पाकिस्तान की संसद के सीनेट ने सोमवार को विवादास्पद 27वें संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दे दी। इस संशोधन के तहत नया पद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज Chief of Defence Forcesबनाया जाएगा और एक संवैधानिक न्यायालय Constitutional Court की स्थापना की जाएगी। इस कानून के लागू होने के बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर की सत्ता और बढ़ जाएगी। समर्थक इसे साइलेंट तख्तापलट मान रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ करार दे रहा है।

खुद को आजीवन फील्ड मार्शल बनाएंगे असीम मुनीर :
संशोधन के अनुसार, राष्ट्रपति सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेंगे। इसके अलावा, ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन का कार्यकाल 27 नवंबर 2025 को समाप्त होगा। बिल के लागू होने पर मुनीर खुद को जीवन भर फील्ड मार्शल बनाए रखने का अधिकार भी सुरक्षित करेंगे। नया संवैधानिक न्यायालय केवल संवैधानिक मामलों की सुनवाई करेगा, जबकि सुप्रीम कोर्ट पारंपरिक दीवानी और आपराधिक मामलों पर ध्यान देगी।
सांसदो के वाकआउट करने पर भी बिल हुआ पास :
विपक्ष विशेषकर इमरान खान की पार्टी PTI ने बिल का कड़ा विरोध किया। सीनेट में विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की, बिल की प्रतियां फाड़ीं और कुछ सांसद वॉकआउट कर गए। इसके बाद सरकार और उसके सहयोगी दलों के पास पर्याप्त बहुमत होने के कारण बिल आसानी से पास हो गया।
