बछोड़िया बस स्टैंड से डीपी हटाने की मांग, ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था सुधारने की उठाई आवाज
बस स्टैंड पर खतरनाक विद्युत डीपी से ग्रामीणों में आक्रोश
संवाददाता – अर्जुन कुमावत, बछोड़िया
पिपलोदा/सुखेड़ा (रतलाम)। ग्राम बछोड़िया के व्यस्त बस स्टैंड और सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थापित विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर (डीपी) को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आबादी वाले क्षेत्र और मुख्य मार्ग के समीप स्थित इस डीपी के आसपास विद्युत लाइनों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइनें, पेड़ों से उलझे हाई-वोल्टेज तार और खंभों पर फैली जंगली बेलों के कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के साथ ही बस स्टैंड क्षेत्र में स्थापित डीपी को आबादी से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
सार्वजनिक स्थान पर डीपी से सुरक्षा का खतरा
बछोड़िया का बस स्टैंड ग्रामीणों और आसपास के लोगों की आवाजाही वाला प्रमुख सार्वजनिक स्थान है। यहां दिनभर यात्रियों, ग्रामीणों, बच्चों और राहगीरों की आवाजाही रहती है। ऐसे व्यस्त क्षेत्र में विद्युत वितरण डीपी की मौजूदगी को ग्रामीण सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर समस्या मान रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि डीपी के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में किसी व्यक्ति के संपर्क में आने या विद्युत फॉल्ट होने से बड़ा हादसा हो सकता है। खासतौर पर बारिश और तेज हवा के दौरान खतरा और बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीपी को आबादी और सार्वजनिक आवागमन वाले क्षेत्र से हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जाए।
पेड़ों से उलझे हाई-वोल्टेज तार
ग्रामीणों के अनुसार बस स्टैंड और सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के आसपास विद्युत पोल के समीप लगे पेड़ों की शाखाएं ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों से उलझी हुई हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां विद्युत तारों के बेहद करीब दिखाई देती हैं।
तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों की शाखाओं के विद्युत तारों से टकराने की स्थिति में स्पार्किंग, शॉर्ट सर्किट या विद्युत आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ों की छंटाई नहीं की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
उन्होंने विद्युत विभाग से मांग की है कि पोल और बिजली की लाइनों के आसपास मौजूद पेड़ों की आवश्यक कटाई-छंटाई तत्काल कराई जाए।
खंभों पर फैली जंगली बेलें भी बनी परेशानी
विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने एक अन्य समस्या की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। क्षेत्र में कई बिजली के खंभों और उनके आसपास जंगली बेलें फैल गई हैं। इन बेलों के कारण विद्युत पोल और तारों के आसपास अतिरिक्त खतरा पैदा हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बेलों की नियमित सफाई नहीं होने से विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। नमी के मौसम में यह स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है। ऐसे में बिजली के खंभों और लाइनों के आसपास उगी बेलों तथा झाड़ियों को तत्काल हटाया जाना आवश्यक है।

जर्जर विद्युत व्यवस्था को लेकर चिंता
ग्रामीणों ने केवल डीपी को स्थानांतरित करने की मांग ही नहीं की है, बल्कि क्षेत्र की पूरी विद्युत व्यवस्था की जांच और आवश्यक सुधार की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि कई जगह बिजली की लाइनें पुरानी और जर्जर स्थिति में हैं। सार्वजनिक स्थानों के आसपास इस तरह की स्थिति लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा का भी विषय है।
ग्रामीणों के अनुसार विद्युत विभाग को मौके का निरीक्षण कर डीपी, विद्युत पोल, तारों और आसपास के पेड़ों की स्थिति का जायजा लेना चाहिए। जहां भी तकनीकी खामी या सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे, वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जाना चाहिए।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज
बछोड़िया के जिम्मेदार नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत वितरण केंद्र सुखेड़ा के अधिकारियों से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
सरपंच प्रतिनिधि दशरथ गेहलोद, पूर्व सरपंच रतनलाल बोस, प्रहलाद कुमावत, अजयपाल सिंह, बसंत सिंह, मोतीलाल, पप्पू टेलर और विजय दास बैरागी सहित कई ग्रामीणों ने डीपी को आबादी वाले क्षेत्र से हटाने की मांग रखी है।
डीपी को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग
ग्रामीणों की सबसे प्रमुख मांग बस स्टैंड क्षेत्र में स्थापित विद्युत डीपी को किसी सुरक्षित और कम भीड़भाड़ वाले स्थान पर स्थानांतरित करने की है। ग्रामीणों का मानना है कि डीपी को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने से बस स्टैंड पर आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने डीपी के आसपास सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्था करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर विद्युत उपकरण होने के कारण सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
समय रहते कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि पेड़ों की कटाई-छंटाई, जंगली बेलों की सफाई और जर्जर विद्युत लाइनों की जांच जैसे कार्य तत्काल किए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी विवाद को जन्म देने के लिए नहीं, बल्कि गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। बस स्टैंड और मंदिर के आसपास लगातार लोगों की आवाजाही को देखते हुए विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है।
बड़ी अनहोनी से पहले समाधान जरूरी
बछोड़िया के ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करना उचित नहीं है। बस स्टैंड जैसे व्यस्त क्षेत्र में डीपी, पेड़ों से उलझे विद्युत तार और खंभों पर फैली बेलों की स्थिति किसी संभावित दुर्घटना का कारण बन सकती है।
ऐसे में ग्रामीणों ने विद्युत वितरण केंद्र सुखेड़ा के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए डीपी को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और विद्युत लाइनों एवं पोल के आसपास आवश्यक रखरखाव कराया जाए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग समय रहते कार्रवाई करेगा और बछोड़िया में विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
संवाददाता – अर्जुन कुमावत, बछोड़िया
