क्या BBL में बेइज्जती कराने के लिए खेल रहे बाबर, रिजवान और अफरीदी?
ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) में इस सीजन पाकिस्तान के तीन प्रमुख खिलाड़ी बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी खेल रहे हैं। लेकिन इस टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन से ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या ये खिलाड़ी BBL में सम्मान नहीं बल्कि बेइज्जती का सामना कर रहे हैं। ताजा मामला बाबर आजम का है, जब सिडनी सिक्सर्स के कप्तान स्टीव स्मिथ ने उन्हें अंतिम ओवर की आखिरी गेंद पर सिंगल लेने से मना कर दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और क्रिकेट फैंस के बीच बहस छिड़ गई कि क्या पाकिस्तानी स्टार्स को BBL में इज्जत नहीं दी जा रही।
स्मिथ ने क्यों रोका बाबर को?
BBL के 16 जनवरी के मैच में सिडनी सिक्सर्स के कप्तान स्टीव स्मिथ ने बाबर आजम को ओवर की आखिरी गेंद पर सिंगल लेने से मना कर दिया। बाबर की बल्लेबाजी धीमी नजर आ रही थी, जिससे स्मिथ को लगा कि वह उस समय क्रीज पर टिके रहने के लिए समय बिता रहे हैं। स्मिथ ने बाबर को सिंगल लेने से रोककर यह भी दिखा दिया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया—इसके बाद अगले ओवर में उन्होंने लगातार चार छक्के जड़े और ओवर से 32 रन बनाए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया कि क्या BBL में विदेशी खिलाड़ियों के प्रति सख्ती और नापसंदगी दिखाई जा रही है।
क्या यह पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए अवमानना का पैटर्न?
बाबर आजम के साथ हुए इस वाकये से पहले भी BBL में पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ ऐसी ही घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें से एक प्रमुख मामला शाहीन शाह अफरीदी का था, जिसे बिग बैश में डेब्यू के दौरान ही मैच से बाहर कर दिया गया। यह घटना 15 दिसंबर 2025 की है, जब ब्रिस्बेन हीट बनाम मेलबर्न रेनेगेड्स मैच में शाहीन को बीच ओवर में बॉलिंग से हटा दिया गया।
शाहीन अफरीदी का विवादित डेब्यू
शाहीन अफरीदी ने BBL में अपना डेब्यू मैच खेलते हुए कुछ ही गेंदों में विवाद का सामना किया। मैच में ब्रिस्बेन हीट ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया और शाहीन 18वें ओवर में तीसरा ओवर फेंकने आए। लेकिन इस ओवर में उन्होंने लगातार दो ‘बीमर’ यानी कमर से ऊपर फुल-टॉस गेंदें फेंकी, जिसे नियम के अनुसार खतरनाक गेंदबाजी माना जाता है। अंपायर ने तुरंत शाहीन को अटैक से हटा दिया और उनके ओवर को कप्तान नैथन मैकस्वीनी ने पूरा किया। इसके अलावा शाहीन के इस मैच के आंकड़े भी बेहद खराब रहे—उन्होंने 2.4 ओवर में 43 रन लुटाए, जिसमें तीन नो-बॉल और दो वाइड शामिल थे। इस प्रदर्शन के बाद भी चर्चा यही थी कि क्या BBL में विदेशी खिलाड़ियों को उपलब्धि के बजाय दोष ही दिखाया जा रहा है।
रिजवान के साथ भी विवाद हुआ
इसी सीजन में मोहम्मद रिजवान के साथ भी ऐसा ही कुछ घटित हुआ, जिससे यह धारणा और मजबूत हुई कि BBL में पाकिस्तानियों के प्रति खेल और व्यवहार में कठोरता दिखाई जा रही है। हालांकि, रिजवान का प्रदर्शन खुद भी उतना प्रभावशाली नहीं रहा, लेकिन उनकी आलोचना के तरीके ने सवाल पैदा कर दिए कि क्या विदेशी खिलाड़ियों के लिए समय और सहारा की बजाय सख्ती और शर्मिंदगी की नीति अपनाई जा रही है।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों की वजह से बढ़ी बहस
इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच बहस तेज हो गई है। कई लोग मानते हैं कि BBL जैसी प्रतिष्ठित लीग में खिलाड़ियों को खेलने का समान अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी देश के हों। वहीं कुछ लोग यह भी कहते हैं कि क्रिकेट में प्रतियोगिता और रणनीति का हिस्सा है और कप्तान को मैच के दौरान ऐसे निर्णय लेने का अधिकार है। बाबर के साथ हुए वाकये को लेकर यह बहस और बढ़ गई कि क्या स्मिथ का कदम खेल का हिस्सा था या फिर उन्हें बेइज्जत करने की कोशिश?
क्या BBL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ‘अवमानित’ किया जा रहा है?
BBL में इन तीनों खिलाड़ियों के साथ हुई घटनाओं को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह सिर्फ एक-दो घटनाओं का संयोग है या फिर यह एक पैटर्न बनता जा रहा है। BBL जैसी लीग में खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि क्या BBL प्रबंधन और टीमों की नीति में विदेशी खिलाड़ियों के लिए सहारा बढ़ाया जाएगा या फिर ये विवाद और बढ़ते रहेंगे।
