बम्होरी जलेश्वर महादेव शिवाभिषेक भुजरियां पर्व पर श्रद्धा के साथ हुआ। युवा नर्मदा जल लेकर पहुंचे और महादेव का अभिषेक किया। पुजारी तुलसीराम शर्मा व ग्रामीणों ने स्थायी स्थापना की मांग उठाई।
बम्होरी जलेश्वर महादेव शिवाभिषेक: भुजरियां पर्व पर भव्य आयोजन, नर्मदा जल लेकर पहुंचे युवा
बम्होरी। बम्होरी जलेश्वर महादेव शिवाभिषेक भुजरियां पर्व के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं पूजन के लिए पहुंचे।
नर्मदा जल लेकर बम्होरी पहुंचे युवा
इस अवसर पर कुछ युवा श्रद्धालु नर्मदा नदी से कांवड़ में पवित्र जल भरकर बम्होरी पहुंचे। युवाओं ने कांवड़ में लाए नर्मदा जल से जलेश्वर महादेव का विधि-विधान से अभिषेक किया।
नर्मदा जल से शिवाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली। युवाओं ने भगवान महादेव से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
जलेश्वर महादेव से जुड़ी है विशेष परंपरा
उल्लेखनीय है कि जलेश्वर महादेव की विशेष परंपरा के अनुसार वर्ष में दो बार थाना परिसर स्थित मंदिर से भगवान शिव को बम्होरी स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस परिसर में स्थापित किया जाता है, जहां श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना एवं शिवाभिषेक किया जाता है।
भुजरियां पर्व के अवसर पर भी जलेश्वर महादेव को रेस्ट हाउस परिसर में विराजमान किया गया, जहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
पुलिस प्रशासन का रहा पूर्ण सहयोग
आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग रहा। थाना प्रभारी बम्होरी प्रीतम सिंह राजपूत सहित पुलिस स्टाफ मौके पर मौजूद रहा।
श्रद्धालुओं का आवागमन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा तथा पुलिस द्वारा व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए।
जलेश्वर महादेव को स्थायी स्थान देने की उठी मांग
दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं एवं वर्षभर जलेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी तुलसीराम शर्मा ने प्रशासन से जलेश्वर महादेव की स्थायी स्थापना एक ही स्थान पर किए जाने की मांग की।
पुजारी तुलसीराम शर्मा ने कहा कि जलेश्वर महादेव की पूरे वर्ष थाना परिसर स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना होती है, लेकिन वर्ष में दो बार उन्हें पुराने स्थान पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस परिसर में ले जाकर स्थापित किया जाता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि अब महादेव को स्थायी रूप से एक स्थान प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि उनकी पूजा-अर्चना नियमित रूप से एक ही स्थान पर हो सके।
आपसी सहमति से स्थायी स्थान तय करने की मांग
उन्होंने कहा कि भगवान शिव शांति, साधना और ध्यान के प्रतीक हैं। ऐसे में उनकी स्थायी स्थापना को लेकर किसी प्रकार का विवाद या असमंजस नहीं होना चाहिए। प्रशासन एवं संबंधित लोगों को आपसी सहमति से महादेव के लिए एक स्थायी स्थान तय करना चाहिए।
वहीं आसपास के ग्रामीणों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जलेश्वर महादेव की पूरे वर्ष थाना परिसर स्थित मंदिर में पूजा होती है। ऐसे में वर्ष में दो बार उन्हें दूसरे स्थान पर ले जाने की परंपरा को समाप्त कर एक ही स्थान पर स्थायी स्थापना की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि भगवान शिव को सम्मानपूर्वक एक स्थायी स्थान मिलना चाहिए, जिससे श्रद्धालु वर्षभर सहजता से पूजा-अर्चना एवं दर्शन कर सकें।

