MP Farmer Protest: महेश्वर के किसानों का हंगामा, बड़वाह–धामनोद मार्ग पर चक्काजाम | दिन में 10 घंटे बिजली सप्लाई की मांग तेज
महेश्वर में किसानों का बड़ा आंदोलन: सिंचाई के लिए दिन में बिजली की मांग पर चक्काजाम
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की महेश्वर तहसील (Maheshwar News) में सोमवार सुबह किसानों ने बिजली आपूर्ति के समय को लेकर जोरदार प्रदर्शन (MP Farmer Protest) शुरू कर दिया। किसानों ने साफ कहा कि रात के समय दी जा रही बिजली से सिंचाई करना खतरनाक और असुविधाजनक है, इसलिए दिन में कम से कम 10 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाए।
अपनी मांग पूरी करवाने के लिए किसानों ने बड़वाह–धामनोद मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे पूरे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
धरगांव में उमिया माता गेट पर सुबह 11 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन सुबह 11 बजे धरगांव के भार्गव स्थित उमिया माता गेट से शुरू हुआ। देखते ही देखते सैकड़ों किसान सड़क पर बैठ गए और बिजली कंपनी व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
किसानों ने कहा कि वे तब तक नहीं हटेंगे, जब तक उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया जाता।
किसानों की मुख्य मांग: दिन में 10 घंटे सिंचाई हेतु बिजली
किसानों ने कहा कि वर्तमान में रात में दी जा रही बिजली से:
- खेतों में जाना जोखिम भरा होता है
- अंधेरे में जंगली जानवरों का खतरा अधिक रहता है
- सर्पदंश और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है
- फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पाता
- उत्पादन और आय दोनों प्रभावित हो रहे हैं
किसानों का कहना है कि वे रात में खेतों में सिंचाई करने को मजबूर हैं, जबकि दिन में बिजली मिलती तो जोखिम कम होता और फसलें भी सुरक्षित रहतीं।
किसानों का चेतावनी भरा बयान: सरकार और बिजली कंपनी जिम्मेदार होगी
किसानों ने साफ कहा कि यदि रात में सिंचाई के दौरान किसी भी किसान के साथ कोई हादसा होता है, तो उसकी ज़िम्मेदारी सरकार, प्रशासन और बिजली कंपनी की होगी।
उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक चक्काजाम जारी रहेगा।
बड़वाह–धामनोद मार्ग पर यातायात ठप, वाहनों की लंबी कतारें लगीं
किसानों के चक्काजाम के चलते मुख्य मार्ग पर:
- ट्रकों
- बसों
- कारों
- दोपहिया वाहनों
की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचा और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
अधिकारियों की किसानों से वार्ता, पर किसान नहीं माने
मौके पर पहुंचे तहसीलदार कैलाश सस्त्या, थाना प्रभारी दीपक यादव और बिजली विभाग के अधिकारी किसानों के बीच में पहुंचे और समाधान निकालने की कोशिश की।
हालांकि किसान अपनी मांग पर अड़े रहे और बोले कि:
“जब तक ऊर्जा मंत्री से चर्चा कर बिजली समय बदलाव का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा।”
एसडीएम पूर्वा मण्डलोई पहुंचीं, मीटिंग का आश्वासन दिया
स्थिति गंभीर देखते हुए एसडीएम पूर्वा मण्डलोई मौके पर पहुंचीं। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रशासन पहले ही बिजली आपूर्ति की समय-सारणी पर चर्चा कर रहा है और उनकी मांग को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा।
उन्होंने कहा:
“आपकी मांग जायज़ है। हम कल ही मीटिंग कर चुके हैं। समय में बदलाव किया जाएगा।”
किसानों ने एसडीएम के आश्वासन को किया खारिज
किसानों ने एसडीएम की बात मानने से साफ इंकार कर दिया।
उनका कहना है:
- सांसद आए
- विधायक आए
- राज्यसभा सांसद आए
- और तीनों ऊर्जा मंत्री से बात करें
तभी धरना खत्म किया जाएगा।
किसानों का यह भी कहना है कि सिर्फ़ मौखिक आश्वासनों से now काम नहीं चलेगा, उन्हें लिखित और तत्काल निर्णय चाहिए।
सड़क पर बैठकर किसानों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया
प्रदर्शन का माहौल धार्मिक और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए किसानों ने सड़क पर ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।
राष्ट्रीय किसान महासंघ इंदौर संभाग के सहमंत्री गौरी शंकर पाटीदार भी किसानों के साथ धरने पर बैठे दिखाई दिए।
लगातार एक घंटे से अधिक समय तक सड़क जाम रहा और परिस्थिति बनी रही।
क्यों बढ़ रहा है किसानों का गुस्सा?
- रबी सीजन में सिंचाई सबसे जरूरी
- रात में बिजली मिलने से उत्पादन कम
- लगातार हादसों की खबरें
- बिजली आपूर्ति शेड्यूल बार-बार बदलने से परेशानी
- बिजली बिल बढ़ रहे, लेकिन सुविधा नहीं
किसानों का कहना है कि यदि सरकार कृषि को प्राथमिकता देती है, तो बिजली आपूर्ति पर तुरंत सुधार होना चाहिए।
क्या होगी अगली कार्रवाई?
प्रशासन लगातार किसानों से बातचीत कर रहा है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो:
- वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच सकते हैं
- बिजली कंपनी शेड्यूल में तत्काल बदलाव का ऐलान कर सकती है
- राजनैतिक हस्तक्षेप भी संभव
फिलहाल किसान सड़क पर डटे हुए हैं और चक्काजाम जारी है।
निष्कर्ष: महेश्वर में किसान आंदोलन तेज, बिजली सप्लाई सुधार की मांग पर अड़े किसान
MP Farmer Protest लगातार तेज होता जा रहा है। किसानों की मांग सीधी और स्पष्ट है—दिन में 10 घंटे बिजली सप्लाई।
प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।

