बड़वानी: ग्राम जोगवाड़ा की सड़क बनी मुसीबत, कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान
बारिश के बाद बदहाल हुई मुख्य सड़क, स्कूली बच्चों, किसानों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी; ग्रामीणों का आरोप—कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान
दैनिक स्वराज वाणी | संवाददाता अर्जुन सोलंकी, निवाली
बड़वानी/निवाली। जिले की निवाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत जोगवाड़ा में बारिश के बाद मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे और बड़े गड्ढे हो गए हैं, जबकि बारिश के कारण पूरे मार्ग पर कीचड़ जमा हो गया है। इससे ग्रामीणों का दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है। खासकर स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों को इस रास्ते से गुजरने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन बारिश के बाद समस्या और गंभीर हो गई है। मार्ग पर पानी और कीचड़ जमा होने के कारण कई स्थानों पर यह पहचानना तक मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
बारिश ने बिगाड़ी मुख्य सड़क की हालत
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक जोगवाड़ा की मुख्य सड़क पर बारिश शुरू होने के बाद स्थिति लगातार खराब होती गई। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों में बारिश का पानी भरने से गड्ढे और बड़े हो गए हैं। वहीं वाहनों के लगातार आवागमन से मिट्टी और पानी मिलकर कीचड़ में बदल गए हैं।
कई हिस्सों में सड़क पर इतना कीचड़ है कि पैदल चलने वाले लोगों को भी संभलकर गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और मुश्किल बताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में सड़क की समस्या हर वर्ष सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण लोगों को बार-बार इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्कूली बच्चों को रोज कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए इसी कीचड़ और गड्ढों से भरे मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से बच्चों के कपड़े और जूते खराब होने के साथ फिसलकर गिरने का खतरा भी बना रहता है। छोटे बच्चों के अभिभावकों को उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को शिक्षा के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध होना चाहिए। सड़क खराब होने के कारण यदि विद्यार्थियों की स्कूल तक पहुंच प्रभावित होती है तो यह गंभीर समस्या है।
दोपहिया वाहन फिसलने का बना रहता है खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि कीचड़ और गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। कई बार वाहन फिसलने की घटनाएं हो चुकी हैं। सड़क पर पानी भरे होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता।
रात के समय परेशानी और बढ़ जाती है। कम रोशनी में सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से और पानी से भरे गड्ढे आसानी से दिखाई नहीं देते। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्थायी सड़क निर्माण में समय लगने की स्थिति में कम से कम गड्ढों को भरकर और जल निकासी की व्यवस्था कर मार्ग को तत्काल आवागमन योग्य बनाया जाए।
किसानों को खेत और बाजार तक पहुंचने में परेशानी
जोगवाड़ा ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कृषि कार्य से जुड़े हैं। बारिश के मौसम में किसानों की खेतों तक आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय मुख्य सड़क की खराब स्थिति उनके लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार किसानों को खाद, बीज और कृषि उपकरण ले जाने के साथ खेतों से उपज एवं अन्य सामग्री लाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। सड़क पर कीचड़ और गहरे गड्ढे होने से ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी सड़क केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और कृषि गतिविधियों के लिए भी आवश्यक है।
मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल
ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के लिहाज से भी चिंताजनक बताया है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब होने या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़ने पर इसी मार्ग से वाहन ले जाना पड़ता है।
कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहनों की गति धीमी हो जाती है। आपातकालीन स्थिति में यह देरी परेशानी बढ़ा सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव को स्वास्थ्य केंद्र और मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़कें हर मौसम में आवागमन योग्य रहनी चाहिए, ताकि जरूरत के समय मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।
बुजुर्गों और पैदल चलने वालों की भी बढ़ी परेशानी
सड़क की स्थिति से बुजुर्गों और पैदल चलने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी हो रही है। कीचड़ में पैर फिसलने और गड्ढों के कारण गिरने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दौरान कई स्थानों पर सड़क के किनारे से निकलने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बचती। ऐसे में पैदल यात्रियों को वाहनों के साथ उसी कीचड़ भरे हिस्से से गुजरना पड़ता है।
लोगों ने मांग की है कि प्रशासन मौके पर सड़क की स्थिति का निरीक्षण करे और समस्या की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सुधार कार्य कराया जाए।
ग्रामीण बोले—कई बार शिकायत की, नहीं हुआ समाधान
जोगवाड़ा के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक प्रभावी समाधान नहीं हुआ।
एक ग्रामीण ने बताया कि सड़क की खराब हालत की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई गई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी सुधार के बजाय सड़क की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
हालांकि ग्रामीणों के इन दावों पर संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।
जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ रही समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर बारिश का पानी जमा होना समस्या का एक प्रमुख कारण है। उचित जल निकासी नहीं होने से पानी सड़क पर ही रुक जाता है और धीरे-धीरे सड़क की सतह को नुकसान पहुंचाता है।
पानी जमा रहने के कारण पहले से बने छोटे गड्ढे बड़े होते जाते हैं और वाहनों की आवाजाही से सड़क पर कीचड़ फैल जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ पानी निकासी की उचित व्यवस्था भी जरूरी है।
यदि केवल गड्ढे भर दिए जाएं और पानी निकासी का समाधान न किया जाए तो अगली बारिश में सड़क फिर खराब होने की आशंका बनी रहेगी।
प्रशासन से जल्द मरम्मत कराने की मांग
ग्राम पंचायत जोगवाड़ा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण करे और जल्द मरम्मत या आवश्यक निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क गांव की मूलभूत आवश्यकता है और इससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन जुड़ा हुआ है। इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाना चाहिए।
बारिश के बीच फिलहाल जोगवाड़ा की क्षतिग्रस्त और कीचड़ से भरी सड़क ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की चुनौती बनी हुई है। अब ग्रामीणों को प्रशासन से जल्द कार्रवाई और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था होने की उम्मीद है।
