बैतूल में ₹9 करोड़ 84 लाख की साइबर लूट का पर्दाफाश: मृत व्यक्ति के बैंक खाते तक का दुरुपयोग, 3 आरोपी गिरफ्तार
बैतूल। मध्यप्रदेश में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच बैतूल जिले में एक बड़ी साइबर लूट का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। बैतूल पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने करीब ₹9 करोड़ 84 लाख 95 हजार रुपये की संगठित बैंक धोखाधड़ी को उजागर करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग ने न केवल कई लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग किया बल्कि एक मृत व्यक्ति के नाम से भी बैंक खाते को सक्रिय कर करोड़ों की हेराफेरी की।
यह पूरी कार्रवाई साइबर सेल की तकनीकी दक्षता, बैंक खातों की गहन ट्रैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक और सतत निगरानी के कारण सफल हो सकी।
मजदूर के जन-धन खाते से हुआ खुलासा – KYC कराने बैंक पहुँचा तो करोड़ों की हेराफेरी का पता चला
घटना की शुरुआत तब हुई, जब खेड़ी सावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने अपने जन-धन बैंक खाते का KYC अपडेट कराने बैंक पहुँचे। बैंक में उन्होंने पाया कि उनके खाते में करोड़ों रुपये के संदेहास्पद लेन-देन हुए हैं।
बिसराम इवने ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैतूल में दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के निर्देशन में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा
जांच में पता चला कि जून 2025 से अब तक बिसराम के खाते से लगभग ₹1 करोड़ 50 लाख की अवैध ट्रांज़ैक्शन हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने जब अन्य खातों की जांच की तो मामला और बड़ा निकला।
एक ही बैंक के 7 खातों को निशाना बनाया—₹9.84 करोड़ की संगठित साइबर लूट
पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर गिरोह ने एक ही बैंक के 7 अलग-अलग खातों को टारगेट कर कुल ₹9,84,95,212 की बड़ी हेराफेरी की है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि गिरोह ने मृत व्यक्ति राजेश बर्डे के खाते का भी दुरुपयोग किया—
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मृतक का पंजीकृत मोबाइल नंबर बदला गया
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नया ATM कार्ड जारी कराया गया
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इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय की गई
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OTP सिस्टम पर गैंग ने पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया
इस तरह मृत व्यक्ति के खाते को पूरी तरह हाईजैक कर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।
बैंक के अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से खुला साइबर फ्रॉड का रास्ता
जांच में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पाया गया कि यह पूरा नेटवर्क बैंक के एक अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से चल रहा था। आरोपी बैंक कर्मचारी की मदद से गैंग को—
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खातों की गोपनीय जानकारी
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दस्तावेजों में फेरबदल
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ATM/पासबुक जारी कराने
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मोबाइल नंबर अपडेट कराने
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KYC चेंज करने
जैसी सुविधाओं तक पहुँच मिली।
इसी सहयोग के कारण अपराधियों को खातों तक आसान पहुंच हुई और करोड़ों की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा सका।
इंदौर में छापेमारी: तीन आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बैतूल पुलिस ने इंदौर शहर के दो स्थानों पर दबिश दी और तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया—
- राजा उर्फ आयुष चौहान
- अंकित राजपूत
- नरेंद्र सिंह राजपूत
छापेमारी में पुलिस ने gangster-स्टाइल साइबर ऑपरेशन का बड़ा नेटवर्क बरामद किया, जिसमें शामिल है—
जप्त सामग्री
- 15 मोबाइल फोन (25 सिम कार्ड सहित)
- 21 ATM कार्ड
- 28,000 रुपये नकद (काले बैग में)
- 11 बैंक पासबुक
- 7 चेकबुक
- 2 POS मशीन
- 69 ATM जमा रसीदें (करीब 21 लाख जमा)
- 48 हजार रुपये की जमा पर्चियाँ
- 2 लैपटॉप
- 1 Extreme Fiber राउटर
- 4 रजिस्टर व डायरी (पूरी फ्रॉड हिस्ट्री सहित)
- कई डिजिटल उपकरण और लेन-देन रिकॉर्ड
यह बरामदगी साबित करती है कि गिरोह एक पूरी तरह संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था।
पुलिस की त्वरित और तकनीकी कार्रवाई बनी सफलता की कुंजी
साइबर सेल और पुलिस टीम ने जिस तरह—
- तकनीकी जांच
- डिजिटल सबूतों का विश्लेषण
- बैंक लेन-देन की मॉनिटरिंग
- मोबाइल टॉवर लोकेशन
- फर्जी दस्तावेज़ों की पहचान
जैसे कदम उठाए, उससे पूरे नेटवर्क की परतें खुल गईं।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बैंक खातों पर पूरा नियंत्रण पाने के लिए KYC में बदलाव और मोबाइल नंबर अपडेट जैसे तरीकों का दुरुपयोग कर रहा था।
जनता के लिए : जन-धन खाते भी साइबर ठगों के निशाने पर
मामले ने दिखाया है कि केवल अमीर या बड़ी राशि वाले खाते ही नहीं, बल्कि साधारण जन-धन खाते भी साइबर अपराधियों के टारगेट पर हैं।
पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि—
- बैंक खाता स्टेटमेंट नियमित जांचें
- किसी भी कॉल पर OTP साझा न करें
- KYC के नाम पर लिंक न खोलें
- बैंक में किसी बदलाव की पुष्टि सीधे शाखा में जाकर करें
मध्य प्रदेश पुलिस का बयान – “जन सुरक्षा और साइबर सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
मध्य प्रदेश पुलिस ने साफ कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ राज्य में व्यापक और कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक बैतूल ने बताया कि इस बड़ी साइबर लूट का पर्दाफाश प्रदेश में साइबर अपराध के प्रति पुलिस की तत्परता और तकनीकी क्षमता का उदाहरण है।

