—Advertisement—

ऐतिहासिक श्रद्धांजलि: भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर में दिव्य स्मरण के 7 प्रेरणादायक पहलू

Author Picture
Published On: 2 May 2026
WhatsApp Image 2026 05 02 at 3.46.09 AM

—Advertisement—

भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर में आचार्य हितेशचंद्र सूरीश्वर के सान्निध्य में भावपूर्ण स्मरण, दीक्षा, समाजसेवा और आध्यात्मिक प्रेरणा से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट।

भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर

धर्मसभा का आयोजन

भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर में एक भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें श्रमण शिरोमणि आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी म.सा. के सान्निध्य में राष्ट्रसंत, उत्तर भारतीय प्रवर्तक परम पूज्य दादा गुरुदेव भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. के दिव्य जीवन और योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया।इंदौर शहर एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर के साक्षी बने।

गुरुदेव का दिव्य जीवन

भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर के दौरान उनके जीवन के प्रेरणादायक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।मात्र 17 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण कर उन्होंने तप, त्याग, ज्ञान, ध्यान और सेवा के माध्यम से जन-जन के हृदय में श्रद्धा का केंद्र स्थापित किया।वे श्रमण संघ के प्रथम आचार्य श्री आत्माराम म.सा. के प्रिय शिष्य रहे और उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए “भंडारी” की उपाधि से सम्मानित किए गए।

दीक्षा और तपस्या की प्रेरणा

भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर में बताया गया कि उनके आशीर्वाद से 108 मुमुक्षु आत्माओं ने जैन दीक्षा ग्रहण कर जिनशासन की प्रभावना की।इनमें आचार्य सम्राट तपसूर्य डॉ. श्री शिव मुनि म.सा. का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है।उनका जीवन त्याग और साधना का ऐसा उदाहरण है, जिसने हजारों लोगों को धर्म मार्ग पर अग्रसर किया।

गुणी संतों का स्मरण

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य विश्वरत्न सागर जी महाराज ने कहा कि गुणी संतों के गुणों का स्मरण करना पुण्य जागृत करता है और जीवन को दिशा प्रदान करता है।भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर में यह संदेश विशेष रूप से उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत बना।

अलंकरण समारोह

इस भव्य कार्यक्रम में आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी म.सा. ने भंडारी पदमचंद्र जी महाराज के व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए—

  • उप प्रवर्तक श्री पंकज मुनि जी महाराज को “दक्षिण भारत धर्म प्रभावक”
  • श्री वरुण मुनि जी महाराज को “शासन सूर्य”

की पदवी से अलंकृत किया।यह क्षण धर्मसभा का सबसे प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण पल रहा।

शिक्षा, चिकित्सा व समाजसेवा में योगदान

भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर में बताया गया कि गुरुदेव की प्रेरणा से प्रवर्तक श्री अमर मुनि जी म.सा. ने जैनागम प्रकाशन का ऐतिहासिक कार्य किया।उनके मार्गदर्शन में देशभर में—

  • शिक्षा संस्थान
  • चिकित्सा सेवाएं
  • समाजसेवी संगठन

स्थापित हुए, जो आज भी मानवता की सेवा में निरंतर कार्यरत हैं।

WhatsApp Image 2026 05 02 at 3.46.09 AM 1

कार्यक्रम में भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुति

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ।संघ के महामंत्री श्री रमेश भंडारी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि—

  • महासती श्री रश्मि जी
  • महासती श्री विजया जी सुमन

ने भी अपने विचार व्यक्त किए।अभिग्रहधारी श्री राजेश मुनि जी महाराज ने गुरु गुणगान प्रस्तुत किया।आदर्श ज्योति बहु मंडल द्वारा स्वागत गीत एवं श्री रोहन जैन द्वारा गुरु भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

संचालन और सहभागिता

कार्यक्रम का संचालन—

  • श्री रुपेश मुनि जी महाराज
  • श्री प्रकाश भटेवरा

द्वारा किया गया।इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाया।

सामाजिक सेवा की मिसाल

कार्यक्रम के अंत में मानव सेवा के उद्देश्य से एक अस्पताल को दंत चिकित्सा मशीन भेंट की गई।यह पहल भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर की समाजसेवा भावना को दर्शाती है।

निष्कर्ष

भंडारी श्री पदमचंद्र म.सा. धर्मसभा इंदौर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण, प्रेरणा और समाजसेवा का अद्भुत संगम था।गुरुदेव का जीवन आज भी लाखों लोगों के लिए मार्गदर्शक है और उनका स्मरण जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनता है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp