5-डे वर्किंग की मांग को लेकर बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रदर्शन, MP-CG समेत देशभर में नारेबाजी
बैंकिंग क्षेत्र में 5 दिन काम और 2 दिन अवकाश की मांग तेज, भोपाल, रायपुर और अंबिकापुर समेत जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
भोपाल/रायपुर। बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने 12 अगस्त को देशभर में प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बैंक कर्मचारियों ने अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सरकार के सामने अपनी मांगों को रखा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 5 दिन कार्य और 2 दिन अवकाश की व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर और अंबिकापुर में भी बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
5-डे वर्किंग की मांग को लेकर लामबंद हुए बैंककर्मी
बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा कार्यप्रणाली में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सप्ताह में दो दिन का नियमित अवकाश मिलने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इसी मांग को लेकर बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने प्रदर्शन का आह्वान किया। देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
भोपाल समेत MP के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
मध्यप्रदेश में राजधानी भोपाल समेत सभी जिला मुख्यालयों पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 5-डे वर्किंग लागू करने की मांग को लेकर नारे लगाए।
बैंक कर्मचारियों की ओर से कहा गया कि बैंकिंग सेक्टर में काम की प्रकृति लगातार बदल रही है। डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के बावजूद कर्मचारियों पर जिम्मेदारियां और काम का दबाव बना हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों को पर्याप्त साप्ताहिक अवकाश मिलना जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई।
रायपुर और अंबिकापुर में भी दिखा असर
छत्तीसगढ़ में भी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। राजधानी रायपुर में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी प्रदर्शन में शामिल हुए।
अंबिकापुर में भी बैंक कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांग रखी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन काम और दो दिन अवकाश की व्यवस्था से कर्मचारियों को व्यक्तिगत और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए भी पर्याप्त समय मिल सकेगा।
कर्मचारी बोले- काम और निजी जीवन में संतुलन जरूरी
प्रदर्शन में शामिल बैंक कर्मचारियों का कहना है कि आज बैंकिंग सेवाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं। ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन बैंक कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी लगातार बढ़ रही हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, काम के बढ़ते दबाव के बीच नियमित दो दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलने से मानसिक और शारीरिक रूप से राहत मिलेगी। इससे कर्मचारी अधिक ऊर्जा और बेहतर कार्यक्षमता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।
देशभर में एक साथ उठी मांग
5-डे वर्किंग की मांग केवल मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रही। देश के विभिन्न राज्यों में भी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांग को मजबूती से उठाया।
प्रदर्शन के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों ने सरकार से इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से 5-डे वर्किंग की मांग की जा रही है और अब इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।
सरकार के फैसले पर नजर
बैंक कर्मचारियों के देशव्यापी प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजर सरकार और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और 5-डे वर्किंग को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
फिलहाल प्रदर्शन के जरिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि 5 दिन काम और 2 दिन अवकाश की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
