—Advertisement—

बैतूल स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप: CMHO डॉ. मनोज कुमार हुरमड़े को संचालनालय का नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब

Author Picture
Published On: 18 July 2026
CMHO Betul served notice over alleged financial irregularities
— CMHO Betul served notice over alleged financial irregularities

—Advertisement—

बैतूल स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप: CMHO डॉ. मनोज कुमार हुरमड़े को संचालनालय का नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब

संदीप तायड़े संवाददाता सारनी घोड़ाडोंगरी
सारनी/बैतूल।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर चर्चा में है। संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ने बैतूल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार हुरमड़े को कथित वित्तीय अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन तथा प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोपों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

आरोप पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया, वेतन भुगतान, निविदा प्रक्रिया और सेवा नियमों के पालन से जुड़े कई बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। संचालनालय ने डॉ. हुरमड़े से 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता, तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

ध्यान दें: इस मामले में लगाए गए आरोप प्रशासन द्वारा जारी नोटिस और आरोप पत्र पर आधारित हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय विभागीय जांच एवं विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

संचालनालय ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा द्वारा जारी नोटिस में डॉ. मनोज कुमार हुरमड़े पर विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का उल्लेख किया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि संबंधित मामलों में प्रथम दृष्टया विभागीय नियमों के उल्लंघन की आशंका है। इसी आधार पर अधिकारी से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने, आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा यदि आवश्यक हो तो गवाह पेश करने का भी अवसर दिया जाएगा।

आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल

आरोप पत्र के अनुसार वर्ष 2024-25 में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए शासन द्वारा 5 जुलाई 2024 को निर्धारित दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।

इन निर्देशों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए थी तथा आवश्यकतानुसार निविदा (टेंडर) या निर्धारित चयन प्रक्रिया अपनाई जानी थी।

आरोप है कि इन निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा एक निजी एजेंसी को सीधे कार्य दिए जाने संबंधी निर्णय लिया गया। इसी बिंदु को लेकर विभागीय जांच में प्रश्न उठाए गए हैं।

वेतन भुगतान को लेकर भी जांच

नोटिस में वेतन भुगतान से संबंधित मामलों का भी उल्लेख किया गया है।

आरोपों के अनुसार दिसंबर 2025 एवं जनवरी 2026 के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान में कर्मचारियों की संख्या को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।

आरोप पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वास्तविक कार्यरत कर्मचारियों और वेतन भुगतान के लिए दर्शाई गई संख्या में अंतर होने की जांच की जा रही है।

इन आरोपों की सत्यता विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर प्रश्न

संचालनालय द्वारा जारी आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सार्वजनिक सूचना, विज्ञापन अथवा पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाए जाने के संबंध में भी जांच की जा रही है।

जांच में यह देखा जाएगा कि भर्ती प्रक्रिया शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप थी या नहीं तथा सभी नियमों का पालन किया गया था अथवा नहीं।

रिश्तेदारों की नियुक्ति संबंधी आरोप

नोटिस में कुछ नियुक्तियों को लेकर हितों के टकराव (Conflict of Interest) की संभावना का भी उल्लेख किया गया है।

आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात अथवा परिचित व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी चर्चा में रहा स्वास्थ्य विभाग

बैतूल स्वास्थ्य विभाग पूर्व में भी विभिन्न प्रशासनिक मामलों को लेकर चर्चा में रहा है।

पूर्व में सार्थक ऐप के उपयोग को लेकर भी सवाल उठे थे। उस मामले में भी विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई गई थी।

वर्तमान प्रकरण में भी संचालनालय ने औपचारिक विभागीय प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी कर संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा है।

15 दिनों में मांगा गया जवाब

संचालनालय ने डॉ. मनोज कुमार हुरमड़े को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर अपना विस्तृत लिखित उत्तर प्रस्तुत करें।

यदि अधिकारी चाहें तो अपने समर्थन में दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

यदि निर्धारित समय सीमा में उत्तर प्राप्त नहीं होता अथवा उत्तर संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो विभाग उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकता है।

सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लेख

नोटिस में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।

विभाग का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि संबंधित अधिकारी द्वारा सेवा आचरण नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

विभागीय जांच के बाद ही तय होगी जवाबदेही

प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि कारण बताओ नोटिस जारी होना विभागीय प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण होता है।

इस चरण में अधिकारी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाता है। जांच अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों, अभिलेखों, वित्तीय रिकॉर्ड तथा प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करते हैं।

इसके बाद ही यह तय किया जाता है कि आरोप सिद्ध होते हैं या नहीं तथा आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद बैतूल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग सीधे आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अथवा वित्तीय अनियमितता के आरोप जनता का विश्वास प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच आवश्यक है ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें।

शासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

वर्तमान में पूरा मामला विभागीय जांच के अधीन है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित अधिकारी द्वारा क्या जवाब प्रस्तुत किया जाता है और जांच के दौरान कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।

यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है, जबकि आरोप सिद्ध न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को राहत भी मिल सकती है।

फिलहाल, संचालनालय द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के बाद बैतूल स्वास्थ्य विभाग का यह मामला प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले दिनों में विभागीय जांच की प्रगति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp