Bharat-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है ऐतिहासिक ऐलान
Bharat और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही प्रस्तावित व्यापार समझौता (Trade Deal) वार्ता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्रालय की दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की उप सहायक सचिव बेथनी पॉलोस मॉरिसन ने दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।
यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
Bharat के विशाल बाजार को लेकर अमेरिका की रणनीति
बेथनी पॉलोस मॉरिसन ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि इस प्रस्तावित समझौते के तहत भारत के 1.4 अरब लोगों के विशाल बाजार को पारस्परिक और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी शर्तों पर अमेरिकी उत्पादों के लिए अधिक खोलने की योजना है।
उन्होंने कहा कि दोनों देश एक ऐसे ढांचे पर काम कर रहे हैं जो न केवल व्यापार को बढ़ाएगा, बल्कि आपसी भरोसे और आर्थिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा।
मॉरिसन ने यह भी उल्लेख किया कि फरवरी 2026 में दोनों देशों ने एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते को पूरा करने का इरादा जताया था और अब यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
2030 तक 500 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, भारत और अमेरिका दोनों देश 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य दोनों देशों के लिए न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक व्यापार संतुलन के लिहाज से भी अहम भूमिका निभाएगा।
2025 रहा भारत-अमेरिका संबंधों के लिए ऐतिहासिक वर्ष
बेथनी पॉलोस मॉरिसन ने कहा कि वर्ष 2025 भारत और अमेरिका के संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक साबित हुआ है। इस दौरान दोनों देशों के बीच वस्तुओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 149 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत को अमेरिकी निर्यात में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग का संकेत है।
भारतीय कंपनियों का अमेरिका में बढ़ता निवेश
अमेरिका में भारतीय कंपनियों की भागीदारी और निवेश में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मॉरिसन ने कहा कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में निवेश को लेकर काफी उत्साहित हैं और कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं।
SelectUSA कार्यक्रम के दौरान भारत की ओर से अमेरिका में लगभग 20 अरब डॉलर के नए निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें से करीब 1.1 अरब डॉलर का निवेश तत्काल प्रभाव से शुरू किए जाने की योजना है।
यह निवेश न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे भारत और अमेरिका के बीच औद्योगिक और तकनीकी सहयोग भी मजबूत होगा।
नई दिल्ली में उच्चस्तरीय व्यापार बैठक
इसी बीच मंगलवार को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में भारत और अमेरिका के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर और भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भाग लिया।
बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Comprehensive Trade Agreement) को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने व्यापारिक बाधाओं को कम करने और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
इस बैठक में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अमेरिकी दूतावास का बयान
अमेरिकी दूतावास की ओर से कहा गया कि अमेरिका एक निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों देशों के लिए लाभकारी व्यापार समझौते को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस समझौते का उद्देश्य बाजारों को और अधिक खोलना तथा भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।
निष्कर्ष
Bharat और अमेरिका के बीच प्रस्तावित यह व्यापार समझौता यदि अंतिम रूप लेता है, तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। बढ़ते व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के साथ यह साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। आने वाले समय में इस समझौते के औपचारिक ऐलान पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।
