बगड़ी में करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत, मकान के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन पर उठे सवाल
Bagdi में करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत, हाईटेंशन लाइन को लेकर उठे गंभीर सवाल
पीथमपुर (धार): धार जिले के पीथमपुर क्षेत्र के बगड़ी गांव में करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान भूपेंद्र पिता शिवप्रसाद के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक के पिता शिवप्रसाद ने बताया कि उनके मकान के ऊपर से लंबे समय से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी, जिससे लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। उनका आरोप है कि इस संबंध में कई बार बिजली विभाग को मौखिक रूप से अवगत कराया गया था। इसके अलावा 181 हेल्पलाइन पर भी दो बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते हाईटेंशन लाइन को हटाया जाता या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता तथा गांव में मकानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है।
मकान के ऊपर से गुजर रही थी हाईटेंशन लाइन
मृतक के पिता शिवप्रसाद ने बताया कि उनके मकान के ऊपर से लंबे समय से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। उनके अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को मौखिक रूप से दी गई थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में 181 हेल्पलाइन पर दो बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो बिजली लाइन को हटाया गया और न ही उसे किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई।
परिजनों ने लापरवाही को बताया हादसे का कारण
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए होते, तो इस दुखद घटना को टाला जा सकता था। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की कथित लापरवाही और शिकायतों की अनदेखी के कारण आज परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया।
परिवार का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि समय पर कार्रवाई नहीं होने का परिणाम है। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
गांव में शोक और आक्रोश का माहौल
हादसे के बाद बगड़ी गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर मकानों के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइनें गुजर रही हैं, जो भविष्य में भी ऐसे हादसों का कारण बन सकती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे गांव का सर्वे कराया जाए और जहां भी मकानों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शिकायतों की अनदेखी हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और आवश्यक सरकारी राहत उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
यह घटना बिजली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आबादी वाले क्षेत्रों में मकानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनें हमेशा जोखिम पैदा करती हैं। ऐसे स्थानों का नियमित निरीक्षण, शिकायतों का समय पर निराकरण और आवश्यक तकनीकी सुधार भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी हैं।
फिलहाल बगड़ी गांव में इस दर्दनाक हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
।
