बद्रीनाथ धाम में गूंजा नंद के आनंद भय्यो, जय कन्हैया लाल की: इंदौरी भक्त मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
इंदौर / बद्रीनाथ धाम:
इंदौरी भक्त मंडल ‘श्री श्यामा परिवार’ के तत्वावधान में पवित्र बद्रीनाथ धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। बद्री विशाल की पावन धरा पर आयोजित इस कथा में जैसे ही बाल गोपाल श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ, पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भय्यो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
व्यास पीठ पूजन से हुई कथा की शुरुआत
कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान रामकृष्ण शर्मा एवं राम शर्मा सहित राजेश-शशि गर्ग, मनोज मंत्री, आरती सोनी, सीमा जड़िया, हरजीत कौर तथा सविता जिंदल आदि गणमान्य श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का विधि-विधान से पूजन कर आरती उतारी और पूज्य व्यास जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
अधर्म के नाश के लिए होता है प्रभु का अवतार: पं. मयंक व्यास
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा मर्मज्ञ पंडित मयंक व्यास (इंदौर) ने भगवान श्री हरि के विभिन्न अवतारों और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दिव्य एवं सुंदर वर्णन किया।
कथा मर्मज्ञ पंडित मयंक व्यास ने भागवत मर्म समझाते हुए कहा, “जब-जब इस पृथ्वी पर अन्याय, अधर्म और अत्याचार बढ़ा है, तब-तब भगवान ने भक्तों के कल्याण और असुरी शक्तियों का संहार करने के लिए इस धरा पर अवतार लिया है। द्वापर युग में कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए ही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ।”

भजनों पर झूमे श्रद्धालु, सजावट रही आकर्षण का केंद्र
कथा के दौरान पंडित मयंक व्यास ने श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग का ऐसा सजीव वर्णन प्रस्तुत किया कि बद्रीनाथ धाम में उपस्थित सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इस विशेष अवसर पर पूरे कथा पंडाल को जन्माष्टमी पर्व की तरह भव्य और आकर्षक रूप से सजाया गया था।
जैसे ही कान्हा का जन्म हुआ, बधाई गीत और सुमधुर भजनों की तान पर इंदौर से आए बड़ी संख्या में भक्तगण झूम-झूम कर नृत्य करने लगे। इस दौरान माखन-मिश्री का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
इंदौर से बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तजन
इंदौरी भक्त मंडल ‘श्री श्यामा परिवार’ के शिव जिंदल ने बताया कि इस सात दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा में इंदौर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ धाम पहुंचकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ लिया। आयोजन को सफल बनाने में मंडल के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
