Balochistan में बड़ा विद्रोह: एक साथ 10 से ज्यादा शहरों में BLA का हमला,
क्वेटा/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत Balochistan प्रांत में शनिवार सुबह हालात उस समय बेकाबू हो गए जब बलोच विद्रोहियों ने एक साथ कई बड़े शहरों में व्यापक और सुनियोजित हमले कर दिए। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA), विशेष रूप से उसके जेयंद गुट, ने “ऑपरेशन हेरोफ़” के दूसरे चरण के तहत क्वेटा, ग्वादर, पसनी, मस्तंग, नुश्की, कलात समेत कई इलाकों में पुलिस थानों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद पूरे प्रांत में तनाव का माहौल है और पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सुबह-सुबह धमाकों से दहला क्वेटा
समाचार एजेंसियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार सुबह करीब 6 बजे Balochistan की राजधानी क्वेटा में एक जोरदार धमाके के साथ हमलों की शुरुआत हुई। इसके बाद लगभग दो घंटे तक लगातार गोलीबारी और कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हमलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई इलाकों में लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि हथियारबंद विद्रोहियों ने रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाते हुए पुलिस मोबाइल और चेकपोस्ट्स पर हमला किया। सरयाब रोड इलाके में एक पुलिस मोबाइल पर हुए हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि की गई है।
एक साथ कई शहरों में हमले, पुलिस थानों पर कब्जे का दावा
बलोच विद्रोहियों ने केवल क्वेटा ही नहीं, बल्कि ग्वादर, पसनी, मस्तंग, नुश्की, कलात और अन्य जिलों में भी एक साथ हमले किए। सोशल मीडिया पर सक्रिय स्थानीय पत्रकारों और द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, कई इलाकों में विद्रोहियों ने पुलिस थानों और सरकारी भवनों पर कब्जा कर लिया।
मस्तंग में पुलिस स्टेशन पर कब्जे और 30 से अधिक कैदियों के फरार होने की खबर सामने आई है। वहीं ग्वादर और पसनी जैसे तटीय इलाकों में भी गोलीबारी और हमलों की पुष्टि की गई है। कलात और आसपास के क्षेत्रों में झड़पें देर तक जारी रहीं।
BLA की अपील: “घर से बाहर निकलें, संघर्ष का साथ दें”
इन हमलों के बीच बलोच लिबरेशन आर्मी ने अपने कमांडर-इन-चीफ बशीर ज़ेब बलूच का एक वीडियो संदेश जारी किया। यह वीडियो ब्राहुई और बलूची भाषाओं में जारी किया गया, जिसमें उन्होंने बलूच लोगों से सड़कों पर उतरने और पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष में शामिल होने की अपील की।
बशीर ज़ेब बलूच ने दावा किया कि “ऑपरेशन हेरोफ़” के दूसरे चरण के तहत बलूचिस्तान के दस शहरों में एक साथ हमले किए गए हैं। उन्होंने इसे संघर्ष का निर्णायक दौर बताते हुए कहा कि जो लोग इस समय साथ नहीं खड़े होंगे, इतिहास उन्हें हार के रूप में याद रखेगा।
उन्होंने कहा,
“हम चरमपंथी नहीं हैं। लेकिन जब हमारी ज़मीन और हमारे वजूद की बात आती है, तो हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। हमने किसी पर कब्जा नहीं किया, बल्कि हम पर कब्जा किया गया है। हमारी लड़ाई न्याय की लड़ाई है।”
Pakistan सरकार और सेना के दावे
पाकिस्तानी मीडिया जियो न्यूज़ के अनुसार इन हमलों में अब तक 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 58 से अधिक आतंकियों को मार गिराया है।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के राजनीतिक और मीडिया मामलों के विशेष सलाहकार शाहिद रिंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पिछले 48 घंटों में पूरे प्रांत में सुरक्षा बलों ने 70 से अधिक विद्रोहियों को ढेर किया है। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मोबाइल डेटा बंद, अस्पतालों में इमरजेंसी
Pakistan के प्रमुख अखबार डॉन के एक रिपोर्टर के मुताबिक हमलों के बाद क्वेटा, सिबी और चमन जैसे शहरों में मोबाइल कॉलिंग सेवाएं चालू रहीं, लेकिन मोबाइल डेटा सेवाएं बंद कर दी गईं। इससे सूचना के प्रवाह पर भी असर पड़ा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बलूचिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री बख्त मुहम्मद काकर और स्वास्थ्य सचिव मुजीबुर रहमान के निर्देश पर पूरे प्रांत के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
रेलवे ट्रैक पर IED और एंटी-टैंक माइन बरामद
सुरक्षा एजेंसियों ने नसीराबाद ज़िले में एक बड़े हमले को नाकाम करने का दावा किया है। नसीराबाद के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस असदुल्लाह नासिर ने बताया कि रबी पुल के पास रेलवे ट्रैक पर एंटी-टैंक माइन और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
उनके अनुसार पुलिस, फ्रंटियर कोर (FC) और स्पेशल ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक IED को निष्क्रिय कर दिया। बरामद सामग्री में आधा किलो विस्फोटक, पेट्रोल और एक लोहे की रॉड शामिल थी।
पूरे Balochistan में तनावपूर्ण हालात
स्थानीय लोगों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार क्वेटा, नुश्की, कलात, मस्तंग, दलबांदिन, खारान, ग्वादर, पसनी, टंप, बुलेदा और धदार जैसे इलाकों में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई स्थानों से भारी गोलीबारी, धमाकों और सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें आई हैं।
क्वेटा के निवासियों ने बताया कि संवेदनशील रेड ज़ोन इलाकों में भी गोलियों और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिससे आम नागरिकों में दहशत का माहौल है।
पाकिस्तान के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ इतने बड़े पैमाने पर हुए हमले पाकिस्तान के लिए गंभीर चेतावनी हैं। हाल ही में क्षेत्रीय हालात, विशेष रूप से ईरान और अफगानिस्तान से जुड़ी अस्थिरता, पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा रही है। बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा न केवल आंतरिक सुरक्षा, बल्कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) जैसी परियोजनाओं के लिए भी बड़ा खतरा मानी जा रही है।
निष्कर्ष
बलूचिस्तान में शनिवार को हुए ये हमले केवल सुरक्षा बलों पर हमला नहीं, बल्कि पाकिस्तान की राज्य व्यवस्था और नियंत्रण क्षमता के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। BLA द्वारा एक साथ कई शहरों को निशाना बनाना इस बात का संकेत है कि विद्रोही संगठन अपनी रणनीति और क्षमता को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान सरकार और सेना इस स्थिति से कैसे निपटती है और क्या बलूचिस्तान में लंबे समय से चले आ रहे असंतोष और हिंसा का कोई राजनीतिक समाधान निकल पाता है या नहीं।
