जानें कैसे बरडिया परिवार गोगापुर गौशाला में जीव दया गौ सेवा के कार्य से 200वीं जन्मशताब्दी और महावीर जन्म कल्याण के अवसर पर श्रद्धा समर्पित की।
बरडिया परिवार गोगापुर गौशाला में जीव दया गौ सेवा का अद्भुत कार्य कर समाज में मिसाल बना
महिदपुर रोड। सचिन भंडारी | बरडिया परिवार गोगापुर गौशाला में जीव दया गौ सेवा के लिए सदैव अग्रणी रहा है। हाल ही में इस परिवार ने एक अनूठा कार्य करते हुए गौवंश के प्रति अपनी अटूट आस्था और करुणा का परिचय दिया। यह आयोजन गुरुदेव राजेंद्र सुरिश्वर जी महाराज साहब की 200वीं जन्म शताब्दी एवं भगवान महावीर के जन्म कल्याण के पावन अवसर पर किया गया।
अखिल भारतीय आवाहन पर किया गया भव्य आयोजन
अखिल भारतीय राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय आवाहन पर वरिष्ठ श्रावक लाभार्थी प्रकाश चंद बरडिया, आलोक कुमार बरडिया एवं नवयुवक परिषद अध्यक्ष अरविंद बरडिया ने इस पुनीत कार्य की कमान संभाली। बरडिया परिवार गोगापुर गौशाला में जीव दया गौ सेवा के इस अभियान को लेकर पूरी तरह समर्पित था। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहे।
इस अवसर पर सकल जैन श्री संघ के पदाधिकारी एवं आसपास के क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिक मंगलमय उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस धार्मिक एवं सेवा कार्य का लाभ उठाया। यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह उस परंपरा का प्रतीक था जहाँ मानवता और धर्म एक साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं।
गोगापुर गौशाला में खल पशु आहार का किया गया वितरण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गोगापुर गोपाल गौशाला में खल पशु आहार (पशुओं के लिए सूखा चारा) का वितरण रहा। गर्मी के मौसम को देखते हुए गौवंश के लिए चारे की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है। बरडिया परिवार गोगापुर गौशाला में जीव दया गौ सेवा के तहत इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार उपलब्ध कराया।इस सेवा कार्य के माध्यम से परिवार ने जीव दया के सिद्धांत को चरितार्थ किया। जैन धर्म में अहिंसा और सभी जीवों के प्रति करुणा को सर्वोपरि माना गया है। गौवंश, जो हमारी संस्कृति में माता का दर्जा रखता है, उसकी सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। इस दौरान गौशाला में मौजूद सैकड़ों गौवंशों को आहार कराया गया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई।
सकल जैन श्री संघ की ओर से अनुमोदना एवं आभार
इस अनूठे कार्य की सराहना करते हुए सकल जैन श्री संघ के अध्यक्ष अजय चोरडिया ने कहा कि बरडिया परिवार ने जिस प्रकार समाजसेवा और गौ सेवा को आगे बढ़ाया है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने उपस्थित समाज के सभी महानुभावों के साथ मिलकर बरडिया परिवार गोगापुर गौशाला में जीव दया गौ सेवा के इस प्रयास की खूब अनुमोदना की।
समाज के वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे। सभी ने सर्वसम्मति से माना कि ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक कार्यों को बल मिलता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी गौ सेवा और जीव दया की प्रेरणा मिलती है। गौशाला समिति एवं बरडिया परिवार की ओर से सभी उपस्थित महानुभावों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों का आभार प्रकट किया गया।
अखिल भारतीय बालिका परिषद का सहयोग
गौ सेवा के इस अवसर पर सामाजिक संस्थाओं ने भी अपना सहयोग दिया। अखिल भारतीय बालिका परिषद, महिदपुर रोड शाखा द्वारा ₹1100 की राशि गोगापुर गोपाल गौशाला समिति को भेंट की गई। यह राशि गौशाला के प्रमुख विशाल राव नवघाणे को सौंपी गई।
यह पहल यह दर्शाती है कि जब समाज की विभिन्न संस्थाएं और परिवार मिलकर किसी पुनीत कार्य के लिए आगे आते हैं, तो उसका परिणाम अत्यधिक सकारात्मक होता है। गौशाला समिति के पदाधिकारियों ने बालिका परिषद के इस योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि इस राशि का उपयोग गौवंश की बेहतर देखभाल के लिए किया जाएगा।
गौ सेवा: धर्म और मानवता का संगम
इस पूरे आयोजन में लगभग सभी समाज के महानुभावों ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया। बरडिया परिवार गोगापुर गौशाला में जीव दया गौ सेवा के इस कार्य ने साबित कर दिया कि वास्तविक धर्म केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तो निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने में है। गुरुदेव राजेंद्र सुरिश्वर जी महाराज साहब की 200वीं जन्म शताब्दी पर यह सेवा कार्य उनके प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य समाज में सेवा की भावना को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय आवाहन पर यह कार्यक्रम बड़ी सफलता से संपन्न हुआ।
गौ सेवा का महत्व (Importance of Cow Service)
- धार्मिक दृष्टि: भारतीय संस्कृति में गाय को ‘अभयदान’ और करुणा का प्रतीक माना गया है। उनकी सेवा करना मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।
- सामाजिक दृष्टि: गौशालाओं का संचालन सामूहिक सहयोग से होता है। इससे सामाजिक समरसता बढ़ती है।
- पर्यावरणीय दृष्टि: देशी गायों की नस्लों का संरक्षण जैव विविधता और कृषि चक्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।
निष्कर्ष
बरडिया परिवार ने इस आयोजन से यह संदेश दिया है कि समाज के उत्तरदायित्वों को निभाना ही सच्ची आस्था है। गोगापुर गौशाला में किया गया यह कार्य न केवल गौवंश के लिए वरदान साबित हुआ, बल्कि अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बना। जीव दया और गौ सेवा का यह सिलसिला यूं ही जारी रहे, यही कामना है।


