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मेडिकल कॉलेज के छात्र के पास कथित बम बनाने संबंधी नोट्स मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं जांच

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Published On: 1 August 2026
Police and security personnel investigate at Rajarshi Dashrath Medical College in Ayodhya after a paramedical student was questioned over the alleged recovery of bomb-making notes
— Police and security personnel investigate at Rajarshi Dashrath Medical College in Ayodhya after a paramedical student was questioned over the alleged recovery of bomb-making notes

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मेडिकल कॉलेज के छात्र के पास कथित बम बनाने संबंधी नोट्स मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं जांच

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पैरामेडिकल छात्र के पास कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने से संबंधित हस्तलिखित नोट्स मिलने की सूचना सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र के पास से मिली पर्ची में कथित रूप से विस्फोटक पदार्थ तैयार करने से संबंधित तकनीकी जानकारियां, उनकी क्षमता और अन्य विवरण लिखे हुए थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में किसी आतंकी गतिविधि, आपराधिक साजिश या किसी संगठन से संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, संबंधित छात्र की पहचान सरफराज खान, निवासी बलरामपुर, के रूप में हुई है। वह राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे टेक्नीशियन (डिप्लोमा) प्रथम वर्ष का छात्र है।

बताया जा रहा है कि नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान छात्र की लैब ड्यूटी चल रही थी। इसी दौरान उसके पास से एक हस्तलिखित पर्ची मिलने की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया कि उस पर्ची में कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने से जुड़ी कुछ तकनीकी जानकारियां लिखी हुई थीं।

कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम कॉलेज पहुंची और छात्र को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।

कॉलेज प्रशासन ने तुरंत दी पुलिस को सूचना

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि परिसर की सुरक्षा और विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए जैसे ही संदिग्ध सामग्री मिलने की जानकारी मिली, बिना किसी देरी के पुलिस को सूचित किया गया।

कॉलेज प्रशासन ने पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। साथ ही संस्थान के अधिकारियों ने आंतरिक स्तर पर भी मामले की समीक्षा शुरू कर दी है।

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।

छात्र से लगातार पूछताछ जारी

पुलिस ने छात्र को पहले दर्शननगर पुलिस चौकी ले जाकर प्रारंभिक पूछताछ की। इसके बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए कोतवाली ले जाया गया।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित नोट्स छात्र ने स्वयं तैयार किए थे या किसी अन्य स्रोत से प्राप्त किए थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन नोट्स का उद्देश्य क्या था और क्या उनका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी हुईं सक्रिय

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं।

एजेंसियां छात्र की गतिविधियों, संपर्कों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और फिलहाल किसी भी बड़े निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

लैब रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की भी हो रही जांच

कॉलेज प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच कर रहे हैं।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • छात्र की लैब उपस्थिति और रिकॉर्ड
  • कॉलेज परिसर के सीसीटीवी फुटेज
  • छात्र की शैक्षणिक गतिविधियां
  • बरामद नोट्स की प्रकृति
  • नोट्स तैयार करने या प्राप्त करने का संभावित स्रोत

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कथित नोट्स केवल अध्ययन या व्यक्तिगत रुचि से जुड़े थे अथवा उनका कोई अन्य उद्देश्य था।

फॉरेंसिक जांच की भी संभावना

सूत्रों के अनुसार, बरामद पर्ची और अन्य संबंधित सामग्री को आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है।

यदि जांच एजेंसियों को जरूरत महसूस होती है तो हस्तलेखन की जांच, डिजिटल उपकरणों की जांच और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण भी कराए जा सकते हैं ताकि पूरे मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके।

पुलिस का आधिकारिक बयान

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और उपलब्ध तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विशेषज्ञ एजेंसियों का भी सहयोग लिया जाएगा।

सीओ ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

अभी तक किसी आतंकी या आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन, आपराधिक नेटवर्क या किसी बड़ी साजिश से जुड़े होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही विभिन्न प्रकार की अपुष्ट जानकारियों से बचना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद यदि कोई तथ्य सामने आता है तो उसी के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाएं साझा न करें और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि इससे जांच प्रभावित हो सकती है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और परिसर में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। पुलिस, कॉलेज प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक मंशा या कानून का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में कोई आपराधिक तत्व नहीं मिलता है, तो उसके अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।

निष्कर्ष

अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में छात्र के पास कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने संबंधी नोट्स मिलने की सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और किसी भी प्रकार की आतंकी या आपराधिक साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जांच पूरी होने तक मामले को केवल प्रारंभिक सूचना के आधार पर देखा जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें.

 

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