमिका और जिम्मेदारी का औपचारिक रूप से उद्घाटन हुआ।
इस अवसर पर बच्चों और वरिष्ठजनों का तिलक लगाकर सम्मान किया गया और उन्हें पाठ्य सामग्री वितरित की गई। यह कदम न केवल बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए सहायक था, बल्कि उन्हें संगठन से जुड़ने और सामाजिक जिम्मेदारी समझने के लिए भी प्रेरित करता है।
नवाचार: स्वास्थ्य और डेंटल चेकअप
इस कार्यक्रम की एक विशेष पहल बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना था। डेंटल चेकअप के माध्यम से विद्यार्थियों की मौखिक स्वास्थ्य स्थिति की जांच की गई। यह पहल स्वास्थ्य जागरूकता और प्राथमिक चिकित्सा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम थी। बच्चों ने इस पहल को बेहद उत्साह के साथ अपनाया, और अभिभावकों ने भी इसे समाज में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया।
संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों की व्याख्या
कार्यक्रम में कटनी जिला अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र शर्मा और उनकी टीम का विशेष स्वागत किया गया। जिला अध्यक्ष और श्री अनुराग दुबे ने उपस्थित जनसमूह को संगठन की विचारधारा, उद्देश्य और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता के बारे में बताया। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि अधिक से अधिक लोग संगठन से जुड़कर समाज के उत्थान में योगदान दें।
इस अवसर पर उन्होंने कहा:
“मानवाधिकार केवल अधिकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी भी हैं कि हम समाज के प्रत्येक वर्ग को सुरक्षित और समर्थ बनाने के लिए काम करें। हमारे संगठन के माध्यम से हम शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
गणमान्य नागरिकों और समाजसेवियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में जयशंकर गौतम, भावना गौतम, मीना कुरेरिया, रश्मि त्रिपाठी, नीतू शर्मा, प्रीति ठाकुर, पिंकी ठाकुर, आकृति श्रीवास्तव, अनिल हलदकार, सुरेन्द्र काछी, सतीश अवस्थी, राजकुमार, जितेन्द्र सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के सम्मान और स्वास्थ्य चेकअप कार्यक्रम में सक्रिय योगदान दिया।
जबलपुर टीम ने विशेष रूप से सिहोरा तहसील अध्यक्ष श्रीमती राखी तिवारी और जिला सदस्य श्रीमती सुधा दुबे की प्रशंसा की, जिनकी मेहनत और नेतृत्व ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।
बच्चों और समाज के लिए सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी संदेश भी साझा किए गए। बच्चों को यह सिखाया गया कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।
इस पहल से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा और वे समाज में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझने लगे। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए छोटी-छोटी पहलें कितनी महत्वपूर्ण होती हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का सन्देश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा:
“शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस प्रकार के जन-जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं। सिहोरा टीम द्वारा किया गया यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है और संगठन के उद्देश्यों को सशक्त करता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में मानव सेवा और सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
संगठन के अन्य सदस्यों का दृष्टिकोण
संगठन के शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता और जीवनलाल जैन (चाय वाले) ने कहा:
“संगठन का प्रत्येक कार्य मानव सेवा और समाज के उत्थान के लिए समर्पित है। सिहोरा में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है। हम सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हैं और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रमों की अपेक्षा करते हैं।”
स्थानीय और राज्य स्तरीय प्रभाव
इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक संदेश देते हैं। बच्चों में नैतिक मूल्य, स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा के प्रति लगाव पैदा करना संगठन का प्रमुख उद्देश्य है। इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि सामाजिक परिवर्तन छोटे स्तर की पहल से भी संभव है।
कार्यक्रम में स्थानीय मीडिया, अभिभावक और स्कूल शिक्षकगण भी उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार और प्रभाव और अधिक बढ़ा।
निष्कर्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के इस प्रयास ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना किसी भी समाज के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सिहोरा में आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों, युवाओं और समाज के अन्य वर्गों के लिए प्रेरणास्त्रोत बना।
इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं और मानव सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्थायी बदलाव लाते हैं।
