भारत जैन महामंडल की बैठक संपन्न, सामूहिक क्षमापना और विश्व मैत्री दिवस की तैयारियों पर मंथन
मुकेश सोलंकी
मुंबई। भारत जैन महामंडल के तत्वावधान में आगामी सामूहिक क्षमापना एवं विश्व मैत्री दिवस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर घाटकोपर में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बुधवार सुबह 9:30 बजे आराध्या भक्ति पार्क के डोम में हुई बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ ने की। इस दौरान कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए आयोजन की रूपरेखा, अतिथि स्वागत और विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपते हुए आपसी समन्वय के साथ तैयारियां आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यकर्ताओं की सेवा और समर्पण को बताया महत्वपूर्ण
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ और राष्ट्रीय महामंत्री बाबूलाल बाफना ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। दोनों पदाधिकारियों ने आयोजन की तैयारियों में जुटे सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
तातेड़ ने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता के पीछे कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, सेवा और समर्पण सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पूरी निष्ठा के साथ तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। बैठक में कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था को जिम्मेदारी के साथ पूरा करने पर जोर दिया गया।
मुख्य कार्यक्रम में अतिथियों की सहभागिता प्रस्तावित
आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगामी मुख्य कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल विष्णुदेव वर्मा मुख्य अतिथि और गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा, मुंबई महापौर रितु तावड़े तथा शिवलाल पोखरणा को सम्मानीय अतिथि बताया गया है।
बैठक में अतिथियों के स्वागत और सत्कार की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। अतिथि आगमन से जुड़ी जिम्मेदारियों को आयोजन की अन्य व्यवस्थाओं के साथ समन्वित रखने के लिए अलग टीम निर्धारित की गई। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर तैयारियों की रूपरेखा पर विचार किया।
चारों संप्रदायों के संतों का मिलेगा सानिध्य
कार्यक्रम में जैन समाज के चारों संप्रदायों के संतों एवं साध्वियों का पावन सानिध्य प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। इनमें श्रमण विरंजन सागर महाराज, विसौम्य सागर महाराज, नम्र मुनि महाराज और मुनि निलय विजय महाराज शामिल हैं।
इसके साथ साध्वी निर्वाण तथा डॉ. साध्वी योगक्षेम प्रभा आदि ठाणा की निश्रा भी प्राप्त होगी। संतों और साध्वियों की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए मंच तथा बैठक व्यवस्था पर चर्चा की गई। सामूहिक क्षमापना एवं विश्व मैत्री दिवस आयोजन में धार्मिक सहभागिता और व्यवस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने पर ध्यान दिया गया।
चार समाजसेवियों को मिलेगा ‘जैन समाज रत्न’ सम्मान
भारत जैन महामंडल की प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, सुखराज नाहर, पराग शाह, कैलाशचंद जैन और सुरेश गोयल को ‘जैन समाज रत्न’ से अलंकृत किया जाएगा।
बैठक में सम्मान समारोह को मुख्य आयोजन की रूपरेखा में शामिल करते हुए संबंधित व्यवस्थाओं पर विचार किया गया। सम्मानित होने वाले समाजसेवियों के स्वागत और मंच पर कार्यक्रम के संचालन से जुड़ी तैयारियां भी आयोजन व्यवस्था का हिस्सा रहेंगी। संस्था ने समाज सेवा में योगदान के लिए इन चारों नामों की जानकारी दी है।
युवा और महिला पदाधिकारियों ने रखे सुझाव
युवा अध्यक्ष भूपेश कोठारी और युवा मंत्री अमित रांका ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ व्यवस्थागत चर्चा करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियों पर विचार किया। युवा कार्यकर्ताओं की सहभागिता को आयोजन की तैयारियों से जोड़ते हुए विभागवार समन्वय पर चर्चा हुई।
महिला अध्यक्षा सीए तरुणा बोहरा और महिला मंत्री आशा वडाला ने महिला कार्यकर्ताओं की सहभागिता एवं प्रबंधन को लेकर सुझाव रखे। बैठक में महिला और युवा पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए, जिससे आयोजन की जिम्मेदारियों को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने की रूपरेखा बनी।
विभागवार टीमें बनाकर सौंपी जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान स्वागत, अतिथि सत्कार, बैठक व्यवस्था, भोजन, पार्किंग, मंच संचालन और सुरक्षा जैसे प्रमुख विभागों के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं। संबंधित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर तैयारियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय मंत्री मंगल चंद सेठ ने बताया कि बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह देखा गया। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय होने से कार्यकर्ताओं को अपनी भूमिका के अनुरूप तैयारियां करने की दिशा मिली है।
