Bagli में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की तहसील स्तरीय बैठक और फाग उत्सव का सफल आयोजन
Bagli (देवास) में 24 फरवरी 2026 को भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के तत्वावधान में एक तहसील स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक संगठन के विस्तार, समाजिक जागरूकता और विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष श्रीमती अरुणा त्रिपाठी ने किया।
Bagli बैठक में हुई विस्तृत चर्चा
Bagli बैठक के दौरान संगठन की कार्यप्रणाली, समाज में मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित सदस्यों को ट्रस्ट के उद्देश्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं को संगठन से जुड़ने और समाज में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष श्रीमती अरुणा त्रिपाठी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सहयोग पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता अभियान को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।
बैठक में राष्ट्रीय सदस्य श्रीमती सुधा रानी शर्मा, प्रदेश महामंत्री श्रीमती संध्या शिवहरे, जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष श्रीमती अरुणा त्रिपाठी, सदस्य श्रीमती गीता चौधरी, श्रीमती रचना नागौरी, श्रीमती रानी यादव और नगर अध्यक्ष श्रीमती दाखा कारपेंटर सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी ने सक्रिय रूप से संगठन के उद्देश्यों पर चर्चा की और आगे के कार्यक्रमों के लिए योजना बनाई।
फाग उत्सव का आयोजन
Bagli बैठक के बाद राम दरबार परिसर में पारंपरिक फाग उत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रहा। फाग उत्सव में फूलों और गुलाल से होली का हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भजन और होली गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नृत्य और गीतों के माध्यम से कार्यक्रम को आनंदमय और जीवंत बनाया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने चाय और नाश्ते का आनंद लिया। इस अवसर ने प्रतिभागियों को संगठन के साथ जुड़ाव, सामुदायिक भावना और पारिवारिक आत्मीयता का अनुभव कराया। महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर फाग उत्सव को यादगार बनाया।
संगठनात्मक संदेश और महिला सशक्तिकरण
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य केवल मानव अधिकारों की रक्षा नहीं बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना भी है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को संगठन के विस्तार और जनसेवा के लिए शुभकामनाएँ दी।
संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैध, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता और जीवनलाल जैन चाय वाले ने भी बैठक और उत्सव की सफलता पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन को मजबूत किया जाएगा।
संगठन के उद्देश्यों की पुनः पुष्टि
बैठक और उत्सव दोनों का उद्देश्य समाज में न्याय, सहयोग और जागरूकता फैलाना रहा। उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने विचार साझा किए कि कैसे अंतिम व्यक्ति तक संगठन के प्रयास और सहायता पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि महिला सहभागिता के माध्यम से संगठनात्मक मजबूती और सांस्कृतिक एकता को बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रीय और जिला स्तर के पदाधिकारियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल सामाजिक जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि लोगों में सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी विकसित करना है।
कार्यक्रम की विशेषताएँ
- बैठक में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और संगठन विस्तार पर जोर।
- जन-जागरूकता अभियान और मानव सेवा गतिविधियों की योजना।
- राम दरबार परिसर में पारंपरिक फाग उत्सव, भजन और होली गीतों के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- चाय-नाश्ते की व्यवस्था और सहभागियों में आत्मीयता और पारिवारिक भावना का अनुभव।
- संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री और जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष के सान्निध्य में मार्गदर्शन।
- महिला सशक्तिकरण, समाज में सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों की स्थापना का संदेश।
निष्कर्ष
24 फरवरी 2026 को Bagli में आयोजित बैठक और फाग उत्सव ने भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सक्रियता, मातृशक्ति की सहभागिता और संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। यह आयोजन न केवल महिलाओं को सशक्त बनाने का अवसर रहा, बल्कि संगठनात्मक एकता और सांस्कृतिक परंपरा को भी मजबूती प्रदान की।
भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ट्रस्ट समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सहयोग और जागरूकता पहुंचाने के प्रयास को और सशक्त करेगा। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा।
