इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के Bhagirthpura क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले संक्रमण ने प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव मंगलवार सुबह स्वयं प्रभावित इलाके में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।
स्वास्थ्य शिविरों और संजीवनी क्लीनिक का निरीक्षण
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने Bhagirthpura क्षेत्र में लगाए गए विशेष स्वास्थ्य शिविरों और संजीवनी क्लीनिकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों की संख्या, दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी की बारीकी से समीक्षा की गई।
कुछ केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर महापौर भार्गव ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) को फौरन निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में 24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
मरीजों और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद
दौरे के दौरान मंत्री और महापौर ने अस्पतालों और शिविरों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उनका हाल जाना। पीड़ितों ने उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी जैसी समस्याओं की जानकारी दी। इसके बाद दोनों जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर जमीनी हालात की जानकारी ली।
रहवासियों ने शिकायत की कि कई दिनों से नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नागरिकों ने पाइपलाइन में सीवेज मिलने की आशंका भी जताई।
संक्रमण के स्रोत को खत्म करने पर जोर
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि केवल मरीजों का इलाज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संक्रमण के स्रोत को पूरी तरह समाप्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जल प्रदाय विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन नेटवर्क की तत्काल जांच कर लीकेज और सीवेज मिक्सिंग के बिंदुओं को चिन्हित कर तुरंत सुधार किया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं शहर की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री को Bhagirthpura कि भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट
मंत्री विजयवर्गीय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि Bhagirthpura की स्थिति को लेकर पूरी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेज दी गई है। उन्होंने कहा—
“स्थिति गंभीर है। हमारी पहली प्राथमिकता हर मरीज को त्वरित और बेहतर इलाज देना है। इसके बाद पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल औपचारिक नहीं होगी, बल्कि उदाहरण प्रस्तुत करने वाली होगी।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और जल प्रदाय विभाग संयुक्त रूप से युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं—
- डोर-टू-डोर सर्वे: विशेष टीमें घर-घर जाकर बीमार लोगों की पहचान कर रही हैं
- स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति: प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से साफ पानी पहुंचाया जा रहा है
- निःशुल्क उपचार: सभी स्वास्थ्य शिविरों में दवाइयों और जांच की निःशुल्क व्यवस्था
- पाइपलाइन की जांच: संदिग्ध पाइपलाइनों की तकनीकी जांच और मरम्मत का कार्य जारी
Read Also : Bhagirathpura Water Tragedy: CM मोहन यादव का कड़ा रुख, तीन अधिकारियों पर गाज गिराई
लापरवाही पर सख्त संदेश
महापौर भार्गव ने कहा कि इंदौर की पहचान स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाओं के लिए है, ऐसे में इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे कोई भी अधिकारी हो, दोष सिद्ध होने पर उसके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों से प्रशासन की अपील
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी भी व्यक्ति को उल्टी, दस्त, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों, तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य शिविर या अस्पताल में संपर्क करें। समय पर इलाज से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
स्थिति पर लगातार नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भागीरथपुरा जल संकट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में जल आपूर्ति व्यवस्था में स्थायी सुधार और जिम्मेदारों पर कार्रवाई के बाद ही राहत की सांस ली जाएगी।

Comments are closed.