5 राज्यों में 17 जगह नकबजनी करने वाली बागरिया गैंग का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार
मंदसौर। संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मंदसौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बागरिया गैंग का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर नकबजनी और चोरी की 17 वारदातों में शामिल रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी की वारदातों में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गैंग से जुड़ी अन्य वारदातों और संभावित साथियों की जानकारी जुटा रही है।
मंदसौर में मकान चोरी से शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को थाना कोतवाली मंदसौर में एक मकान में चोरी की शिकायत दर्ज हुई थी। अज्ञात बदमाश मकान का गेट तोड़कर अंदर दाखिल हुए थे। इसके बाद अलमारी में रखे करीब 20 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर फरार हो गए थे।
मामले में थाना कोतवाली मंदसौर में अपराध क्रमांक 465/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में पुलिस के सामने अंतरराज्यीय बागरिया गैंग की गतिविधियों का खुलासा हुआ।
पांच राज्यों में फैला था चोरी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य एक साथ निकलकर अलग-अलग शहरों में रेकी करते और मौका देखकर बंद मकानों को निशाना बनाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों में 17 चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के मुताबिक, गैंग से जुड़े आरोपियों ने इंदौर, रतलाम, आगरा, राजसमंद, नाथद्वारा, उदयपुर, मालेगांव, धुलिया, दिल्ली और गुरुग्राम सहित कई स्थानों पर वारदातें की थीं। इन घटनाओं के संबंध में संबंधित थानों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस जांच में सामने आई है।
इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गैंग लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था और चोरी के लिए शहर बदलता रहता था।

छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- शिवराम उर्फ हनुमान पिता लादूराम बागरिया, निवासी ग्राम देवरिया कला, जिला अजमेर।
- सांवरा पिता रमेश बागरिया, निवासी चंपानेरी, जिला अजमेर।
- सूरज पिता रमेश बागरिया, निवासी चंपानेरी, जिला अजमेर।
- मंदसौबढ़िया उर्फ सावरा, निवासी ग्राम कुसायता।
- उमराव पिता लादूराम लोहार, निवासी कोटिया, जिला भीलवाड़ा, हाल मुकाम विजयनगर, ब्यावर।
- कालूराम पिता रतनलाल बागरिया, निवासी चंपानेरी, जिला अजमेर।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी का माल कहां खपाया जाता था और गैंग में इनके अलावा कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
20 लाख के जेवर बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब बरामद आभूषणों को अलग-अलग चोरी की घटनाओं से जोड़ने की कार्रवाई कर रही है।
इसके अलावा आरोपियों के पास से नकबजनी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद हुए हैं। इनमें दो टॉमी, एक इलेक्ट्रॉनिक कटर, दो ग्लव्स और एक प्लास्टिक प्लास शामिल हैं।
पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल बंद मकानों के ताले या अन्य अवरोध तोड़ने में किया जाता था।
अन्य वारदातों की भी जांच जारी
गैंग के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। पांच राज्यों में वारदातों की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित पुलिस थानों से भी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गैंग ने किन-किन इलाकों में रेकी की थी और चोरी के बाद माल को किस माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता था।
जांच में यदि अन्य आरोपियों या सहयोगियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौर, थाना प्रभारी नाहरगढ़ निरीक्षक वरुण तिवारी, उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह कनेश, उप निरीक्षक संदीप मौर्य सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साथ ही प्रधान आरक्षक उमंग शर्मा, प्रधान आरक्षक अर्जुन सिंह राठौर, प्रधान आरक्षक हरिश यादव, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी, प्रधान आरक्षक मनीष बघेल, प्रधान आरक्षक मुजफ्फरुद्दीन तथा आरक्षक हरिश राठौर, आशुतोष, मंगल और शैलेन्द्र सिंह ने भी कार्रवाई में योगदान दिया।
मंदसौर पुलिस की इस कार्रवाई से पांच राज्यों में सक्रिय बताए जा रहे बागरिया गैंग का नेटवर्क सामने आया है। पुलिस अब बरामद जेवरात को संबंधित मामलों से जोड़ने और गैंग की अन्य आपराधिक गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है।
दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
